Diabetes and Diarrhea: डायबिटीज और डायरिया हो सकते हैं एक-दूसरे से जुड़े, जानें इनके बीच संबंध, लक्षण और बचाव

Updated at: Aug 27, 2020
Diabetes and Diarrhea: डायबिटीज और डायरिया हो सकते हैं एक-दूसरे से जुड़े, जानें इनके बीच संबंध, लक्षण और बचाव

डायबिटीज रोगियों में दस्‍त और कब्‍ज की अक्‍सर शिकायत हो सकती है। आइए यहां जानिए कि ऐसा क्‍यों होता है और इससे बचने के उपाय क्‍या हैं। 

Sheetal Bisht
अन्य़ बीमारियांWritten by: Sheetal BishtPublished at: Aug 27, 2020

अक्‍सर देखा जाता है कि डायबिटीज रोगियों में हाई ब्‍लड शुगर तंत्रिका क्षति का कारण बन सकता है। यही वजह है कि डायबिटीज रोगियों को एक स्‍वस्‍थ खानपान का पालन करने की सलाह दी जाती है। लेकिन क्‍या आप जानत हैं कि डायबिटीज रोगी अक्‍सर दस्‍त या कब्‍ज भी महसूस कर सकते हैं। जी हां, एक अध्‍ययन की मानें, तो लगभग 60 प्रतिशत डायबिटीज से पीडि़त लोग दस्‍त या कब्ज की शिकायत महसूस करते हैं। लेकिन इसके पीछे कारण क्‍या हैं और इसके लक्षण व उपाय क्‍या हैं आइए यहां इस लेख में विस्‍तार से जानें। 

डायबिटीज और दस्‍त  

तंत्रिका क्षति उन लोगों में आम है, जिनमें हाई ब्‍लड शुगर या डायबिटीज की स्थिति गंभीर है। इस स्थिति को डायबिटिक न्यूरोपैथी कहा जाता है। जिसमें कि पाचन तंत्र सहित शरीर के विभिन्न भाग प्रभावित होते हैं। डायबिटीज सीधे वेगस तंत्रिका को प्रभावित करता है, जो भोजन को जठरांत्र संबंधी मार्ग में निर्देशित करता है। जब वेगस नर्व फट जाती है, तो यह जिससे अधिकांश मामलों में दस्‍त और कब्‍ज की समस्‍या का कारण बनता है क्षतिग्रस्त तंत्रिका गैस्ट्रोपेरसिस को भी जन्म दे सकती है, जिसका अर्थ है गैस्ट्रिक खाली करने में देरी।

Diabetes And Diarrhea

इसके अलावा, एक डायबिटीज रोगी का खानपान भी दस्‍त या कब्‍ज का एक प्रमुख कारण बन सकता है। इसलिए डायबिटीज रोगियों को एक अपने अनुकूल एक स्‍वस्‍थ और पौष्टिक आहार का सेवन करना चाहिए। डायबिटीज रोगियों को हाई फाइबर युक्‍त आहार के सेवन की सलाह दी जाती है क्‍योंकि यह एक आवश्यक तत्व है, जो आंत्र संबंधी स्थितियों को रोकता है।

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डायबिटीज से जुड़े कब्ज और दस्‍त के लक्षण

यदि आपको डायबिटीज है, तो आपमें डायबिटीज से संबंधी दस्‍त या कब्‍ज की समस्‍या होने पर यहां दिए गए लक्षण महसूस हो सकते हैं: 

  • बार- बार दस्त और कब्ज महसूस होना 
  • कठोर मल
  • मल त्‍याग में परेशानी 
  • आंत्र में भारीपन
  • ब्‍लोटिंग महसूस होना 

गंभीर मामलों में यहां दिए गए कुछ अन्य लक्षण दिख सकते हैं:

  • मल करते समय खून 
  • पेट दर्द
  • उल्टी
  • बुखार  
  • गैस पास करने में परेशानी 

यदि आपको डायबिटीज से जुड़ी दस्‍त या कब्‍ज की समस्‍या होती है, तो आप यहां दिए गए उपायों को अपनाएं। यह आपको दस्‍त से राहत पाने में मदद करेंगे। 

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दस्‍त से राहत पाने के घरेलू उपाय 

खूब पानी पिएं 

सबसे पहली बात, आपको हर तरह से पर्याप्त पानी पीना चाहिए और हाइड्रेटेड रहना चाहिए। इलेक्ट्रोलाइट्स के साथ दस्त से पीड़ित होने पर आप बहुत सारे तरल खो देते हैं। आपको बहुत सारे तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए। आप दस्‍त से छुटकारा पाने के लिए सेब और प्रून जूस के अलावा, अन्‍य फलों का जूस पी सकते हैं। 

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दही का सेवन करें 

दही की मदद से आप अपने दस्त की समस्‍या से राहत पा सकते हैं। दही का सेवन करने से लैक्टिक एसिड का उत्पादन करके आपकी आंत में अच्छे बैक्टीरिया को बहाल करने में मदद करेंगे। जिससे हानिकारक बैक्टीरिया को नष्ट किया जाएगा, जो दस्त का कारण बन रहे हैं। आप अतिरिक्त लाभ के लिए अपने दही के साथ एक केला जोड़ सकते हैं। इसके अलावा, दही आपकी भूख को नियंत्रित करेगा ।

सेब 

आप लगभग एक से दो सेब को तब तक पकाएं जब तक कि वे गूदेदार न हो जाएं, और फिर बाद में एक चम्मच घी, एक चुटकी इलायची और एक चुटकी जायफल इसमें डाल दें। यह मिश्रण दस्त से लड़ने के लिए एक स्वादिष्ट समृद्ध उपाय है। यह एक शक्तिशाली घरेलू उपचार है, जो निश्चित रूप से आपके लिए काम करेगा। आप अपने आंत के स्वास्थ्य को सुरक्षित करने के लिए एक सीमित मात्रा में एप्‍पल साइडर विनेगर भी पी सकते हैं। 

कैमोमाइल चाय 

कैमोमाइल चाय में एंटीस्पास्मोडिक गुण हैं, जो कई प्रकार के आंतों के विकारों से राहत दे सकते हैं। यह आंतों की सूजन के उपचार में भी काफी मददगार है। लगभग 10 मिनट के लिए एक कप उबलते पानी में एक चम्मच कैमोमाइल फूल और एक चम्मच पुदीना के पत्तों को डालकर कैमोमाइल चाय बनाना चाहिए। आपको कम से दिन में कम से कम दो-तीन बार इस चाय को पीने से तनाव कम होता है।

केला 

आप 1 या 2 पके हुए केले को छोटे टुकड़ों में काट लें, इसके बाद आप एक चम्मच गर्म घी और एक चुटकी इलायची और जायफल डालें। 

जैसे ही आपका पेट बेहतर महसूस करना शुरू कर देता है, आप बाकी हल्‍के खाद्य पदार्थ का सेवन शुरू कर दें। इसके अलावा, आपको कुछ समय के लिए डेयरी उत्पादों से बचना चाहिए। 

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