गर्भावस्‍था के दौरान बटर फ्लाई एक्‍सरसाइज है बेहद फायदेमंद, जानें 6 आसान स्‍टेप

गर्भावस्‍था के दौरान बटर फ्लाई एक्‍सरसाइज है बेहद फायदेमंद, जानें 6 आसान स्‍टेप

बटर फ्लाई एक्सरसाइज गर्भवती महिलाओं के लिए फायदेमंद होता है। इससे प्रसव में आसानी होती है और यह आपके जांघ व कूल्‍हो की मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मददगार है। आइए जानते हैं बटर फ्लाई एक्सरसाइज के 6 आसान स्‍टेप। 

योग गर्भावस्‍था और प्रसव के दौरान आने वाली चुनौतियों से निपटने में मदद करता है। यही कारण है कि डॉक्‍टर गर्भावस्‍था के दौरान महिलाओं के हल्‍के व्‍यायाम करने की सलाह देते हैं। जिससे जच्‍चा बच्‍चा दोनों स्‍वस्‍थ रह सकें। ऐसे में गर्भावस्‍था के दौरान महिलाओं को बटर फ्लाई एक्‍सरसाइज यानि कि तितली आसन करने की सलाह दी जाती है। बटर फ्लाई एक्‍सरसाइज करने से डिलिवरी के समय होने वाले दर्द में राहत मिलती है। योग गर्भवती महिला को मजबूत बनाता है और रक्‍त परिसंचरण को बेहतर बनाने में मदद करता है। इतना ही नहीं योग आपको सकारात्‍मक सोच और ऊर्जावान बनाता है और गर्भावस्‍था के दौरान शरीर में हार्मोन्‍स की गड़बड़ी को संतुलित करने के साथ हैप्‍पी हर्मोन्‍स के लिए फायदेमंद माना जाता है। लेकिन गर्भवती महिलाओं को योग अपने डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं करना चाहिए। गर्भवती महिलाओं को अक्‍सर हल्‍के व्‍यायाम या अभ्‍यास करने की सलाह दी जाती है। गर्भवस्‍था के दौरान यदि महिला बटर फ्लाई एक्‍सरसाइज करती है, तो य‍ह जच्‍चा-बच्‍चा दोनों के लिए फायदेमंद है। 

क्‍या है बटर फ्लाई एक्‍सरसाइज?

बटर फ्लाई एक्‍सरसाइज यानि कि तितली एक्‍सरसाइज को यह नाम इसलिए दिया गया है क्‍योंकि इसमें आपके शरीर की मुद्रा ति‍तली के समान होती है। इस आसन में आप अपनी टांगों को तितली के पंखों के समान हिलाते हैं। जिससे कि प्रसव के दौरान आसनी होती है। 

कैसे करें बटर फ्लाई एक्सरसाइज?

बटर फ्लाई एक्‍सरसाइज करने के लिए सबसे जरूरी है कि आप इसे सही तरीके से करें। क्‍योंकि किसी भी आसन को गलत तरीके से करने से आपको फायदे की जगह नुकसान भी झेलना पड़ सकता है। आइए हम आपको बताते हैं बटर फ्लाई एक्‍सरसाइज करने के 6 आसन स्‍टेप। 

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  • सबसे पहले आप अपनी पीठ के सहारे फर्श पर बैठें और पैरों को सामने सीधे रखें।
  • अब अपने घुटनों को मोड़ें और अपने पैरों को अपनी श्रोणि के सामने की ओर लाएं। अपने पैरों के तलवों को आपस में मिलाएं और अपने पैरों को जितना करीब ला सकते हैं लाएं। 
  • अब अपने पैरों को दोनों हाथों से पकड़ें और विपरीत दिशाओं की ओर स्थिर करें।
  • धीरे-धीरे अपने घुटनों और जांघों को जितना हो सके फर्श की ओर दबाएं और फिर उठाएं। झटके से न करें, बल्कि धीरे-धीरे कर अपनी गति बढ़ाएं और तितली पंखों के समान अपने पैर हिलाएं। यदि आप फर्श को नहीं छू सकते हैं, तो यह ठीक है, पर जितना हो सके उतना करने की कोशिश करें। 
  • अब, अपने घुटनों को ऊपर दबाएं और फिर नींचे दबाएं और गहरी व लंबी सांस लेते रहें। 
  • जब तक आप सहज महसूस करते हैं तब तक करें। अगर आपको कोई दर्द या तकलीफ महसूस होने लगे तो व्यायाम बंद कर दें। 

गर्भावस्‍था में बटर फ्लाई एक्‍सरसाइज के फायदे

  • यदि गर्भवती महिला अपनी गर्भावस्‍था के दौरान यह एक्‍सरसाइज करती है, तो प्रसव में आसानी होती है।
  • यह एक्‍सरसाइज करने से श्रोणि या पेल्विक फ्लोर की शक्ति बढ़ती है। 
  • यह जांघ व कूल्‍हों की मांसपेशियों के खिंचाव को कम करने में मददगार है। 
  • बटर फ्लाई एक्‍सरसाइज आंतो के लिए व मल त्‍याग के लिए फायदेमंद है। 

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सावधानी 

  • यदि आपको बटर फ्लाई एक्‍सरसाइज करने में घुटनों में दर्द महसूस हो, तो घुटनों के नीचे एक तौलिया या कंबल गोल करके रख लेना चाहिए।
  • अगर आपके पैरों में दर्द है या चोअ है, तो एक्‍सरसाइज न करें। 
  • हर व्‍यायाम को धीरे-धीरे शुरू करना होता है। ठीक ऐसे ही बटर फ्लाई एक्‍सरसाइज को भी आप उतनी ही तेजी से करें, जितना कि संभव हो। 

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