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प्रेग्नेंसी में मिस्कैरिज से बचने के लिए न खाएं सॉफ्ट चीज़ और ये 20 फूड्स

गर्भावस्‍था By Priyanka Dhamija , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Jul 31, 2017
प्रेग्नेंसी में मिस्कैरिज से बचने के लिए न खाएं सॉफ्ट चीज़ और ये 20 फूड्स

एक्सपर्ट्स कहते हैं कि लिस्टेरिया नामक बैक्टीरिया कई फूड्स में मौजूद होता है, जो होने वाले बच्चे के लिए खतरनाक होता है। इसलिए वो फूड्स जिनमें यह बैक्टीरिया मौजूद होता है, प्रेग्नेंट वुमन को पूरी प्रेग्नेंसी अवॉइड करने चाहिए।

Quick Bites
  • प्रेग्नेंसी के दौरान न खाएं लिस्टेरिया युक्त सॉफ्ट चीज़
  • इस बैक्टीरिया से हो सकता है मिस्कैरिज
  • कई फूड्स में होते हैं मिस्कैरिज कराने वाले बैक्टीरिया और पैरासाइट्स

रिसर्च के मुताबिक, बटर के मुकाबले चीज़ में फैट कम होता है, लेकिन प्रेग्नेंट वुमन को इस बात का ख्याल रखना चाहिए कि वो कौनसा चीज़ खा रही है। डॉक्टर्स की मानें तो गर्भावस्था में सॉफ्ट चीज़ खाना मिस्कैरिज का कारण बन सकता है। सॉफ्ट चीज़ में मौजूद बैक्टीरिया प्लेसेन्टा तक पहुंच सकता है और गर्भपात के चांस बढ़ा देता है। एक्सपर्ट्स कहते हैं कि लिस्टेरिया नामक बैक्टीरिया कई फूड्स में मौजूद होता है, जो होने वाले बच्चे के लिए खतरनाक होता है। इसलिए वो फूड्स जिनमें यह बैक्टीरिया मौजूद होता है, प्रेग्नेंट वुमन को पूरी प्रेग्नेंसी अवॉइड करने चाहिए।

प्रेग्नेंसी के दौरान ये 4 हेल्थ प्रॉब्लम्स बच्चे पर भी असर डाल सकती हैं

लिस्टेरिया के लक्षण काफी हद तक फ्लू जैसे होते हैं। इसमें तेज़ बुखार आता है, मांसपेशियों में बहुत ज़्यादा दर्द होता है, शरीर में ठंड लगती है, दस्त भी लग सकते हैं और महिला बीमार महसूस करती है। कई बार इसके लक्षणों के बारे में पता ही नहीं लगता। रिसर्चर्स कहते हैं कि कई बार मां को लिस्टेरिया से कोई इफेक्ट नहीं होता, लेकिन होने वाले बच्चे पर इसका बुरा प्रभाव पड़ता है। इस बैक्टीरिया के कारण, 2000 में से 11 महिलाओं के बच्चे या तो जन्म के दौरान मरे हुए पैदा होते हैं, या फिर महिलाएं मिस्कैरिज का शिकार हो जाती हैं। कई बार लिस्टेरिया प्री-मेच्योर डिलिवरी की भी वजह बन जाता है।

इन फूड्स में लिस्टेरिया बैक्टीरिया के होने के चांस होते हैं:


सॉफ्ट चीज़
स्प्राउट्स
तरबूज
अनपैस्चराइज़्ड मिल्क

ये हैं अन्य फूड्स जो प्रेग्नेंसी के दौरान सेफ नहीं माने जाते:

 

1- कच्चा पपीता

कच्चे पपीते में लेटेक्स होता है जो प्रेग्नेंसी के शुरुआती दिनों में मिस्कैरिज का रिस्क खड़ा कर सकता है। इसमें पपैन और पेप्सिन भी शामिल हैं जो भ्रूण का विकास नहीं होने देते। डॉक्टर्स पूरी प्रेग्नेंसी के दौरान कच्चा पपीता न खाने की सलाह देते हैं।

2- तुलसी के पत्ते

प्रेग्नेंसी के दौरान तुलसी के पत्ते अवॉइड करने चाहिए। अगर आपको इस टाइम पर कोल्ड और कफ लगा है, तब भी तुलसी के पत्ते न खाएं, क्योंकि इसमें मर्कयूरी का लेवल बहुत ज़्यादा होता है और यह फीटस के लिए ठीक नहीं है।

3- एलोवेरा

एलोवेरा जूस न सिर्फ प्रेग्नेंसी, बल्कि अगर आप बच्चे को ब्रेस्टफीड करवाते हैं, तब भी नहीं पीना चाहिए। इससे ब्लड में शुगर लेवल कम हो जाता है, और मां को उल्टी, दस्त लग सकते हैं। ऐसे में शरीर से सारे मिनरल्स निकल जाते हैं और यह होने वाले बच्चे के लिए खतरा बन सकता है।

4- चाइनीज़ फूड

चाइनीज़ फूड में एमएसजी होता है, यानी मोनो सोडियम गूलामेट, जो फीटस के विकास के लिए हानिकारक है और इसके चलते काई बार जन्म के बाद भी बच्चे में डिफेक्ट्स दिख सकते हैं। इसमें मौजूद सोया सॉस में नमक की भारी मात्रा होती है, जो हाई ब्लड प्रेशर का कारण बन सकती है और प्रेग्नेंट वुमन के लिए बेहद खतरनाक।


अन्य फूड्स जो अवॉइड करें:

पाइनएप्पल, कच्चे अंडे, कच्चा मांस, आर्टिफिशल स्वीटनर, अल्कोहल, ज़रूरत से ज़्यादा चाय और कॉफी, सीफूड, रेडीमेड फूड, फ्रोजन फूड, बहुत ज़्यादा नमक, हर्बल टी।

 

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Written by
Priyanka Dhamija
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागJul 31, 2017

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