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    दांतों के इंफेक्शन से हो सकती हैं दिल की बीमारियां, नजरअंदाज न करें ये लक्षण

    दंत स्वास्‍थ्‍य By Anurag Gupta , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / May 03, 2018
    दांतों के इंफेक्शन से हो सकती हैं दिल की बीमारियां, नजरअंदाज न करें ये लक्षण

    दांतों की छोटी-मोटी समस्या हर किसी को कभी न कभी होती है। क्या आपको पता है कि दांतों में होने वाले रोग का इलाज अगर आप ठीक समय से नहीं करते हैं तो ये दिल की बीमारी की वजह भी बन सकता है। चौंक गए न?

    दांतों की छोटी-मोटी समस्या हर किसी को कभी न कभी होती है। क्या आपको पता है कि दांतों में होने वाले रोग का इलाज अगर आप ठीक समय से नहीं करते हैं तो ये दिल की बीमारी की वजह भी बन सकता है। चौंक गए न? जी हां! हमारे मसूड़ों और दिल के बीच सीधा और गहरा संबंध है। ऐसा देखा गया है कि जो लोग अपने दांतों का ठीक से खयाल नहीं रखते या जो लोग दांतों की बीमारी का लंबे समय तक शिकार होते हैं उन्हें दिल की बीमारियां भी हो जाती हैं। एक शोध के मुताबिक दांतों की सड़न और इंफेक्शन वाले मरीजों में 60-65 प्रतिशत लोग दिल की बीमारियों का शिकार हो जाते हैं।

    क्या है दांतों और दिल में संबंध

    मसूड़ों में इंफेक्शन का कारण बैक्टीरिया होते हैं। बैक्टीरियल इंफेक्शन के कारण जब मसूड़े प्रभावित होते हैं तो इसमें सूजन भी आ जाती है। कई बार यही बैक्टीरिया आपके खून में घुलकर आपके दिल तक खून पहुंचाने वाली नसों को भी प्रभावित करते हैं। ऐसे में अगर आपकी नसों में पहले से कोलेस्ट्रॉल जमा है, तो खतरे की संभावना बढ़ जाती है। इसकी वजह से ब्लड क्लॉटिंग यानि खून के थक्के जम सकते हैं और दिल तक आपका रक्त प्रवाह रुक सकता है। रक्त प्रवाह रुक जाने पर व्यक्ति को हार्ट अटैक, हार्ट फेल्योर, कार्डियक अरेस्ट आदि कई गंभीर रोग हो सकते हैं। गंभीर स्थिति में मिनटों में मरीज की जान जा सकती है।

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    डेंटिस्ट से कब मिलें

    अगर आपके दांतों पर काले-भूरे धब्बे नजर रहे हैं, खाना दांतों में फंसने लगा है, ठंडा-गरम लग रहा है या मसूड़ों से पस आ रहा है, तो डेंटिस्ट़ से मिलने में देरी ना करें। निश्चित समयांतराल पर (डेंटिस्टं) दंत चिकित्सक से मिलें। अगर आपको कोई रोग नहीं है फिर भी दांतों की रोज सफाई करें और इन बातों का ध्यान रखें।

    दांतों की सफाई

    ब्रश करने के लिए कोई मानक समय नहीं है। लेकिन ऐसी सलाह दी जाती है कि कम से कम दो मिनट तक ब्रश करें जिससे मुंह के अंदर की सतह से प्लाक के बैक्टीरिया निकल जायें। इससे दांतों की क्षति से भी बचाव हो सकेगा।

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    कैसा हो आपका टूथब्रश

    अगर 6 महीनों तक ब्रश करने के बाद भी आपका ब्रश खराब नहीं हुआ है, तब भी नया ब्रश खरीदने में देरी ना करें। टूथब्रश अलग-अलग आकार, लम्बाई और गुणवत्ता के आते हैं। लेकिन डेंटिस्ट्स का ऐसा मानना है कि सही टूथब्रश की लम्बाई 25.5 से 31.9 मिलीमीटर होनी चाहिए और चौडा़ई 7.8 से 9.5 मिलीमीटर होनी चाहिए।

    ये भी जरूरी है

    • संतुलित पौष्टिक आहार लें, जिसमें मीठे की मात्रा कम हो।
    • दांतों में कोई तकलीफ न हो फिर भी साल में एक बार दांतों का चेकअप अवश्य करवा लें।
    • कुछ भी खाने के तुरंत बाद मुंह को अच्छी तरह पानी से साफ कर लें।
    • फ्लोराइडयुक्त पानी पिएं। बच्चों की दांतों पर दंत रोग विशेषज्ञ द्वारा सीधे फ्लोराइडइ का सोल्यूशन लगवाएं ताकि दंतक्षय से बचाव हो सके।

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    Disclaimer

    इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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