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दिमाग के लिए क्या है जरूरी, कॉफी या बीयर?

मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य By अतुल मोदी , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Jul 06, 2017
दिमाग के लिए क्या है जरूरी, कॉफी या बीयर?

कामकाजी लोगों के लिए बीयर और कॉफी दोनों ही मददगार माने जाते है। इनमें से दिमाग के लिए क्‍या जरूरी है, आइए इस लेख में जानते हैं।

कुछ लोग मानते हैं कि बीयर पीने से उनका दिमाग तेज चलता है तो वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो इस बात को कॉफी में ढूंढते नजर आते हैं। शायद इसीलिए इन पेय पदार्थों का सेवन करने वालों की संख्या भी बहुत अधिक है। हालांकि अब तक हुए कई शोधों में भी वैज्ञानिकों ने इस बात की पुष्टि की है कि बीयर और कॉफी दोनों ही व्यक्ति के दिमाग पर प्रभाव डालते हैं। यहां तक कि बीयर के बारे में अमेरिका के महान लेखक अर्नेस्ट हेमिंगवे कहते थे कि शराब पीने वाले लोग अच्छा लिख सकते हैं लेकिन शांत आदमी केवल संपादन कर सकता है। तो आइए आज हम इस लेख के माध्यम से बता रहें है कि दिमाग के लिए बीयर जरूरी है या कॉफी ?  

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बीयर

बीयर या कॉफी


ऐसे में अगर देखा जाए तो कामकाजी लोगों के लिए बीयर और कॉफी दोनों ही मददगार है। कॉफी में पाया जाने वाला कैफीन आपकों काम करने के लिए एनर्जी देता है तो वहीं बीयर व्यक्ति के दिमाग पर गहरा असर डालती है और वह आपको रचनात्‍मक बनाती है। जैसा आपका काम हो और कैसा रिजल्‍ट चाहते हैं इस आधार पर आपको क्‍या पीना है इसका निर्णय आप खुद ले सकते हैं। अगर आप अपने दिमाग में अच्‍छा आइडिया लाना चाहते हैं या कुछ क्रिएटिव करना चाहते हैं तो बीयर पी सकते हैं। यदि आप अधिक उर्जा चाहते हैं तो बेशक आप कॉफी पीजिए।     

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कैसे असर डालती है बीयर और कॉफी

सीधे तौर पर कहें तो बीयर पीने के बाद इसका असर दिमाग के सेरेब्रल कॉर्टेक्स पर पड़ता है जोकि हमारी बातचीत और विचारों को नियंत्रित करती है और जब कोई व्यक्ति बीयर पी लेता है तो उसकी हरकतें दूसरे व्यक्ति को प्रभावित करती हैं। जाहिर है कि बीयर पीने के बाद ध्यान भटक जाता है और नकारात्मकता हावी हो जाती है। मगर इसका एक दूसरा पक्ष यह भी है कि ऐसे समय में आपका पागलपन आपके दिमाग से पूरी तरह से हट जाता है।

एक और खास बात यह भी है कि जब एल्कोहल की मात्रा व्यक्ति के रक्त में पहुंचती है तो वह और भी ज्यादा रचनात्मक हो जाता है। वहीं अगर कॉफी की बात की जाए तो इसमें पाया जाने वाले कैफीन दिमाग में नींद को बढ़ाने वाले न्यूरो ट्रांसमिटर्स एडनोसाइन के प्रभावों को घटाकर डोपमाइन और नोरेपाइनेफ्राइन नामक अन्य न्यूरोट्रांसमिटर्स को रिलीज करने में दिमाग की मदद करता है, जिससे कॉफी आपको तरोताजा बनाने में मदद करती है।

हालांकि यहां इस बात को भी ध्‍यान रखने की जरूरत है कि इन दोनों पेय पदार्थों को ही पीने में संयम बरतने की जरूरत होती है। इनका ज्‍यादा सेवन सेहत के लिए हानिकारक भी हो सकता है।

 

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Image Source : Getty

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