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जानिए शिशुओं के लिए कितना फायदेमंद है दाल का पानी

नवजात की देखभाल By अनुराग अनुभव , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / May 23, 2018
जानिए शिशुओं के लिए कितना फायदेमंद है दाल का पानी

दालों की खास बात ये है कि आंच पर पकने के बाद भी इसके पौष्टिक तत्व सुरक्षित रहते हैं। इनमें प्रोटीन और विटामिन्स काफी पाया जाता है। आइये आपको बताते हैं कि दाल का पानी देने से शिशु को कौन-कौन से लाभ मिलते हैं।

शिशु जब 6 महीने का हो जाए, तो उसे मां के दूध के अलावा भी कुछ आहार खिलाना शुरू करना चाहिए। आमतौर पर शुरुआत में शिशु को दाल का पानी पिलाया जाता है। दाल को प्रोटीन का पावर हाउस कहा जाता है और ज्यादा पानी वाली पतली दाल सुपाच्य होती है इसलिए शिशु के लिए ये सबसे अच्छा आहार है। दालों में ढेर सारे प्रोटीन और पौष्टिक तत्व होते हैं जो शिशु के शरीरिक विकास और अच्छे स्वास्थ्य के लिए जरूरी होते हैं। आयरन, कैल्शियम, फाइबर, कार्बोहाइड्रेट आदि तत्वों के कारण ज्यादातर दालें शरीर के लिए लाभदायक हैं। दालों की मुख्य विशेषता यह होती है कि आंच पर पकने के बाद भी इसके पौष्टिक तत्व सुरक्षित रहते हैं। इनमें प्रोटीन और विटामिन्स बहुतायत में पाए जाते हैं। आइये आपको बताते हैं कि दाल का पानी देने से शिशु को कौन-कौन से लाभ मिलते हैं।

पाचन शक्ति बढ़ाती है दाल

शिशु के अंदरूनी अंग अपने कामों के लिए धीरे-धीरे तैयार होते हैं इसलिए 6 माह से कम के शिशु को ठोस आहार नहीं दिया जाता है क्योंकि वो उसे पचाने में सक्षम नहीं होता है। ऐसे में जब शिशु मां के दूध के अतिरिक्त बाहरी चीजें खाना-पीना शुरू करता है तब दाल का पानी उसके लिए सबसे अच्छा आहार है क्योंकि ये सुपाच्य होता है इसलिए शिशु का पेट इसे आसानी से पचा पाता है। धीरे-धीरे शिशु का पेट अन्य चीजें भी पचाने में सक्षम होने लगता है।

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पौष्टिक गुणों से भरपूर

दाल में ढेर सारे पौष्टिक तत्व और मिनरल्स होते हैं। दालों को प्रोटीन का पावर हाउस कहा जाता है। इसलिए दाल का पानी पीने से शिशु के शरीर को पोषण मिलता है और जरूरी ऊर्जा मिलती है। मूंग, अरहर और मसूर की दाल में 20 से भी ज्यादा पौष्टिक तत्व पाए जाते हैं।

खून बढ़ाता है दाल का पानी

कुछ शिशु बचपन में कमजोर होते हैं और उनमें खून की भी कमी होती है। ऐसे में दाल का पानी पिलाना उनके लिेए बहुत फायदेमंद है क्योंकि सभी दालों में आयरन की मात्रा भरपूर होती है और आयरन शरीर में खून को बढ़ाता है। दालों में फाइबर होने के कारण ये शिशु की नाजुक आंतों को भी अच्छे से साफ कर देती हैं।

बढ़ती है रोग प्रतिरोधक क्षमता

शिशु का शरीर कमजोर होता है और छोटा होने के कारण उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बहुत कम होती है इसीलिए शिशु बीमार बहुत जल्दी पड़ते हैं। मगर दाल का पानी पिलाने से शिशुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी विकसित हो जाती है क्योंकि दालों में कई तरह के बेहतरीन एंटीऑक्सि़डेंट्स होते हैं। इसके अलावा दालों में जिंक और फॉलिक एसिड होता है जो कई तरह की बीमारियों से शिशु की रक्षा करता है और उनमें डीएनए के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

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शरीर को बनाए मजबूत

शिशु के शरीर के अंग बहुत नाजुक होते हैं और उनकी हड्डियां भी बहुत कमजोर हो जाती हैं। अगर आप शुरू से ही शिशु को पौष्टिक चीजें खिलाएंगे तो उसका शरीर और हड्डियां मजबूत बनेंगी। दालों में कैल्शियम, मैग्नीशियम और फास्फोरस भरपूर होता है। इसके अलावा इसमें विटामिन डी भी खूब होता है। ये सभी तत्व हड्डियों को मजबूत बनाते हैं और शरीर में शक्ति बढ़ाते हैं।

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