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प्रोस्‍टेट कैंसर से बचाव में वेजीटेबल फैट की भूमिका के बारे में जानें

कैंसर By Meera Roy , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Jul 25, 2016
प्रोस्‍टेट कैंसर से बचाव में वेजीटेबल फैट की भूमिका के बारे में जानें

प्रोस्‍टेट कैंसर से बचाव में वेजीटेबल फैट की भूमिका को जानने के लिए ये लेख पढ़ें।

फैट यानी वसा की बात करते ही सब यही सोचते हैं कि यह नुकसादेय है। इससे मोटापा बढ़ता है। शरीर में आलस फैलता है। साथ ही कई बीमारियां भी हमें आकर जकड़ लेती हंै। जबकि यह सच नहीं है। असल में कई ऐसे फैट भी होते हैं जो हेल्दी यानी स्वस्थ होते हैं। यही नहीं हेल्दी फैट तमाम घातक बीमारियों को ठीक करने में महति भूमिका भी अदा करते हैं। ऐसी ही एक बीमारी है प्रोस्टेट कैंसर। विशेषज्ञों का मानना है कि हेल्दी फैट के सेवन से प्रोस्टेटे कैंसर के शुरुआती लक्षणों को खत्म किया जा सकता है। इतना ही नहीं प्रोस्टेट कैंसर के कारण होने वाली मृत्यु की आशंका में भी गिरावट आती है। आपको यह जानकर हैरानी हो सकती है कि वेजिटेबल फैट, मांसाहार से मिलने वाली वसा की तुलना में ज्यादा लाभकर है। अतः वेजिटेबल फैट को अपने आहर में शामिल करें और प्रोस्टेट कैंसर जैसी घातक बीमारियों को मात दें।


जांच करवाएं - प्रास्टेट कैंसर पुरुषों में फैलने वाली एक ऐसी बीमारी है, जिसका समय पर इलाज न किया जाए तो व्यक्ति विशेष की मृत्यु निश्चित है। अतः जरूरी यह है कि प्रत्येक पुरुष समय समय पर प्रोस्टेट कैंसर से सम्बंधित जांच अवश्य करवाएं ताकि यह बीमारी हो भी रही हो तो समय पर इसका इलाज संभव हो सके।

स्वस्थ डाइट लें - जैसा कि पहले ही जिक्र किया गया है कि हेल्दी वसा लेने से प्रोस्टेट कैंसर के शुरुआती लक्षणों को मात दी जा सकती है। इसी तरह यह भी सुनिश्चित करना आवश्यक है कि आपके डाइट में क्या क्या शामिल है? वास्तव में प्रोस्टेट कैंसर का पता चलते ही सावधानी से अपना डाइट चार्ट बनाएं। इसमें पत्तेदार सब्जियां मसलन फूल गोभी, बंदगोभी, ब्रोक्ली, करमसाग आदि हैं। इनमें योगिक पदार्थ ग्लुकोसिनोलेट पाया जाता है। जब यह सल्फर युक्त पदार्थ टूटते हैं तो फाइटो न्यूट्रियेंट बनते हैं जो कि कैंसर बनने से रोकता है।

हेल्दी वसा लें - जैसा कि ज्ञात है कि प्रोस्टेट कैंसर से बचने के लिए हेल्दी वसा का सेवन करना आवश्यक है। इसके लिए कुछ आहार विशेष से तौबा करना होता है कुछ आहार विशेष को अपने डाइट चार्ट में शामिल करना होता है। अपने आहार में एवाकोडा, सलाद, ओलिव आयल, पीनट बटर शामिल करें। इनमें आवश्यक और लाभकारी वसा मौजूद है।

मछली खाएं - क्या अपको अंदाजा है कि प्रोस्टेट कैंसर के रिस्क को कम करने में मछली का कितना योगदान है? नियमित रूप से मछली खाने से प्रोस्टेट कैंसर होने की आशंका में 63 फीसदी की कमी हो सकती है। अध्ययनों से इस बात की पुष्टि हुई है कि जो पुरुष अपनी डाइट में ओमेगा 3 फैटी एसिड शामिल करते हैं, उनमें तुलनात्मक रूप से प्रोस्टेट कैंसर का रिस्क कम होता है। दरअसल ओमेगा 3 फैटी एसिड वाली मछलियों में ईपीए और डीएचए होता है जो कि प्रोस्टेट कैंसर से लड़ने में मदद करता है।

ग्रीन टी - यूं तो हेल्दी वसा प्रोस्टेट कैंसर से बचाव के लिए आवश्यक है। इसके साथ ही कुछ अन्य विकल्पों को भी चुना जा सकता है। ग्रीन टी ऐसा ही बेहतरीन विकल्प है। पुरुष ग्रीन टी पीकर प्रोस्टेट कैंसर से खुद को दूर रख सकते हैं। इसे अपनी रोजमर्रा की जीवनशैली में इख्तियार करना फायदे का सौदा हो सकता है। सवाल उठता है कि ग्रीन टी कब कब पी जा सकती है? गर्म ग्रीन टी कभी भी ली जा सकती है। इसे खाने के साथ पेय के रूप में भी पिया जा सकता है। आइस्ड ग्रीन भी अच्छा विकल्प है।

कैसे बचें - हेल्दी डाइट के साथ साथ हेल्दी माहौल और वातावरण भी प्रोस्टेट कैंसर से आपको बचा सकता है। इस बात का ध्यान रखें कि आपके इर्द गिर्द कोई खतरनाक रसायन न हो। इतना ही नहीं इस बात से वाकिफ रहें टोक्सिन और रसायनों से दूर रहें क्योंकि प्रोस्टेटे कैंसर को ये बढ़ावा देते हैं।

क्या न खाएं - जिस तरह प्रोस्टेट कैंसर के लिए हेल्दी वसा खाना आवश्यक है, उसी तरह कुछ आहार विशेष से दूरी बनाई रखनी भी आवश्यक है। ये हैं, लाल मांस, नान आर्गेनिक मांस मसलन बीफ, पोर्क, लैम्ब। दरअसल में इनमें एंटीबायोटिक और एस्टेराएड पाए जाते हैं। यह प्रोस्टेट के लिए हानिकाकर है। इसके अलावा दुग्ध उत्पाद से भी दूरी बनाई रखनी चाहिए क्योंकि ये भी प्रोस्टेट कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी को बढ़ावा देते हैं। दरअसल इनमें कोलेस्ट्रोल अत्यधिक होता है जो कि प्रोस्टेट के लिए तो हानिकारक है साथ ही हृदय को भी नुकसान पहुंचाता है।


Image Source-Getty

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