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जानें क्या है एंडोमेट्रियल कैंसर के लक्षण और किन महिलाओं को होता है ज्यादा खतरा

कैंसर By Anurag Gupta , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Sep 19, 2018
जानें क्या है एंडोमेट्रियल कैंसर के लक्षण और किन महिलाओं को होता है ज्यादा खतरा

एंडोमेट्रियल कैंसर खतरनाक है क्योंकि इसके कारण महिलाओं में मां बनने की क्षमता हमेशा के लिए खत्म हो सकती है। इसके अलावा ये कई अन्य परेशानियों का भी कारण बन सकता है।

गर्भाशय की अंदरूनी परत को एंडोमेट्रियम कहते हैं। इसी एंडोमेट्रियम की कोशिकाएं जब असामान्य रूप से बढ़ने लगती हैं, तो ये एंडोमेट्रियल कैंसर का कारण बनती हैं। एंडोमेट्रियल कैंसर खतरनाक है क्योंकि इसके कारण महिलाओं में मां बनने की क्षमता हमेशा के लिए खत्म हो सकती है। इसके अलावा ये कई अन्य परेशानियों का भी कारण बन सकता है। एंडोमेट्रियल कैंसर को ही गर्भाशय का कैंसर या बच्चेदानी का कैंसर भी कहा जाता है। मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज जैसी बीमारियों के होने पर गर्भाशय में कैंसर होने की संभावना काफी बढ़ जाती है। इस कैंसर का इलाज बहुत मुश्किल होता है क्योंकि इसका कोई स्क्रीनिंग टेस्ट उपलब्ध नहीं है। आइए आपको बताते हैं एंडोमेट्रियल कैंसर के क्या हैं  लक्षण और किन्हें होता है इसका ज्यादा खतरा।

किन्हें है एंडोमेट्रियल कैंसर का ज्यादा खतरा

कैंसर कोई भी हो, इंसान के लिए खतरनाक और जानलेवा होता ही ही। कुछ महिलाओं को एंडोमेट्रियल कैंसर का खतरा सामान्य से ज्यादा होता है, जैसे-

  • ऐसी महिलाएं जो कभी प्रेगनेंट न हुई हों।
  • ऐसी महिलाएं जिनके पीरियड्स 12 वर्ष की उम्र से पहले शुरू हो गए थे।
  • ऐसी महिलाएं जिनका 55 वर्ष की आयु के बाद मेनोपॉज होता है।
  • इसके अलावा पीसीओएस और डायबिटीज के कारण भी इस कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।
  • ब्रेस्ट कैंसर के कारण कई बार गर्भाशय का कैंसर भी हो सकता है।

क्या हैं एंडोमेट्रियल कैंसर के लक्षण

एंडोमेट्रियल कैंसर के कई लक्षण आपको सामान्य लग सकते हैं। मगर यदि आपको ये लक्षण जल्दी-जल्दी दिखाई देते हैं, तो बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

असामान्य वेजाइनल डिसचार्ज

अगर आपको पीरियड्स के अलावा भी अचानक से ब्लीडिंग होती है या खून के अलावा आपकी योनि से किसी भी तरह का लिक्विड डिस्चार्ज हो रहा है, तो ये एंडोमेट्रियल कैंसर का लक्षण हो सकते हैं। ऐसे में आपको जांच करवाना जरूर है। इसके अलावा आपके पीरियड का चक्र लगातार बदल जाना,  मेनोपॉज के बाद भी ब्लीडिंग होना भी एंडोमेट्रियल कैंसर के शुरुवाती लक्षण हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत गायनकोलॉजिस्ट के पास जायें।

पेल्विक यानी पेड़ू में होता है दर्द

कई महिलाओं को गर्भाशय का कैंसर होने पर अनियमित ब्लीडिंग और डिस्चार्ज के साथ पेड़ू या पेल्विक (जननांग से ऊपर का हिस्सा) में दर्द भी हो सकता है। कैंसर के कारण अगर गर्भाशय बढ़ जाता है तो इस हिस्से में दर्द और ऐंठन हो सकती है। अगर आपको ब्लीडिंग के साथ ऐसा दर्द महसूस होता है, जितनी जल्दी हो सके डॉक्टर से जांच करवाएं।

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अचानक बिना प्रयास वजन कम होना

वजन का अचानक कम होना कई कारणों से हो सकता है मगर यदि ऊपर बताये गए लक्षणों के साथ-साथ अचानक वजन घटने की भी समस्या है, तो इसे बिल्कुल भी अनदेखा न करें। ये एंडोमेट्रियल कैंसर का लक्षण हो सकता है। इसका खतरा मेनोपॉज के बाद महिलाओं में बढ़ जाता है इसलिए इसकी जांच जरूर करवा लें।

बार-बार पेशाब जाना

एंडोमेट्रियल कैंसर के कारण आपकी पेशाब जाने की आदतों में भी बदलाव आ सकता है। आपका ब्लैडर गर्भाशय से जुड़ी समस्याओं को निर्देशित करता है। एंडोमेट्रियल कैंसर के दौरान आपको बार-बार पेशाब आना, पेशाब करने में परेशानी, पेशाब करते वक्त दर्द आदि संकेत दिखते हैं।

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