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नैचुरल डियोड्रेंट क्यों होते हैं ज्यादा बेहतर? जानें इसका कारण और आर्टिफिशियल डियोड्रेंट से जुड़े खतरे

फैशन और सौंदर्य By पल्‍लवी कुमारी , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Nov 01, 2019
नैचुरल डियोड्रेंट क्यों होते हैं ज्यादा बेहतर? जानें इसका कारण और आर्टिफिशियल डियोड्रेंट से जुड़े खतरे

प्राकृतिक डिओडोरेंट में एल्यूमीनियम नहीं होता है, जबकि आर्टिफिशियल में होता है। लंबे समय से चली आ रही अफवाह है कि यह कैंसर का कारण बनता है। कुछ अध्ययनों में एंटीपर्सपिरेंट्स और स्तन कैंसर के बीच संबंध पाया गया है। ऐसे में आइए हम आपकी मदद कर देते ह

जब हम सही परफ्यूम चुनने की बात करते हैं अक्सर लोग उन्हीं परफ्यूम को चुनते हैं, जिसकी सुगंध उन्हें पसंद होती है। इसी करह हम उन्हीं परफ्यूम्स को लगाना ज्यादा पसंद करते हैं, जो लंबे वक्त तक हमारे शरीर और कपड़ों से महकते रहें। ऐसे में बहुत से लोग नेचुरल और एंटीपर्सपिरेंट डियो और परफ्यूम को चुनते हैं। पर कभी आपने सोचा है कि आपके लिए कौन सा डियो या इत्र ज्यादा बेहतर है। एक एंटीपर्सपिरेंट डियो में एल्यूमीनियम की मात्रा ज्यादा होती है, जो पसीने की बदबू को उनके पोर्स में ही लॉक कर देता है। यह बैक्टीरिया को बेअसर कर पसीने के दुर्गन्ध को फैलने से रोकता है। पर लंबे समय तक इस डियो का इस्तेमाल आपके लिए खतरनाक हो सकता है। वहीं नेचुरल डिओडोरेंट का उपयोग करते समय पसीने की ग्रंथियां अत्यधिक सक्रिय होती हैं, जिसके कारण पसीने की दुर्गन्ध फैलती रहती है। इसलिए, हो सकता है कि आपके द्वारा उपयोग किया जा रहा कैमिकल युक्त डियो यानी कि एंटीपर्सपिरेंट आपको ज्यादा बेहतर लगता हो।

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पर कुछ अध्ययनों में एंटीपर्सपिरेंट्स और स्तन कैंसर व अल्जाइमर के बीच संबंध पाया गया है। नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ, एफडीए, अल्जाइमर एसोसिएशन, कैंसर रिसर्च यूके, और यहां तक कि उपभोक्ता सुरक्षा पर यूरोपीय संघ की वैज्ञानिक समिति (जिसने हजारों व्यक्तिगत देखभाल सामग्री पर प्रतिबंध लगा दिया है) सभी इस बात की पुष्टि करते हैं कि कैंसररोधी होने का कोई निर्णायक सबूत नहीं है पर सभी का कहना है कि यह स्वास्थ्य के लिए ज्यादा फायदेमंद भी नहीं है।जैसा कि हम जानते हैं, पसीना आपके शरीर से गर्मी को बाहर निकालने और अंगों को स्वस्थ तापमान पर रखने के लिए एक आवश्यक शारीरिक कार्य है। औप पसीने को शरीर में रोकने से हमारे शरीर में एलर्जी, संवेदनशीलता और बीमारियों जैसे दीर्घकालिक बीमारियां हो सकती हैं। इसलिए हमें नेचुरल डियो को ही चुनना चाहिए।

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नेचुरल डियो के फायदे और एंटीपर्सपिरेंट्स डियो के नुकसान 

  • प्राकृतिक और वानस्पतिक-आधारित इत्र में कोई भी रसायन तत्व नहीं होता। वहीं लगातार चल रहे अध्ययनों से पता चलता है कि एल्यूमीनियम-आधारित एंटीपर्सपिरेंट्स के उपयोग से अल्जाइमर के विकास का खतरा बढ़ सकता है और स्तन कैंसर के संभावित संबंध में जुड़ जाता है। इसका कारण यह है कि एंटीपर्सपिरेंट्स में पाए जाने वाले एल्युमिनियम यौगिक पसीने वाले टीश्यूज के भीतर एक प्लग बनाते हैं, जिससे पसीने को त्वचा की सतह तक पहुंचने से रोका जा सकता है। जो कि हमारे लिए हानिकारक होता है।
  • अपने बहुचर्चित पारंपरिक ब्रांड को पीछे छोड़ने का एक और उत्साहजनक कारण यह है कि प्राकृतिक डियोड्रेंट में प्रयुक्त सामग्री वास्तव में आपके स्वास्थय के लिए अच्छी साबित हुई है। चारकोल, खनिज से भरपूर क्लैस और शीया बटर और नारियल तेल जैसे मॉइस्चराइजिंग वनस्पतियों से बने डियो आपकी त्वचा की स्थिति में सुधार करने में मदद कर सकते हैं और आपके पसीने की कम करने में भी मदद कर सकते हैं।
  • आर्टिफिशियल डियो के फ़ार्मुलों में ट्रिक्लोसन होता है, जो न केवल हमारे स्वास्थ्य बल्कि जलवायु के लिए भी खतरा हो सकता है। इसके बढ़े हुए उपयोग के साथ, ये रसायन हमारे शरीर और पानी तक पहुंचने के बाद, हमारी नदियों और नदियों में जमा हो रहे हैं। इसके अलावा, बहुत से एंटीपर्सपिरेंट नॉन-रिसाइक्लेबल और नॉन-रिफिल करने योग्य पैकेजिंग में आते हैं। इसलिए अगर हमें पर्यावरण की जरा भी फिक्र है तो हमें ऐसे डियो या परफ्यूम से बचाना चाहिए। 
  • अंडरआर्म्स में नियमित रूप से एंटीपर्सपिरेंट्स डियो लगाने से आपके पसीने की ग्रंथियों के साथ मिलकर एल्यूमीनियम यौगिक कुछ रिएक्शन कर सकते हैं, जिसके कारण आपकी त्वचा को नुकसान पहुंच सकता है। बहुत लंबे समय तक आर्टिफिशियल डियो के इस्तेमाल करने के बाद आप महसूस करेंगे कि आपके शरीर में गंध पैदा करने वाले बैक्टीरिया और अत्यधिक पसीने में वृद्धि हो सकती है।  
  • प्राकृतिक डियो आपके बॉडी के पीएच को बैलेंस करता है। साथ ही आपके शरीर में पसीने निकलने की प्रक्रिया को नेचुरल रखता है। इसके कारण न आपको ज्यादा पसीना आएगा न कम। इसके अलावा आप प्राकृतिक डियो लगाने से आपको कोई भी इंफेक्शन जैसी परेशानियां नहीं होंगी। जिन लोगों में साइनस की परेशानी होती है उनके आर्टिफिशियल डियो और भी ज्यादा खतरनाक हो सकते हैं। एंटीपर्सपिरेंट्स डियो के कारण आपके शरीर पर लाल रेशेज भी पड़ सकते हैं और आगे चलकर यह किसी गंभीर त्वचा की बीमारी का कारण बन सकता है।

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