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क्या डायबिटीज वंशानुगत रोग है

डायबिटीज़ By Anubha Tripathi , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / May 24, 2013
क्या डायबिटीज वंशानुगत रोग है

क्या डायबिटीज वंशानुगत रोग है: क्‍या डायबिटीज आपको विरासत में मिलने वाला रोग है।

यूं तो मधुमेह की समस्या अनियमित खान-पान व दोषपूर्ण जीवनशैली का नतीजा है लेकिन क्‍या यह बीमारी वंशानुगत भी होती है। संतुलित जीवन जीने के बाद भी अगर आप मधुमेह की चपेट में आ जाते है तो क्‍या पारिवारिक इतिहास होती है इसके पीछे सबसे बड़ी वजह। 

kya diabetes vanshanugat rog hai

मधुमेह के कई कारण होते हैं। लेकिन, कई बार एक सादगी भरा जीवन जीने के बाद भी चुपके से यह बीमारी आकर आपको जकड़ लेती है। कई व्यक्तियों में यह बीमारी बचपन से ही हो जाती है और कुछ में उम्र बढ़ने के साथ-साथ बढ़ती जाती है और इसके लक्षण शुरू हो जाते हैं। आज हम आपको बताएंगें कि मधुमेह वंशानुगत है या नहीं।

 

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क्या है डायबिटीज      

डायबिटीज एक ऐसा रोग है जिसमें हमारा शरीर खाने से मिलने वाले शर्करा को उचित ढंग से नहीं पचा पाता। साथ ही सामान्य गतिविधियों के लिए इसे उर्जा में परिवर्तित करने में असमर्थ होता है। जब हम चीनी तथा अनाज का सेवन करते हैं, तो शरीर इसे ग्लूकोज में परिवर्तित कर देता है। शरीर के लिए जरूरी ग्लूकोज रक्तधारा में परिसंचरण करता है अथवा भविष्य में प्रयोग के लिए यह ग्लूकोजेन के रुप में लीवर में स्टोर हो जाता है।

मधुमेह में, रक्त में ग्लूकोज के लिए विनियामक व्यवस्था सही तरह से अपना काम नहीं कर पाती। परिणामस्वरुप ग्लूकोज खतरनाक स्तर तक संचित होता जाता है, जिससे कष्टकारी लक्षण पैदा होते हैं। साथ ही महत्वपूर्ण अंगों को नुकसान पहुंचना शुरु हो जाता है। इस संचय के पीछे दो कारण होते हैं पहला शरीर में पर्याप्त इन्सुलिन का ना होना और दूसरा शरीर के ऊतकों पर इन्सुलिन पूरी तरह प्रभावी नहीं होना। अगर आपको टाइप-वन मधुमेह है तो आपका शरीर पर्याप्त मात्रा में इन्‍सुलिन का निर्माण नहीं कर पाता है और अगर आप टाइप-टू मधुमेह से ग्रस्त हैं तो शरीर की कोशिकाएं इन्‍सुलिन को स्वीकार नहीं करती हैं। ज्यादातर लोगों में टाइप-टू मधुमेह की पहचान की जाती है।   


क्या डायबिटीज वंशानुगत है    

अगर किसी व्यक्ति के पारिवारिक इतिहास डायबिटीज की समस्या तो उनकी आगे आने वाली पीढ़ियों में डायबिटीज के लक्षण दिख सकते हैं। आंकड़ो के मुताबिक मां की अपेक्षा पिता को डायबिटीज होने पर संतान में इसके लक्षण दिखने का खतरा ज्यादा होता है। इसके अलावा अगर आप ऐसे आहार का सेवन करते हैं जो मधुमेह के खतरे को बढ़ाते हैं तो मधुमेह की संभावाना और प्रबल हो जाती है। दस प्रतिशत लोगों में ऐसा भी देखा जाता है कि उनके रिश्तेदारों को मधुमेह होने पर उनमें भी टाइप वन डायबिटीज हो जाती है। 

 

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बचने के उपाय

  • मधुमेह वंशानुगत होने के बाद भी आप इससे बचने की कोशिश कर सकते हैं जानें कैसे
  • मोटापा व शारीरिक गतिविधि की कमी के कारण यह बीमारी आपको अपनी गिरफ्त में ले सकती है।
  • संतुलित आहार व पोषक तत्वों का सेवन करना चाहिए।
  • शुगर व स्टार्च वाले पदार्थों से दूर रहें।

 

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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