आपके घर में रखा गुड़ असली है या नकली? इस तरीके से करें असली गुड़ की पहचान और जानें फायदे

Updated at: Jan 30, 2020
आपके घर में रखा गुड़ असली है या नकली? इस तरीके से करें असली गुड़ की पहचान और जानें फायदे

इस बात को लेकर असमंजस की स्थिति में रहते हैं कि आपके घर में रखा गुड़ असली है या नकली, इस तरीके से पहचानें।

Jitendra Gupta
घरेलू नुस्‍खWritten by: Jitendra GuptaPublished at: Jan 30, 2020

शुगर बाजार में आसानी से उपलब्ध खाद्य पदार्थों में मिठास बढ़ाने वाली एक साधारण चीज है। लेकिन जब बात इसके पौष्टिक गुणों की आती है तो ये आपके स्वास्थ्य के लिए बिल्कुल भी अच्छी नहीं है। शुगर यानी की चीनी को आप और कॉफी के साथ-साथ अन्य पदार्थों में भी मिलाते हैं ताकि अपनी मीठे की क्रेविंग को शांत कर सके। लेकिन क्या आप जानते हैं कि मीठे की क्रेविंग को शांत करने के लिए खाई जाने वाली शुगर का अत्यधिक सेवन आपके शरीर को ऐसे नुकसान पहुंचाता है, जो कि कल्पना से परे हैं। अगर आप शुगर के हेल्दी विकल्पों की तलाश में हैं तो गुड़ आपकी सेहत के लिए काफी फायदेमंद है। लेकिन दिक्कत की बात ये है कि लोगों ने पैसा कमाने के चक्कर में नकली गुड़ बनाने का काम शुरू कर दिया है, जो आपकी सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक है। इस लेख में हम आपको बता रहे हैं कि असली और नकली गुड़ में अंतर करने का तरीका। इस तरीके से आप पता लगे सकते हैं कि आपके घर में रखा गुड़ असली है या नकली।

how to test jaggery

ऐसे पहचानें घर में रखा गुड़ असली है या नकली

हमेशा वहीं गुड़ चुनें, जिसका रंग ज्यादा भूरा हो। 

इस बात का ध्यान रखें कि पीले रंग या हल्के पीले रंग वाला गुड़ न चुनें। 

रोजाना हम जो गुड़ खा रहे हैं, उसमें बहुत से तत्वों को मिलाया जाता है।

गुड़ में मिलाए जाने वाले 2 मिलावटी तत्व हैं

कैल्शियम कार्बोनेट

सोडियम कार्बोनेट

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क्यों मिलाएं जाते हैं ये तत्व

कैल्शियम कार्बोनेट को गुड़ में इसलिए मिलाया जाता है ताकि उसका वजन बढ़ाया जा सके। 

वहीं सोडियम बायकार्बोनेट का प्रयोग पीला रंग मिलाने के बाद उसके लुक को निखारने के लिए किया जाता है।

इसके अलावा रंग, वजन और आकार में सुधार के लिए गुड़ में बहुत से अन्य रसायन भी मिलाएं जाते हैं। यही कारण है कि गुड़ का रंग भूरा होने के बजाए पीला दिखाई देता है। दरअसल भूरा रंग गुड़ का वास्तविक रंग है, जिसे गन्ने को उबालने पर शुगर के रूप में लाया जाता है।

jaggery

क्यों हो जाती है लोगों के एलर्जी

बहुत से लोगों को गुड़ खाने के बाद एलर्जी हो जाती है ऐसा इसलिए होता है क्योंकि इसमें मिलाए गए तत्व आपको प्रभावित करना शुरू कर देते हैं। दरअसल होता यूं है कि गुड़ बनाने वाले कुछ उत्पादक इसमें भारी मात्रा में खाने योग्य कैल्शियम कार्बोनेट मिला देते हैं। ऐसा गुड़ को खरोच कर और हल्दी के पानी में डालकर जांचा जा सकता है। ऐसा करने से इसका रंग पीले से लाल हो जाता है या फिर हल्का लाल रंग का हो जाता है।

रंग और आकार में बदलाव प्रयोग की गई कैल्शियम कार्बोनेट की मात्रा पर निर्भर करता है।

इसलिए अगली बार जब भी गुड़ खरीदें तो उसका रंग देखें और घर में आकर ऊपर दिए गए तरीके से जांचें।

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गुड़ के फायदे

पाचन में सहायता

गुड़ का प्रयोग पाचन तंत्र को सुधारने के लिए किया जाता है। गुड़ शरीर में पाचन प्रक्रिया को सुधार कर कब्ज की समस्या से राहत दिलाता है। इसलिए हर किसी को दिन में एक टुकड़ा गुड़ा जरूर खाना चाहिए।

आयरन का अच्छा स्त्रोत है गुड़

आयरन हीमोग्लोबिन के लिए एक बहुत जरूरी घटक है। रोजाना एक टुकड़ा गुड़ खाने से आपके शरीर की आयरन की दैनिक जरूरत पूरी हो सकती है। यह एनीमिया के शिकार लोगों के लिए बहुत ही फायदेमंद है।

सर्दी और जुकाम से लड़ने में फायदेमंद

गुड़ को सर्दी और जुकाम के लिए एक नुस्खे के रूप में भी देखा जाता है। यह गर्म और प्राकृतिक है और इसलिए इसके साइड इफेक्ट नहीं हैं।

एंटी-ऑक्सीडेंट से भरपूर गुड़

गुड़ एंटी-ऑक्सीडेंट का एक अद्भुत स्त्रोत है, जो आपकी इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करता है। ये शरीर में मुक्त कणों के नुकसान को रोकने में मदद करता है। ये शरीर में हड्डियों और जोड़ों को मजबूत बनाने में भी मदद करता है।

क्लींजिंग एजेंट के रूप में करता है काम

गुड़ की चाय शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करती है, जो कि साबित भी हो चुका है। गुड़ शरीर में एक क्लींजिंग एजेंट के रूप में काम करता है, जो विभिन्न अंगों से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकाल फेंकने में मदद करता है।

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