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आपकी इन 5 बुरी आदतों से आता है हार्ट अटैक, एक्‍सपर्ट से जानें बचाव के तरीके

हृदय स्‍वास्‍थ्‍य By Atul Modi , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Mar 12, 2019
आपकी इन 5 बुरी आदतों से आता है हार्ट अटैक, एक्‍सपर्ट से जानें बचाव के तरीके

हाई ब्‍लड प्रेशर, कोलेस्‍ट्रॉल लेवल का बढ़ना, मोटापा जैसी बीमारियां खराब जीवनशैली या दिनचर्या की वजह से ही होती हैं, जो आगे चलकर हार्ट अटैक का कारण बनती है। हृदय रोग जैसे हार्ट अटैक, कार्डियक अरेस्‍ट

रोगमुक्‍त रहने के लिए अच्‍छी दिनचर्या का होना बहुत जरूरी है। अगर सुबह उठने और रात को सोने के अलावा खानपान व व्‍यायाम का समय निर्धारित नहीं है तो यह किसी बड़े रोग का कारण बन सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि दवाई के माध्‍यम से आप भले ही थोड़े दिन के लिए ठीक हो जाएं लेकिन, यदि आपकी दिनचर्या सही नहीं है तो आप निरोग नहीं रह सकते हैं।

हाई ब्‍लड प्रेशर, कोलेस्‍ट्रॉल लेवल का बढ़ना, मोटापा जैसी बीमारियां खराब जीवनशैली या दिनचर्या की वजह से ही होती हैं, जो आगे चलकर हार्ट अटैक का कारण बनती है। हृदय रोग जैसे हार्ट अटैक, कार्डियक अरेस्‍ट और अन्‍य हृदय संबंधी रोगों के लिए कहीं न कहीं हमारी बुरी आदतें जिम्‍मेदार हैं। यहां हम आपको अपने एक्‍सपर्ट के माध्‍यम से कुछ ऐसी बुरी आदतों और उससे बचने के तरीकों के बारे में बता रहे हैं।  

 

क्‍या हैं वो 5 बुरी आदतें? 

धूम्रपान करना: आजकल युवा पीढ़ी धूम्रपान की लत के शिकार होती जा रही है। धूम्रपान करने वालों को कैंसर और हृदय संबंधी रोग होने का खतरा ज्‍यादा रहता है। सिगरेट और शराब न सिर्फ व्‍यक्ति के फेफड़ों को नुकसान पहुंचाता है बल्कि यह दिल के लिए भी बहुत ही खतरनाक है।  

जंक फूड का सेवन: जंक फूड्स की सच्‍चाई कोई अज्ञात तथ्य नहीं है। कई शोध अध्ययनों से पता चला है कि फास्ट फूड से बचपन के मोटापे, हृदय रोग और मधुमेह और अन्य पुरानी बीमारियों में वृद्धि हुई है।

वसायुक्‍त भोजन: वसायुक्त खाद्य पदार्थ गैस, ब्लोटिंग, एसिड रिफ्लक्स और नाराज़गी जैसे तत्काल दुष्प्रभाव और लंबे समय तक प्रभाव जैसे हृदय रोग के जोखिम को बढ़ा सकते हैं।

व्‍यायाम की कमीं: गतिहीन जीवनशैली जैसे व्‍यायाम न करना, एक जगह बैठे रहना और आलस्‍य जैसी आदतों मोटापा बढ़ता है, जो कई बार हृदय रोग का कारण बन सकता है। 

देर रात तक जागना: बदलती जीवनशैली ने लोगों की नींद खराब कर दी है। आजकल के युवाओं में देर रात तक जागने की आदत पड़ गई है। ऐसा अक्‍सर देर रात तक चैटिंग करने या वीडियो देखने और गेम खेलने की वजह से होता है। ये बहुत ही बुरी आदतें हैं।    

हृदय रोगों से बचने के उपाय 

ब्‍लड प्रेशर और कोलेस्‍ट्रॉल पर रखें नजर: अपने कोलेस्ट्रॉल लेवल को 130 एमजी/ डीएल तक बनाए रखें। इसके अलावा अपने ब्लड प्रेशर को 120/80 एमएमएचजी के आसपास रखें। ब्लड प्रेशर विशेष रूप से 130/ 90 से ऊपर आपके ब्लॉकेज (अवरोध) को दुगनी रफ्तार से बढ़ाएगा। ऐसा करने के लिए नीचे दी गई जानकारी को अच्‍छे से पढ़ें और उन्‍हें फॉलो करें। डॉक्‍टर की सलाह जरूर लें। 

सही खानपान: स्वस्थ हृदय के लिए रेशेदार भोजन का सेवन करें। भोजन में अधिक सलाद, सब्जियों तथा फलों का प्रयोग करें। ये आपके भोजन में रेशे और एंटी ऑक्सीडेंट्स के स्रोत हैं और एचडीएल या गुड कोलेस्ट्रोल को बढ़ाने में सहायक होते हैं। इससे आपकी पाचन क्षमता भी अच्छी बनी रहती है।  

योग, ध्‍यान और व्‍यायाम: रोज एक घंटा ध्यान और हल्के योग व्यायाम रोज करें। यह आपके तनाव तथा रक्त दबाव को कम करेगा। आपको सक्रिय रखेगा और आपके हृदय रोग को नियंत्रित करने में मददगार होगा। व्यायाम करने से न सिर्फ आपका हृदय बल्कि संपूर्ण शरीर चुस्त-दुरुस्त महसूस करने लगेगा। 

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तनाव दूर करें और खुश रहें: आजकल की जीवनशैली का एक हिस्सा तनाव बन गया है। दफ्तर हो या परिवार, इंसान किसी न किसी वजह से तनाव में घिरा रहता है। लेकिन, तनाव आपके हृदय के लिए बिल्कुल अच्छा नहीं। इसलिए तनाव मुक्त रहने की कोशिश करें। इससे आपको हृदय रोग को रोकने में मदद मिलेगी, क्योंकि तनाव हृदय की बीमारियों की मुख्य वजह है। 

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वजन को नियंत्रित रखें: हृदय को स्वस्थ बनाने के लिए जरूरी है कि शरीर के वजन को सामान्य रखें। आपका बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) 25 से नीचे रहना चाहिए। इसकी गणना आप अपने किलोग्राम वजन को मीटर में अपने कद के स्क्वेयर के साथ घटाकर कर सकते हैं। तेल के परहेज और निम्न रेशे वाले अनाजों तथा उच्च किस्म के सलादों के सेवन द्वारा आप अपने वजन को नियंत्रित कर सकते हैं।

यह लेख अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्‍थान, ऋषिकेश के कंसलटेंट कार्डियोलॉजिस्ट एवं इंटरवेशनल कार्डियक इलेक्ट्रोफिजियोलॉजिस्ट डॉक्टर इंद्रनिल बासू रे के साथ हुई बातचीत पर आधारित है।

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