Herpes Diseases: क्या है हर्पीस रोग, जानें क्या है इसके कारण, लक्षण और बचाव

Updated at: Sep 04, 2020
Herpes Diseases: क्या है हर्पीस रोग, जानें क्या है इसके कारण, लक्षण और बचाव

अगर आपके मुंह के आसपास किसी तरह के घाव पैदा हो रहे हैं तो जान लें कहीं ये हर्पीस रोग के संकेत तो नहीं। 

Vishal Singh
अन्य़ बीमारियांWritten by: Vishal SinghPublished at: Sep 04, 2020

हर्पीस की स्थितियां आकस्मिक बातचीत में इसी नाम से जा सकती हैं और इनमें कुछ समानताएं हैं। इन स्थितियों में अलग प्रकार के दाद होते हैं जो सिंप्लेक्स वायरस (एचएसवी) के कारण होता है। एचएसवी-1 (HSV-1) या टाइप 1 हर्पीज अक्सर दाद के संक्रमण के लिए जिम्मेदार होते हैं, जिसके परिणामस्वरूप मुंह में या उसके आसपास घाव पैदा होने लगते हैं। इस तरह के घाव को ठंड घावों के रूप में भी जाना जाता है। हालांकि यह जननांग घावों का भी कारण बन सकता है। एचएसवी-2 (HSV-2) या टाइप 2 लगभग विशेष रूप से जननांग घावों के लिए जाना जाता है। 

इन दोनों ही स्थितियों में दाद वायरस एपिडर्मिस में प्रवेश करता है, जो त्वचा की सबसे बाहरी परत और घावों को विकसित करने का कारण बनती है। ये घाव त्वचा के संक्रमण के कारण आसानी से फैल सकता है। इसलिए जरूरी है कि आप इस तरह की स्थितियों के बारे में पूरी जानकारी रखें। आइए जानते हैं क्या है इसके कारण, लक्षण और बचाव।

herpes

हर्पीस के कारण (Causes Of Herpes In Hindi)

एचएसवी टाइप-1 किसी तरह के चुंबन या झूठे कप के रूप में संपर्क में आता है। यह सभी उम्र के लोगों के संक्रमण का अधिग्रहण करने के लिए आसान हो जाता है। आपको बता दें कि लगभग 85 प्रतिशत  आबादी एचएसवी टाइप-1 से संक्रमित है। कुछ समय में एचएसवी -1 को ओरल सेक्स के जरिए भी संक्रमित किया जा सकता है। 

एचएसवी -1 (HSV-1)

एक ही बर्तन से खाना या झूठा खाना।

होंठ बाम को साझा करना।

चुंबन।

एचएसवी-2 (HSV-2)

एचएसवी-2 (HSV-2) का उस व्यक्ति के साथ यौन संपर्क के रूपों के माध्यम से किया जाता है, जिसके पास एचएसवी-2 (HSV-2) है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी (एएडी) के अनुसार, संयुक्त राज्य में यौन सक्रिय वयस्कों का अनुमानित 20 प्रतिशत एचएसवी -2 से संक्रमित है। एचएसवी -2 संक्रमण एक दाद के साथ संपर्क में फैलता है। 

इसे भी पढ़ें: क्या है सीसा विषाक्तता? जानें क्या है इस रोग के कारण और बच्चों को क्यों है इसका ज्यादा खतरा

लक्षण (symptoms)

  • दर्द और खुजली
  • सूजी हुई लसीका ग्रंथियां।
  • बुखार।
  • थकान और अस्वस्थ महसूस होना।

किसे है ज्यादा खतरा (Who Is In Greater Risk)

    • कई यौन साथी के होना।
    • कम उम्र में यौन संबंध बनाना।
    • एक और यौन संचारित संक्रमण (एसटीआई)
    • कमजोर इम्यून सिस्टम के कारण।

बचाव (Prevention)

  • दूसरे लोगों के साथ सीधे शारीरिक संपर्क से बचने की कोशिश करें।
  • कप, तौलिए, चांदी के बर्तन, कपड़े, श्रृंगार या लिप बाम जैसी चीजों को साझा न करें। 
  • मौखिक सेक्स, चुंबन या यौन गतिविधि में सतर्क रहें। 
  • अपने हाथों को अच्छी तरह से धोएं और घावों के संपर्क को कम करने के लिए रुई के साथ दवा लगाएं। 

घरेलू उपाय (Home Remedies)

  • हर्पीस से प्रभावित हिस्से पर कॉर्नस्टार्च को लगाएं, ये आपके घाव को कम करने में आपकी मदद करेगा।
  • पेशाब करते समय दर्द कम करने के लिए फफोले पर एक बोतल से पानी डालें।
  • दर्द और जलन से राहत पाने के साथ घाव को ठीक करने के लिए एलोवेरा जेल को प्रभावित हिस्से पर लगाएं। 

Read More Articles on Other Diseases in Hindi

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK