Subscribe to Onlymyhealth Newsletter

लेजर तकनीक की मदद से पाएं बेदाग और खूबसूरत त्वचा, जानें 5 जरूरी बातें

फैशन और सौंदर्य
By Anurag Gupta , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Oct 16, 2018
लेजर तकनीक की मदद से पाएं बेदाग और खूबसूरत त्वचा, जानें 5 जरूरी बातें

उम्र बढ़ने के साथ-साथ त्वचा की कसावट खत्म होने लगती है। आजकल के प्रदूषण, गलत खान-पान और हार्मोनल बदलावों की वजह से त्वचा की खूबसूरती समय के साथ कम होती जाती है। इसे लेजर तकनीक द्वारा ठीक किया जा सकता है।

Quick Bites
  • उम्र बढ़ने के साथ-साथ त्वचा की कसावट खत्म होने लगती है।
  • लेजर तकनीक से त्वचा के दाग-धब्बे, तिल-मस्से और बाल हटा सकते हैं।
  • लेजर स्किन ट्रीटमेंट में बरतनी चाहिए कुछ सावधानियां होता है रिएक्शन।

खूबसूरत और बेदाग त्वचा पाने के लिए लोगों में लेजर तकनीक तेजी से पॉपुलर हो रही है। उम्र बढ़ने के साथ-साथ त्वचा की कसावट खत्म होने लगती है। इसके अलावा आजकल के प्रदूषण, गलत खान-पान और हार्मोनल बदलावों की वजह से आपके त्वचा की खूबसूरती समय के साथ कम होती जाती है। ऐसी त्वचा को दोबारा खूबसूरत और जवान बनाने के लिए लेजर तकनीक का सहारा लिया जा सकता है। आइए आपको बताते हैं क्या है लेजर तकनीक और कैसे काम करती है ये तकनीक।

क्या है लेजर तकनीक

लेजर तकनीक से त्वचा को दोबारा जवान बनाने की तकनीक को लेजर स्किन रिसर्फेसिंग, लेजर पील या लेजर वेपोराइजेशन कहते हैं। इस तकनीक के जरिए चेहरे की झुर्रियों, दाग-धब्‍बों और तिल-मस्सों आदि से छुटकारा पाकर साफ व सुंदर चेहरा पाया जा सकता है। इसके अलावा लेजर तकनीक आंखों के नीचे बनने वाले काले घेरों, मुंहासों व चिकनपॉक्‍स के निशान, क्षतिग्रस्‍त त्‍वचा आदि के निशान भी दूर करने में कारगर है। चेहरे पर उगने वाले अनचाहे बालों को कम करने के लिए भी महिलाएं लेजर थेरेपी का सहारा ले रही हैं। इसके जरिए 80 से 90 प्रतिशत तक इलाज संभव होता है। बाकी बचे 5-10 प्रतिशत बालों का रंग स्किन कलर का कर दिया जाता है, जिससे वो आसानी से नजर नहीं आते हैं और चेहरा साफ दिखता है।

इसे भी पढ़ें:- रात की पार्टी के लिए कर रही हैं मेकअप, तो इन बातों का जरूर रखें ध्यान

त्वचा की खराबियों का कारण

बदलते खानपान, फैमिली हिस्ट्री, हार्मोंस का बिगडऩा, तेज धूप में रहना, पेस्टीसाइड वाले फल और सब्जियां लेने से स्किन से संबंधित कई समस्याएं सामने आती हैं। इन समस्याओं के कारण चेहरे पर झुर्रियां, स्किन का लटकना, आंखों के नीचे काले घेरे, तिल आ जाना, चेहरे पर बाल उग जाने जैसी कई समस्याएं पैदा होती हैं।  नई लेजर तकनीक की मदद से काफी हद तक इन समस्याओं से छुटकारा पाया जा सकता है।

टैटू और बर्थ मार्क्स को हटाने में कारगर है तकनीक

लेजर तकनीक के जरिये टैटू, जन्म निशान, झाइयां व तिल के निशान भी हटाये जा सकते हैं। यही कारण है कि उम्रदराज लोगों के साथ-साथ युवाओं में भी ये तकनीक तेजी से पॉपुलर हुई है। लेजर चिकित्सा के जरिये प्रभावित त्वचा को हटा दिया जाता है। उसके जगह नयी त्वचा निकल आती है।

इसे भी पढ़ें:- कर्ली हेयर में दिखना है ट्रेंडी और फैशनेबल, तो ट्राई करें ये 4 हेयरस्टाइल

कैसे होता है लेजर टेक्नोलॉजी ट्रीटमेंट

लेजर तकनीक पूरी तरह से किरणों ( लेजर रेज) पर आधारित होती है। इस तकनीक में त्वचा पर विशेष प्रकार की लेजर किरणें छोड़ी जाती हैं, जिसकी गर्मी बाल उगाने वाले हेयर सेल्स को खत्म कर देती है। इस तकनीक का मकसद बालों की जड़ों में मौजूद मेलानिन को खत्‍म करना होता है। त्‍वचा के बालों में मौजूद मेलानिन को लेजर किरणें सोख लेती हैं। जिससे बाल उगाने वाले हेयर सेल्स खत्म हो जाते हैं और बाल नहीं उगते हैं या कम मात्रा में उगते हैं। लेजर तकनीक के जरिए चेहरे की प्रभावित त्‍वचा को भी हटा दिया जाता है। उसके जगह नयी त्वचा निकल आती है। इससे उपचार के बाद त्वचा कुछ समय तक गुलाबी रहती है। धीरे-धीरे यह सामान्‍य रंग पा लेती है। सर्जन आपकी त्‍वचा की जांच करने के बाद ही यह तय करता है कि आपको लेजर ट्रीटमेंट की कितनी सिटिंग लेनी होंगी।

लेजर टेक्नोलॉजी के खतरे भी हैं कई

लोगों की दिलचस्पी देखते हुए आजकल कई संस्थान लेजर रिसर्फेसिंग की सुविधा दे रहे हैं, मगर इस तकनीक के इस्तेमाल से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। यदि आप अपना उपचार अनुभवी डॉक्‍टर से कराते हैं तो इससे होने वाले खतरों से बचने की संभावना ज्‍यादा रहती है। गहरे रंग की त्‍वचा वाले लोगों को टैनिंग की समस्‍या हो सकती है। साथ ही कई बार लापरवाही से जख्‍म होने, सूजन आने और स्किन के लालिमा युक्‍त होने की भी आशंका रहती है। ऐसी किसी भी परेशानी से बचने के लिए डॉक्‍टर द्वारा दी जाने वाली सलाह को मानें।

ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

Read More Articles On Fashion & Beauty in Hindi

Written by
Anurag Gupta
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागOct 16, 2018

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

More For You
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK