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निकट दृष्टि दोष के कारणों को जानें

आंखों के विकार By Anubha Tripathi , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Aug 13, 2014
निकट दृष्टि दोष के कारणों को जानें

निकट दृष्टिदोष को मायोपिया के नाम से भी जानते हैं। जब व्यक्ति को पास की चीजें देखने में समस्या महसूस होने लगे तो उसे डॉक्टर से आंखों की जांच अवश्य करानी चाहिए।

दृष्टिदोष दो तरह के होते हैं। निकट दृष्टिदोष(मायोपिया) और दूरदृष्टि दोष (हायपरोपिया)। जब आपको दूर की चीज साफ दिखायी ना दे या धुंधली नजर आए तो यह निकट दृष्टि दोष का लक्षण हो सकता है। जैसे अगर कोई व्यक्ति निकट दृष्टिदोष से ग्रस्त हैं तो वो हाइवे के साइन को नहीं देख पाएगा भले ही वो कुछ दूरी पर ही क्यों ना हो।    
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निकट दृष्टिदोष क्या है

जब कभी चीज की इमेज रेटिना पर न बनकर, उससे पहले ही बन जाती है तो चीज धुंधला दिखाई देने लगती हैं। इस स्थिति को मायोपिया कहा जाता है। इसमें आमतौर पर दूर की चीजें धुंधली दिखाई देती हैं। चश्मा या कॉन्टैक्ट लेंस लगाकर इस स्थिति में सुधार किया जाता है। मायोपिया कई मामलों में शुरुआती छोटी उम्र में भी हो सकता है। यानी 6 साल के आसपास भी मायोपिया आ सकता है।

कारण

डॉक्टरो की मानें तो सबसे ज्यादा लोग मायोपिया से प्रभावित हैं। बचपन में देखने की क्षमता का विकास होता और किशोरावस्था में आंख की लंबाई बढ़ती है लेकिन निकट दृष्टि दोष होने की वजह से यह कुछ ज्यादा ही बढ़ जाती है। ऐसी स्थिति में आंख में जानेवाला प्रकाश रेटिना पर केंद्रित नहीं होता। इसी वजह से तस्वीर धुंधली दिखाई देती है लेकिन इस दोष को कांटैक्ट लेंस या सर्जरी से ठीक कराया जा सकता है। गौरतलब है कि जिन लोगों को दो मीटर या ६.६ फीट की दूरी के बाद चीजें धुंधली दिखती है उन्हें मायोपिया का शिकार माना जाता है।

पारिवारिक इतिहास

अगर माता-पिता में से किसी एक को भी यह समस्या होती हैं तो बच्चे में इस बीमारी की आशंका बढ़ जाती है।

आंखों का प्रयोग

मायोपिया इस बात पर भी निर्भर करता है कि व्यक्ति अपनी आंखों का प्रयोग कैसे करता है। जैसे अगर वो बहुत ज्यादा देर तक कंप्यूटर पर काम करता है या किताब को बहुत पास से या लंबे समय तक टेलीविजन देखता है तो मायोपिया का खतरा बढ़ जाता है।

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निकट दृष्टिदोष के लक्षण

जो लोग निकट दृष्टिदोष से ग्रस्त होते हैं उन्हें ड्राइविंग, खेल या कुछ फीट नीचे देखने के दौरान सिरदर्द, आंखों पर दबाव, चक्कर जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। बच्चों में जब यह समस्या होती है तो वो अक्सर यह शिकायत करते हैं कि उन्हें स्कूल में ब्लैकबोर्ड साफ नहीं दिखता है।

निकट दृष्टि दोष का इलाज

मायोपिया अगर गंभीर ना हो तो चश्मा लगाकर या कांटैक्ट लेंस लगाकर इस समस्या से निजात पा सकते हैं। इसके अलावा अगर स्थिति गंभीर हो तो ऐसी स्थिति में रिफ्रैक्टिव सर्जरी लैसिक ही इसका उपचार है। लासिक या कार्निया में एक पतला सा गोल फ्लैप तैयार किया जाता है। इसके बाद एक्समायर लेजर से फ्लैप को हटाकर उसके नीचे के कुछ टिश्यूज निकाले जाते हैं और पुन: उस भाग को फ्लैप से ढक दिया जाता है।

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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