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एक्सपर्ट : नए साल के संकल्पों में क्या आपके लिवर के स्वास्थ्य का स्थान है? पढ़ें ये 10 बातें

घरेलू नुस्‍ख By डॉ लक्ष्मी , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Jan 07, 2010
एक्सपर्ट : नए साल के संकल्पों में क्या आपके लिवर के स्वास्थ्य का स्थान है? पढ़ें ये 10 बातें

शराब हमारे लिवर को खराब करने वाला सबसे बड़ा कारक माना जाता है, इसके साथ ही यह वायरल हेपेटाईटिस और मोटापे के लिए भी जिम्मेदार होता है। कई लोग बचाव हेतु या बीमारी के बाद आयुर्वेद को अपना रहे हैं। इससे लिवर को विशाक्तता से बचाने को महत्व मिला है। यहां

क्या आपके लीवर का स्वास्थ्य आपके नए साल के संकल्पों की सूची में  अब तक नही है?  आज चिकित्सा विशेषज्ञों ने विषम होती खानपान की प्रणाली से उपजे लिवर की कई समस्याओं की ओर ध्यान दिलाया है। हम देखते है कि व्यकितगत स्वास्थ्य का ध्यान रखने का प्रयास हर व्यकित करता है और वह यह भी जानता है कि हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग लीवर है और उसकी रक्षा करना मतलब शरीर की रक्षा करना है क्योकि यही शरीर की आतंरिक सफाई और मेटाबॉलिज्म के नियंत्रण के लिए यही जिम्मेदार है।

उदाहरण के लिए लोग अब नए बर्ष के लिए सामान्य आध्यार्त्तिमक तरीका मनाते है जिससे कि मन वं तन विशाक्तता से दूर हो सके या फिर समूह में ध्यान करते है या फिर किसी साइलेंस कार्यक्रम को करते हैं। शराब हमारे लिवर को खराब करने वाला सबसे बड़ा कारक माना जाता है, इसके साथ ही यह वायरल हेपेटाईटिस और मोटापे के लिए भी जिम्मेदार होता है। कई लोग बचाव हेतु या बीमारी के बाद आयुर्वेद को अपना रहे हैं। इससे लिवर को विशाक्तता से बचाने को महत्व मिला है। यहां पर अपने लिवर को बचाने के कुछ सुझाव दिए जा रहे है-

1. नींबू चाय का एक गरम कप

घूमने के बाद सबसे पहला कार्य नींबू चाय का एक गरम कप लेकर करें, उसमें थोड़ा शहद भी डालें। इसे गरम की बजाय ठंडे पानी में भी ले सकते हैं। नींबू आपका सिरदर्द दूर करता है ओर शहद आपके शरीर में शक्कर की मात्रा बढ़ाता है।

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2. अदरक चाय

अदरक के कुछ दुकड़े चबाए या फिर अदरक चाय लें। नए साल में ज्यादा हो जाने पर पेट से संबंधित परेशानी भी इससे दूर हो जाती है। इसे भी लेने का प्रयास करें- उबले पानी में में एक दो अदरक के ट्रूकडे डालें और ठंडा होने पर उसमें थोडा शहद मिलाएँ, उसमें क़ुछ बूंदें नींबू की डालें और इसे ग्रहण करें।

3. टमाटर का जूस

टमाटर में फ्रक्टोस के रूप में शक्कर होती है, इससे बाहरी विशाक्तता बाहर होती है। इसमें फाइबर होता है जिससे ब्लोएट फिलिंग से लड़ने में मदद मिलती है। जब ज्यादा पी ली जाती है तो लीवर को ज्यादा मेहनत करना होती है तथा उसका शुगर का स्तर कम हो जाता है जिससै थकान ब कमजोरी लगती है, इसमें टमाटर बाहर आने में मदद करता है।

4. कैबेज सूप

आमतौर पर यह लिवर के लिए अच्छी है। यह सूबह की उक्ताहट को दूर करने के लिए उपयुक्त है यह कोरिया, रूस और लिथवानिया की संस्कृति में भी है। यह शरीर में पाचन क्षमता को बढा देता है।

5. खाना नहीं छोडें

यदि आप पिछली रात में ज्यादा संलग्न रहे आप स्वयं को अस्त-व्यस्त पाते हैं। आप अगली सूबह अपना आपा भी ठीक से नहीं रख सकतें है। अब आपको अपनी थकान से निपटने के लिए ज्यादा उर्जा चाहिये होती है इसलिए आपको खाना खाना चाहिये। इसमें फल ज्यादा हो और सब्जियों के सुप हों।

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6. अवशिष्ट निकल जाने दें

आयुर्वेद के अनुसार उल्टी करना भी विशाक्तता को दूर करने के लिए आवश्यक है।

7. सेंधा नमक

सेंधा नमक में कई तरह के मिनरल्स होते हैं जो शरीर से विशाक्तता दूर करता है। जब आपमें उर्जा की कमी लगती है तब सेंधा नमक इसमें बहुत सहायता करता है। गरम पानी में सेंधा नमक मिलाकर नींबू की कुछ बूंद मिलाकर लेने से फायदा मिलता है।

8. नमक युक्त छाछ

नमक युक्त छाछ आपके लीवर को राहत प्रदान करता है। अनार का एक गिलास जुस आपको उर्जा से भर सकता है।

9. योग 

यदि आप प्रतिदिन योग करते हैं तो इसे जारी रखें। आयुर्वेद के अनुसार शरीर के लिए आवष्यक है इससे आपको शांत और सामान्य लगता है साथ ही आपमें आध्यात्मिक भी महसूस होता है।

10. खराब पाचन है तो शराब छोडिये

आयुर्वेद के अनुसार यदि आपका चापन कमजोर है तो आपको शराब छोडनास चाहिये। नही तो और अधिक समस्या बढ सकती है। आपके लीवर पर बुरा असर पडता है।

11. स्ट्रॉ ब्रीदिंग

आप कुछ स्ट्रॉ ब्रीदिंग का भी प्रयास कर सकते है। जब आप कुछ पीते है तो स्ट्रॉ से पीए और जोर से सांस लेकर पीए। इसके साथ ही उज्जई सांसॅ और प्राणायामक कर सकते है।सुदर्षन क्रिया की आपको आवष्यकता है इससे आपकी शराब पीने की आदत स्वतः ही समाप्त होने लगती है। जो लोग शराब के आदी हैं उनके लिए जरूरी है कि वे अपनी प्रकृति अवष्य जान लें। प्रत्येक शरीर पर शराब अपाना अलग प्रभाव दिखाती है। यदि कोई व्यक्ति नियमित योग, कसरत, प्राणायाम नहीं करते हैं तो वे अल्कोहल को सही ढंग से सोंखने के लिए उपयुक्त नहीं है औश्र बीमारियों को आमंत्रित करते हैं। इसके लिए आपको आयुर्वेद के विशेषज्ञ से संपर्क करें।

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