Atrial Fibrillation: क्या है एट्रियल फिब्रिलेशन? जानें कैसे ये आपके हृदय स्वास्थ्य को करता है प्रभावित

Updated at: Aug 26, 2020
Atrial Fibrillation: क्या है एट्रियल फिब्रिलेशन? जानें कैसे ये आपके हृदय स्वास्थ्य को करता है प्रभावित

एट्रियल फिब्रिलेशन एक अनियमित दिल की धड़कन है जो स्ट्रोक और हृदय रोग के खतरे को बढ़ाती है। जानें क्या है इसके जोखिम।

Vishal Singh
हृदय स्‍वास्‍थ्‍यWritten by: Vishal SinghPublished at: Aug 26, 2020

जब आपका डॉक्टर आपको एट्रियल फिब्रिलेशन (AFIB) का निदान करता है, तो आप आश्चर्यचकित हो सकते हैं। आप यह भी सोच सकते हैं कि भविष्य में आपकी बीमारी आपको कैसे प्रभावित कर सकती है। इस दौरान आपका डॉक्टर नियमित रूप से आपके दिल की जांच करेगा कि यह कितना स्वस्थ है और आपको किस प्रकार के इलाज जरूरत है।बिना इलाज एट्रियल फिब्रिलेशन (AFIB) दिल का दौरा, स्ट्रोक और दिल की विफलता जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ने लगता है। जो आपके जीवन की आयु को छोटा कर सकता है। लेकिन इलाज और जीवनशैली में बदलाव इन समस्याओं को रोकने और आपके जोखिमों को प्रबंधित करने में मदद कर सकते हैं।

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एट्रियल फिब्रिलेशन क्या है?

एट्रियल फिब्रिलेशन एक अनियमित दिल की धड़कन है जो स्ट्रोक और हृदय रोग के खतरे को बढ़ाती है। एट्रियल फिब्रिलेशन के लक्षण में चक्कर आना, कमजोरी और थकान शामिल हैं। इसके इलाज में दवा और जीवनशैली में कई तरह के बदलाव करने होते हैं। इसके साथ ही कभी-कभी कार्डियोवर्सन, एब्लेशन, पेसमेकर या सर्जरी जैसी प्रक्रियाएं होती हैं। इसका समय पर इलाज न कराने पर ये गंभीर स्थिति में भी पहुंच सकता है। 

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एट्रियल फिब्रिलेशन (AFib) के जोखिम क्या है?

आपको बता दें कि एट्रियल फिब्रिलेशन (AFIB) के कोई लक्षण नहीं हो सकता है। लेकिन दिल की धड़कन तेज या रुक जाना, सीने में दर्द या चक्कर आना जैसे लक्षण हो सकते हैं और अक्सर हृदय के पंप से रक्त की मात्रा में कमी से संबंधित होते हैं। हालांकि ये बात सच है कि दवा लेने पर ये लक्षण अपने आप दूर हो सकते हैं या बेहतर हो सकते हैं। इससे जुड़े जोखिम:

असामान्य हृदय ताल: यह आपके जीवन के लिए खतरा नहीं हो सकता है। लेकिन अनुपचारित होने पर यह गंभीर स्थिति जरूर पैदा कर सकता है।

खून के थक्के: जब आपका दिल जोर से नहीं धड़कता है, तो आपका रक्त बहुत धीमा हो जाता है। जिसके कारण खून के थक्के बन जाते हैं, एक रक्त का थक्का आपके अंगों में रक्त के प्रवाह को अवरुद्ध कर सकता है। इसके साथ ही आपके मस्तिष्क के कामों में भारी रुकावट पैदा कर सकता है। ऐसी स्थिति में स्ट्रोक के होने की संभावना इस स्थिति के बिना उन लोगों की तुलना में एट्रियल फिब्रिलेशन (AFib) वाले लोगों में करीब 4 गुना ज्यादा खतरा है।

दिल की धड़कन रुकना: दिल की धड़कनों का अचानक रुकना काफी खतरनाक हो सकता है। समय के साथ आपका दिल इतना कमजोर हो सकता है कि यह आपके शरीर की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त रक्त को पंप नहीं कर सकता जिसके कारण अचानक दिल की धड़कनें रुक जाती है। 

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AFIB कैसे करता है प्रभावित?

एट्रियल फिब्रिलेशन (AFIB) जल्दी मौत का जोखिम उठाता है। दिल की विफलता और स्ट्रोक AFIB वाले लोगों में मौत के दो मुख्य कारण हैं। लेकिन बेहतर इलाज के साथ मौत के आंकड़े को कम किया जा सकता है। आपको बता दें कि AFIB वाले लोगों के लिए जीवन प्रत्याशा के आंकड़े नहीं हैं। इसमें आपको कई तरह के बदलाव अपनी जीवनशैली में करने पड़ते हैं जैसे: व्यायाम, वजन घटाने, स्वस्थ भोजन, और ब्लड थिनर और रक्तचाप की दवाओं जैसे इलाज आपको लंबे समय तक जीने में मदद कर सकते हैं।

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