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Breast Cancer Awareness Month : जानिए क्या होता है मेटास्टैटिक ब्रेस्ट कैंसर और इसके लक्षण व इलाज

कैंसर By मिताली जैन , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Oct 08, 2019
Breast Cancer Awareness Month : जानिए क्या होता है मेटास्टैटिक ब्रेस्ट कैंसर और इसके लक्षण व इलाज

जब ब्रेस्ट कैंसर शरीर के अन्य भागों में फैलने लगता है और इससे स्तन के साथ-साथ उसके पास के लिम्फ नोड्स में फैलने लगता है तो इससे मेटास्टैटिक ब्रेस्ट कैंसर कहा जाता है। सबसे आम जगहों पर यह लिम्फ नोड्स, यकृत, फेफड़े, हड्डियों और मस्तिष्क में फैलता है।

ब्रेस्ट कैंसर आज के समय में एक आम समस्या बन गई है। हालात यह है कि भारत में हर 28 में से एक महिला को ब्रेस्ट कैंसर का खतरा है, लेकिन फिर भी बहुत से लोग इसके बारे में पूरी तरह से नहीं जानते। मेटास्टैटिक ब्रेस्ट कैंसर (metastatic breast cancer) भी एक ऐसा ही कैंसर है। मेटास्टैटिक ब्रेस्ट कैंसर शब्द शायद बहुत से लोगों के लिए एकदम नया हो। इसे ब्रेस्ट कैंसर का एक फैला हुआ रूप कहा जा सकता है। यह स्तन कैंसर की IV या एडवांस स्टेज है, यह कोई विशिष्ट प्रकार का स्तन कैंसर नहीं है, बल्कि यह स्तन कैंसर की मोस्ट एडवांस स्टेज है।

जब ब्रेस्ट कैंसर आपके स्तनों के पास लिम्फ नोड्स, यकृत, फेफड़े, हड्डियों और मस्तिष्क में फैलने लगता है तो यह स्टेज मेटास्टैटिक कही जाती है। कई मामलों में इस स्टेज पर ब्रेस्ट कैंसर का उपचार पूरी तरह से नहीं किया जा सकता, लेकिन फिर भी कुछ तरीकों से इसे प्रबंधित किया जा सकता है। यद्यपि मेटास्टैटिक स्तन कैंसर शरीर के दूसरे भाग में फैल जाता है, फिर भी यह स्तन कैंसर है और इसे स्तन कैंसर के रूप में माना जाता है। तो चलिए जानते हैं इसके बारे में-

क्‍या होता है स्तन कैंसर?

मेटास्टैटिक ब्रेस्ट कैंसर (metastatic breast cancer) का इलाज हमेशा ही स्तन कैंसर की तरह किया जाता है, भले ही वह शरीर के अन्य भागों में क्यों न फैल जाए। उदाहरण के लिए, स्तन कैंसर जो हड्डियों तक फैल गया है, वह अभी भी स्तन कैंसर (हड्डी का कैंसर नहीं) है। इसे हड्डियों या अस्थि मेटास्टेसिस में मेटास्टेटिक स्तन कैंसर भी कहा जा सकता है। यह हड्डी में शुरू होने वाले कैंसर के समान नहीं है। वास्तव में, यह स्तन कैंसर की कोशिकाएं हैं जिन्होंने हड्डियों पर आक्रमण किया है।  इसलिए इसका इलाज स्तन कैंसर की दवाओं के साथ इलाज किया जाता है, न कि हड्डियों में कैंसर के इलाज के लिए इस्तेमाल की जाने वाली दवाओं के साथ।

ऐसे होता है मेटास्टैटिक ब्रेस्ट कैंसर

चूंकि भारत में अधिकतर महिलाएं अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक नहीं होती और अपनी स्वास्थ्य समस्या के लक्षणों की अनदेखी करती हैं, इसलिए जब तब उन्हें ब्रेस्ट कैंसर का पता चलता है, तब तक वह मेटास्टैटिक स्टेज में पहुंच चुका होता है। इस प्रकार उन्हें पहली बार डायग्नोस करने पर ही मेटास्टैटिक ब्रेस्ट कैंसर (metastatic breast cancer) होता है। इसके अलावा कई बार ब्रेस्ट कैंसर का पूरा इलाज करवाने के बाद कई सालों बाद फिर से व्यक्ति केा मेटास्टैटिक ब्रेस्ट कैंसर हो सकता है। इसलिए पूर्ण रूप से कैंसर मुक्त होने के बाद भी प्रतिवर्ष फुल बॉडी चेकअप जरूर करवाना चाहिए। इससे आप किसी भी स्वास्थ्य समस्या को बढ़ने से पहले ही रोक सकते हैं।

मेटास्टैटिक स्तन कैंसर के लक्षण (Signs of Metastatic Breast Cancer)

मेटास्टैटिक स्तन कैंसर के लक्षण इस बात पर निर्भर करते हैं कि यह शरीर के किस हिस्से में फैला है। अलग-अलग हिस्सों पर इसका प्रभाव अलग तरह से नजर आता है। जैसे-

  • जब स्तन कैंसर हड्डियों तक फैलता है तो इसे बोन मेटास्टेसिस ब्रेस्ट कैंसर कहा जाता है। इसमें व्यक्ति को अचानक दर्द का अहसास होता है। यह रिब्स, स्पाइन, पेल्विस और हाथ व पैर की लंबी हड्डियों को सबसे ज्यादा प्रभावित करता है।
  • ब्रेस्ट कैंसर के फेफड़ों पर फैलने पर उसे लंग मेटास्टेसिस ब्रेस्ट कैंसर कहा जाता है। इसमें व्यक्ति को फेफड़े में दर्द या बेचैनी, सांस की तकलीफ, लगातार खांसी और अन्य कुछ लक्षण नजर आते हैं।
  • दिमाग में फैलने वाले स्तन कैंसर के लक्षणों में सिरदर्द, देखने व बोलने की क्षमता का प्रभावित होना, मेमोरी समस्या व अन्य कुछ लक्षण हो सकते हैं। 
  • लिवर मेटास्टेसिस ब्रेस्ट कैंसर होने पर व्यक्ति को मिड सेक्शन में दर्द का अहसास होता है। इसके अतिरिक्तद व्यक्ति को थकान और कमजोरी, वजन कम होना या भूख की कमी व बुखार जैसे लक्षण नजर आते हैं।

इलाज

मेटास्टैटिक ब्रेस्ट कैंसर का पता चल जाने के बाद उसके इलाज के लिए कई तरीके अपनाए जाते हैं। इसके लिए आप अपने डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं। इलाज के तरीकों में प्रमुख हैं-

सर्जरी

कुछ मामलों में मेटास्टैटिक स्तन कैंसर होने पर सर्जरी की सलाह दी जाती है। खासतौर से, हड्डियों को टूटने से बचाने या लिवर में कैंसर सेल को रोकने के लिए सर्जरी को एक अच्छा उपचार माना जाता है।

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कीमोथेरपी

कीमोथेरेपी का उपयोग मेटास्टैटिक स्तन कैंसर के उपचार में किया जाता है ताकि कैंसर कोशिकाओं को जितना संभव हो उतना नष्ट किया जा सके।

रेडिएशन थेरेपी

कैंसरयुक्त कोशिकाओं को नष्ट करने और कैंसर को फिर से होने से रोकने के लिए रेडिएशन थेरेपी करने की सलाह दी जाती है। रेडिएशन थेरेपी के बिना कैंसर फिर से होने की आशंका 25 प्रतिशत बढ़ जाती है। रेडिएशन थेरेपी के लिए विशिष्ट क्षेत्र में कैंसर को नियंत्रित किया जा सकता है व दर्द से भी काफी हद तक राहत पाई जा सकती है।

हार्मोनल थेरेपी

हार्मोनल थेरेपी दवाओं का उपयोग हार्मोन-रिसेप्टर पॉजिटिव मेटास्टेटिक ब्रेस्ट कैंसर के विकास को कम करने में मदद करने के लिए किया जाता है।

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टार्गेटेड थेरेपी

टागरेटेड थैरेपी में कैंसर सेल्स को ब्लॉक करके केवल उसे नष्ट किया जाता है। इस थेरेपी के प्रयोग का एक लाभ यह है कि इससे स्वस्थ कोशिकाओं को किसी तरह का नुकसान नहीं होता।

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