कार्डिएक अरेस्ट क्‍यों होता है? कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. संतोष डोरा से जानें इसका कारण और बचाव का तरीका

Updated at: Jul 09, 2020
कार्डिएक अरेस्ट क्‍यों होता है? कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. संतोष डोरा से जानें इसका कारण और बचाव का तरीका

एशियन हार्ट इंस्टीट्यूट, मुंबई के सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. संतोष कुमार डोरा से जानें क्यों होता है कार्डियक अरेस्ट और क्या है इससे बचाव।

Vishal Singh
हृदय स्‍वास्‍थ्‍यReviewed by: डॉ संतोष कुमार डोरा, हृदय रोग विशेषज्ञ, एशियन हार्ट इंस्टीट्यूट, मुंबईPublished at: Jul 07, 2020Written by: Vishal Singh

आजकल दिल की बीमारियां बहुत तेजी से बढ़ती जा रही है, जिसके कारण हमे अपने दिल के स्वास्थ्य को बेहतर रखने के लिए सावधानियां बरतनी चाहिए।  हाल ही में बॉलीवुड के दिग्गज कोरियोग्राफर सरोज खान को कार्डियक अरेस्ट के कारण अपनी जान को गंवाना पड़ा। इसलिए ये जरूरी हो जाता है कि हम अपने दिल की सेहत को स्वस्थ रखने की कोशिश करें। कार्डियक अरेस्ट के बारे में बताने के लिए एशियन हार्ट इंस्टीट्यूट, मुंबई के सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. संतोष कुमार डोरा बता रहे हैं कार्डिएक अरेस्ट क्या है और कैसे दिल को सुरक्षित रखा जाएं। आपको बता दें कि यह शिराओं से पंप किए गए रक्त को ऑक्सीजन के लिए प्राप्त करता है, फिर फेफड़ों से पूरे शरीर (बाएं हृदय) तक शुद्ध रक्त प्राप्त करता है। कार्डियक अरेस्ट तब होता है जब यह पंपिंग फंक्शन अचानक रुक जाए। इस स्थिति में या तो दिल बिल्कुल भी नहीं धड़कता है या फिर काफी ज्यादा तेजी से धड़कता है कि पंप पूरी तरह से काम नहीं कर पाता है। 

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कार्डिएक अरेस्ट के लक्षण 

कार्डियक अरेस्ट होने के कुछ समय बाद ही व्यक्ति गिर जाता है और बेहोश की हालत में होता है। फिर दिल की धड़कन और सांस रुक जाती है। जब तक कार्डियोपल्मोनरी पुनर्जीवन शुरू नहीं किया जाता है और तब तक जारी रखा जाता है जब तक कि शॉक थेरेपी (डिफिब्रिलेशन) नहीं दी जाती है, तो व्यक्ति कुछ ही मिनटों में दम तोड़ देता है।

हार्ट अटैक और कार्डिएक अरेस्ट में अंतर

हृदय की मांसपेशियों में तीन धमनियां रक्त की आपूर्ति प्रदान करती हैं, लेकिन अगर इनमें से एक भी धमनी अवरुद्ध होती है जो ऐसे में दिल का दौरा पड़ सकता है। यह हृदय के उन जगहों में रक्त की आपूर्ति को रोक देता है जहां इसकी आपूर्ति पहले की गई थी। हृदय की मांसपेशी किसी भी ज्यादा काम नहीं करती है। इस स्थिति में दिल का दौरा पड़ने से पहले छाती के आगे और पीछे दर्द होता है। कुछ मामलों में, दर्द और जबड़े को जकड़ना हो सकता है। दिल का दौरा पड़ने वाले कुछ रोगियों को बस ज्यादा से ज्यादा सांस की तकलीफ हो सकती है या हल्के सीने में भारीपन हो सकता है। 

दिल का दौरा पड़ने से पीड़ित 30% तक रोगियों का दिल काम करना बंद कर देता है। अगर आपके सामने कोई भी व्यक्ति सीने में दर्द को लेकर गिर जाए या बेहोश हो जाए तो आपको तुरंत एंबुलेंस को कॉल करना चाहिए साथ ही कार्डियक मसाज देनी चाहिए, इससे आप किसी की जान बचा सकते हैं। 

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कार्डिएक अरेस्ट से बचाव

  • कार्डियक अरेस्ट की स्थिति से बचाव करने के लिए आपको एक अच्छे लाइफस्टाइल की जरूरत है साथ ही मधुमेह, उच्च रक्तचाप और डिस्लिपिडेमिया जैसी बीमारियों वाले लोगों को अपना खास ख्याल रखना चाहिए। 
  • पूरी तरह से धूम्रपान का सेवन बंद कर दें। 
  • इसके अलावा आहार वसा और चीनी में कम होना चाहिए। 
  • नियमित रूप से आपको व्यायाम करना चाहिए। 

कार्डिएक अरेस्ट हिस्ट्री वाले मरीज क्या करें

  • अपने परिवार के सदस्यों और सहकर्मियों को आपातकालीन नंबर दें, ताकि कभी भी गंभीर स्थिति पैदा होने पर वे किसी से मदद मांग सके।
  • रक्त पैरामीटर और कार्डियक चेक-अप के लिए नियमित डॉक्टर से संपर्क करते रहें।
  • हमेशा स्वस्थ आहार लें, जिसमें नमक का सेवन कम होना चाहिए। अगर आपका हृदय पंपिंग फंक्शन कम है तो आपको बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए और बताएं गए नियमों का पालन करना चाहिए। 
  • नियमित रूप से आपको व्यायाम करने की आदत डालनी चाहिए। 

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क्या न करें

  • स्वास्थ्य को हानि पहुंचाने वाले आहार से हमेशा दूरी बनाए रखें। 
  • अगर आपका हृदय पंपिंग कम है, तो फुफ्फुसीय एडिमा भी हो सकता है, एक ऐसी स्थिति जहां फेफड़ों में तरल पदार्थ भर जाता है जिसके कारण आपको सांस लेना काफी मुश्किल हो जाता है। 
  • हृदय की समस्या में कुछ देर ही व्यायाम करें ज्यादा देर तक व्यायाम न करें। 
  • धूम्रपान बिलकुल भी न करें।

 

इनपुट्स: डॉ. संतोष कुमार डोरा, वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट, एशियन हार्ट इंस्टीट्यूट, मुम्बई

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