प्रतिरक्षा प्रणाली आपकी थायराइड ग्रंथि पर कैसे करती है हमला? जानें क्या है इसका कारण और बचाव

Updated at: Nov 27, 2020
प्रतिरक्षा प्रणाली आपकी थायराइड ग्रंथि पर कैसे करती है हमला? जानें क्या है इसका कारण और बचाव

प्रतिरक्षा प्रणाली जब आपकी थायराइड ग्रंथि पर हमला करती है तो इससे आप हाशिमोटो रोग की स्थिति में जा सकते हैं, जानें कैसे करना चाहिए बचाव।

Vishal Singh
अन्य़ बीमारियांWritten by: Vishal SinghPublished at: Nov 27, 2020

ऑटोइम्यून बीमारियों की तरह ही एक स्थिति ऑटोइम्यून थायराइड रोग है जिसमें हाशिमोटो की स्थिति शामिल है। हाशिमोटो एक ऐसी स्थिति है जिसमें आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली थायराइड ग्रंथि पर हमला करती है। जैसा की आप सभी जानते हैं कि प्रतिरक्षा प्रणाली हमे कई बीमारियों और संक्रमण से बचाने का काम करती है और इस तरह के संक्रमण से लड़ने में हमारी मदद करती है। लेकिन जब ये थायराइड ग्रंथि पर हमला करती है तो ये एक गंभीर स्थिति हो सकती है। आपक बता दें कि थायरॉइड ग्रंथि आपके एंडोक्राइन सिस्टम का हिस्सा है, जो शरीर के लिए हार्मोन का उत्पादन करता है। लोगों के मन में सवाल होगा कि कैसे इम्यून सिस्टम थायराइड ग्रंथि पर हमला कर सकता है और कैसे ये हमे नुकसान पहुंचा सकता है। तो इसे समझने के लिए आप इस लेख को जरूर पढ़ें। हम आपको इस लेख में बताएंगे कि कैसे इम्यून सिस्टम थायराइड ग्रंथि पर हमला करता है और क्या इसका परिणाम होता है। 

इम्यून सिस्टम कैसे पहुंचाता है नुकसान 

जैसा कि आप सभी जानते हैं प्रतिरक्षा प्रणाली हमारे शरीर में आने वाले संक्रमण और बीमारियों (इसमें कई रोग और बैक्टीरिया शामिल हैं) से लड़ने के लिए काम करता है जिसकी मदद से हम खुद को स्वस्थ रख सकते हैं। ये रक्त में एंटीबॉडी प्रोटीन का उत्पादन करता है जो आपको इन संक्रमण से बचाए रखने का काम करता है। लेकिन कई मामलों में प्रतिरक्षा प्रणाली हमला करने लगती है जिसके कारण हमे कई तरह के स्वास्थ्य समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है। ऐसे ही ये जब थायराइड ग्रंथि पर हमला करती है तो ग्रंथि को पर्याप्त मात्रा में हार्मोन्स का उत्पादन करने में बाधा होती है या फिर गलत एंटीबॉडी हमारे थायराइड ग्रंथि तो तेजी से उत्पादन करने के लिए उत्तेजित करती है। 

इसके मुख्य कारण की बात करें तो अभी डॉक्टर और एक्सपर्ट पूरी तरह से इसके कारण को पहचान नहीं पाएं हैं, लेकिन वैज्ञानिकों का मानना है कि वायरस और जीवाणु प्रतिक्रिया को ट्रिगर करते हैं। इसके अलावा इसका मुख्य कारण आनुवंशिक भी हो सकता है जिसके कारण मरीज को इस स्थिति का सामना करना पड़ रहा हो। 

लक्षण

हाशिमोटो एक ऐसी बीमारी है जिसमें आप इसके लक्षण पहचानने में काफी समय लगा सकते हैं, क्योंकि इसके लक्षण आम होते हैं और ज्यादातर लोग इसे नजरअंदाज करने की कोशिश करते हैं। यही वजह है कि हाशिमोटो की स्थिति दिन-प्रतिदिन बढ़ती जाती है और एक गंभीर स्थिति में प्रवेश करने लगती है। इससे बचाव के लिए पहले जरूरी है कि आप इसके लक्षणों को अच्छी तरह से जान लें। 

  • बाल झड़ने की समस्या।
  • लगातार वजन बढ़ना।
  • मांसपेशियों में दर्द
  • जोड़ों का दर्द और सूजन।
  • थकान और सुस्ती
  • बहुत ज्यादा ठंड लगना।
  • कब्ज की समस्या रहना।
  • पीली और शुष्क त्वचा।
  • सूजन।
  • मांसपेशी में कमजोरी।
  • याददाश्त कम हो जाती है।

हाशिमोटो के रोग के खतरे क्या हैं?

उम्र: कई रोग की तरह ही हाशिमोटो रोग का मुख्य कारण उम्र होती है जिससे आमतौर पर मध्यम उम्र वाले लोगों के साथ देखा जाता है। 

जेनेटिक: पहले से परिवार के किसी सदस्य को अगर हाशिमोटो है तो इसका खतरा आपको भी उतना ही हो सकता है। थायराइड या ऑटोइम्यून रोग परिवार के एक सदस्य से दूसरे सदस्य तक आसानी से जा सकता है। 

इम्यून सिस्टम को कैसे रखें बेहतर

इम्यून सिस्टम को बढ़ावा देना अचानक संभव नहीं है क्योंकि हमारे शरीर में कई संक्रमण और बीमारियां हमला करती है जिन्हें हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली नियमि रूप से लड़ती रहती है और हमे उनसे बचाकर रखती है। वहीं, जब हम ये कोशिश करते हैं कि इम्यून सिस्टम हमारे थायराइड ग्रंथि पर किसी तरह का प्रहार न करे तो इसके लिए हमे अपनी प्रतिरक्षा प्रणाली को एक रणनीति के साथ रखना चाहिए। जिससे कि वो हमारी बेहतर तरीके से सुरक्षा करने के साथ प्रहार न करें। इसके लिए आप अपनी डाइट में बदलाव कर सकते हैं जो इम्यून सिस्टम को बेहतर बनाने का एक मात्र अच्छा विकल्प है। 

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डाइट टिप्स 

प्रोसेस्ड फूड का कम से कम सेवन करें

अगर आप बहुत ज्यादा प्रोसेस्ड फूड का सेवन करते हैं तो ये आपके इम्यून सिस्टम को बहुत हानि पहुंचा सकती है, इसलिए आप कोशिश करें कि कम से कम प्रोसेस्ड फूड का सेवन करें या बंद कर दें। ये न सिर्फ आपके इम्यून सिस्टम को खराब करने का काम करती है बल्कि ये आपके पूर्ण स्वास्थ्य को भी नुकसान पहुंचाता है। 

अच्छे तेल से खाना बनाएं

जब आप अपने खाने के लिए कुछ भी बनाते हैं तो वो तभी हेल्दी बन सकता है जब आप उसमें किसी अच्छे वनस्पति तेल का इस्तेमाल करें। आप किसी भी ऐसे तेल का इस्तेमाल करने से बचें जो आपके शरीर को नुकसान पहुंचाता हो। आप जैतून का तेल खाना बनाने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं, जो आपको स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है। 

उच्च ग्लाइसेमिक कार्बोहाइड्रेट को दूर रखें

उच्च ग्लाइसेमिक कार्बोहाइड्रेट वाले खाद्य पदार्थ जैसे सफेद ब्रेड, चीनी से भरे हुए पदार्थ और चावल आपके स्वास्थ्य को कमजोर बनाने का काम करते हैं। इनकी जगह आप नेचुरल स्वीटनर, साबुत अनाज और सब्जियों का सेवन करें जो आपके इम्यून सिस्टम को बढ़ाने का काम करते हैं। 

ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर भोजन लें

ओमेगा-3 फैटी एसिड आपके पूर्ण स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद होता है जो आपको लंबे समय तक स्वस्थ रखने का काम करता है और कई बीमारियों के खतरे से दूर रखता है। इसके लिए आप अपनी डाइट में जंगली सामन, टूना जैसी मछलियों को शामिल कर सकते हैं। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन ज्यादातर लोगों को प्रति सप्ताह कम से कम दो 3.5 औंस सर्विंग्स खाने की सलाह देता है। 

ताजे फल और सब्जियों का सेवन करें

फल और सब्जियां आपके इम्यून सिस्टम को बढ़ाने के साथ कई तरह से फायदा पहुंचाती है, आप रोजाना नाश्ते में ताजे फल खा सकते हैं। इसके अलावा आप दिनभर में खून सब्जियों के साथ अपनी डाइट को रखें। इसके अलावा अगर आप सब्जियों को पसंद नहीं करते तो आप सब्जियों के सूप का भी विकल्प चुन सकते हैं, जो आपके इम्यून सिस्टम को मजबूत करने के लिए बहुत फायदेमंद है। 

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हाशिमोटो से बचाव के लिए अन्य उपाय

एक्टिव रहें

ज्यादातर बीमारियों को मात देने के लिए डॉक्टर और एक्सपर्ट भी एक्टिव रहने की सलाह देते हैं। आप खुद को एक्टिव रखकर हाशिमोटो जैसे रोग को भी दूर रख सकते हैं। जी हां, आप रोजाना ज्यादा से ज्यादा व्यायाम करने की कोशिश करें, अगर आप एक्सरसाइज नहीं कर पाते तो आप रोजाना कम से कम 30 मिनट शारीरिक गतिविधियों में शामिल रहें ये आपके इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाए रखने के साथ आपको स्वस्थ रखती है। आपको बता दें कि नियमित रूप से एक्टिव रहने से आपके शरीर में खून का सर्कुलेशन बेहतर बना रहता है जिसका असर प्रतिरक्षा प्रणाली पर भी पड़ता है। 

पर्याप्त नींद लें

जब आप नींद को पूरा और बेहतर तरीके से नहीं लेते तो आप खुद के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा रहे होते हैं। खुद को स्वस्थ रखने और बीमारियों के खतरों से दूर रहने के लिए जरूरी है कि आप रोजाना पर्याप्त नींद लें और बेहतर नींद लें। नेशनल स्लीप फ़ाउंडेशन की सलाह है कि 65 साल से कम लोगों को रोजाना कम से कम 9 घंटे की नींद लेनी चाहिए, वहीं, उससे ज्यादा उम्र वाले लोगों को 7 घंटे की नींद जरूरी है। आपको बता दें कि पर्याप्त नींद की मदद से आप अपने इम्यून सिस्टम को भी मजबूत बनाए रख सकते हैं। 

चिंता या तनाव से दूरी बनाएं

चिंता या तनाव सिर्फ आपके दिमाग को नुकसान नहीं पहुंचाती बल्कि ये आपके पूर्ण स्वास्थ्य के लिए खतरनाक होती है। जब आप चिंता और तनाव की स्थिति में होते हैं तो इस दौरान आप अपने शारीरिक स्वास्थ्य को भी कमजोर बना रहे होते हैं। इसके कारण आपका इम्यून सिस्टम भी कमजोर होने लगता है और आप कई संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं। इसलिए आपको कोशिश करनी चाहिए कि आप ज्यादा से ज्यादा खुद को तनावमुक्त रखें जिससे कि आप खुद को आसानी से स्वस्थ रख सकें। 

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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