बवासीर क्या है? एक्सपर्ट से जानें इसके कारण, लक्षण और बचाव के तरीके

Updated at: Dec 01, 2020
बवासीर क्या है? एक्सपर्ट से जानें इसके कारण, लक्षण और बचाव के तरीके

अगर आप भी बवासीर का शिकार हैं तो जान लें क्या है बवासीर और किन कारणों से होता है ये रोग। इसके साथ ही एक्सपर्ट से जानें क्या है इसका बचाव और इलाज।

Vishal Singh
अन्य़ बीमारियांWritten by: Vishal SinghPublished at: Dec 01, 2020

बवासीर एक खतरनाक रोग है जिसमें मलाशय के आसपास की नसों में सूजन होती है, जिसके कारण बहुत तेज दर्द होता है। बवासीर से पीड़ित व्यक्ति को मल के साथ खून देखने को भी मिलता है। ऐसे में मरीज उठने और बैठने में काफी परेशान होता है। लोग अक्सर इस बीमारी का जिक्र करने से शर्माते हैं, जबकि आपको इस बीमारी के बारे में जानकारी लेनी भी चाहिए और इसका समय पर इलाज भी कराना बहुत जरूरी होता है। इसके लक्षण आपको कई बार जल्दी नजर आ जाते हैं तो कई बार बहुत बाद में नजर आते हैं। वहीं, इसके कारण कई हो सकते हैं जिसके बारे में आपको जानना जरूरी है तभी आप अपने इलाज को पूरा कर सकते हैं। 

बवासीर एक ऐसी बीमारी है जो कुछ लोग नहीं बल्कि कई लोगों में देखी जाती है, इस दौरान जब आप उठते-बैठते या शौच करते समय तेज दर्द का अनुभव करते हैं। इसका इलाज डॉक्टर इसके कारण और लक्षणों को ध्यान में रखकर करते हैं। इसके अलावा आपको हमेशा डॉक्टर द्वारा बताई गई डाइट और बचाव का पालन करना होता है, तभी आप खुद को लंबे समय तक स्वस्थ रख सकते हैं। इसके साथ ही जरूरी है कि आपको इससे जुड़ी सभी जानकारी हो, इस विषय पर हमने बात की सर गंगाराम अस्पताल में लैप्रोस्कोपिक और सामान्य सर्जरी के उपाध्यक्ष और इंडियन जर्नल ऑफ कोलो रेक्टल सर्जरी के मुख्या संपादक डॉक्टर बृज.बी अग्रवाल (Prof.(Dr) Brij B. Agarwal, Vice Chairman, Laparoscopic & General surgery, Sir Gangaram Hospital AND Editor in Chief In Indian Journal of Colo Rectal Surgery) से। जिन्होंने बवासीर को लेकर सभी जानकारियों को बारीकी से बताया है। 

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बवासीर क्या है? (What Is Piles In Hindi)

बवासीर एक प्रकार से कई बीमारियों के लक्षण के रूप में हमारे सामने होता है, जिसमें शौच करते समय खून का दिखाई देना, शौच के रास्ते बहुत तेज दर्द होना और सूजन महसूस करना। बवासीर कई प्रकार की होती है जिसमें सूखी और खूनी बवासीर होती है। डॉक्टर बृज.बी अग्रवाल ने बताया कि जब मल के साथ खून बहता है तो इसे ब्लीडिंग पाइल्स या खूनी बवासीर कहा जाता है, जिसके दौरान आपको शौच के साथ अलग-अलग तरह से खून देखने को मिल सकता है। वहीं, दूसरा प्रकार बवासीर का तेज दर्द भी होता है, जिसे फिशर कहा जाता है। लोगों में ये दोनों ही बवासीर एक साथ हो सकती है और जब इसका इलाज एक बार अच्छी तरह से हो जाए तो ये फिर से नहीं होती। 

बवासीर का कारण (Causes of Piles)

बवासीर का कारण हर कोई जानना चाहता है क्योंकि लोगों में इसे लेकर काफी अफवाहें और गलत जानकारियां हैं, तो आपको बता दें कि बवासीर के मुख्य कारणों के बारे में अभी विज्ञान को पता नहीं है। लेकिन एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अक्सर खानपान की गलत आदतें, मानसिक तनाव के कारण और अनियमित जीवनशैली बवासीर के लिए जिम्मेदार होती है। जब आप अपनी डाइट, लाइफस्टाइल और नियमित रूप से एक्सरसाइज करते हैं तो आप बवासीर जैसे रोग से दूर रह सकते हैं। इसके अलावा शौचालय पर बहुत ज्यादा देर तक बैठे रहना, लगातार कब्ज रहना, मोटापा, कुछ मामलों में गर्भवती महिलाओं को भी बवासीर का खतरा रहता है।

बवासीर के लक्षण (Symptoms Of Piles)

  • शौच के दौरान खून निकलना।
  • मल द्वार पर सूजन और गांठ का अनुभव होना।
  • लगातार मल द्वारा पर दर्द रहना।
  • बुखार
  • कई मामलों में ठंड लगना।
  • कब्ज के दौरान दर्द महसूस होना।
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किन लोगों को होता है बवासीर का ज्यादा खतरा (Which People Are At Greater Risk Of Piles)

बवासीर का खतरा ज्यादातर उन लोगों में होता है जो मोटापे का शिकार बने हों, बहुत ज्यादा धूम्रपान करने वाले लोग, अलग-अलग नशा करने वाले, कुछ मामलों में गर्भवती महिलाओं को इसका खतरा हो सकता है जब वो अपने आखिरी ट्राइमेस्टर में होती हैं, लेकिन गर्भवती महिलाएं अगर अपना खानपान ठीक रखे और नियमित रूप से फिजिकल एक्टिविटी में शामिल रहे तो वो इस खतरे से बाहर रह सकती हैं। ऐसे लोगों को बवासीर का खतरा ज्यादा होता है लेकिन इनके अलावा भी लोग बवासीर का शिकार हो सकते हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, खानपान में पोषण की कमी के कारण, अक्सर जो लोग बैठे रहते हैं और फिजिकल एक्टिविटी से दूर रहते हैं ऐसे लोगों को भी इसका शिकार होना पड़ सकता है। 

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बचाव (Preventions)

डॉक्टर बृज.बी अग्रवाल का कहना है कि जो लोग अक्सर खाने में फाइबर कम लेते हैं उन लोगों को अपनी डाइट पर खास ध्यान देने की जरूरत है तभी आप बवासीर जैसे रोग के खतरे से दूर रह सकते हैं। इसके लिए डॉक्टर का कहना है कि आपको हमेशा सलाह खानी चाहिए (जिसमें आप हरी सब्जियों को भी शामिल कर सकते हैं), हरी सब्जियों को नियमित रूप से खाएं, रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी जरूर पिएं जिसकी मदद से आपकी आंत अच्छी तरह से काम करती हैं। वहीं, अगर आप अपनी डाइट से हरी सब्जियों को बाहर करते हैं तो जरूरी है कि आप रोजाना एक इसबगोल जरूर खाएं। इससे आप रोजाना अपने शरीर में फाइबर की मात्रा को पूरा कर सकते हैं। इसके अलावा जो लोग अक्सर मांसाहारी भोजन का सेवन करते हैं उन लोगों के शरीर मं फाइबर की मात्रा काफी कम हो जाती है जिसके कारण उन्हें बवासीर का खतरा रहता है, ऐसे लोगों को भी इसबगोल का सेवन नियमित रूप से करना चाहिए। डॉक्टर बृज.बी अग्रवाल का कहना है कि कोई भी इसबगोल का सेवन जब करता है तो आपको इसकी आदत भी नहीं लगती और आपको स्वस्थ रहने में भी मदद मिलेगी। 

अन्य बचाव

  • धूम्रपान कम से कम करना चाहिए।
  • वजन को नियंत्रण में रखें।
  • शौच करने का तरीका बेहतर हो।
  • शौच के द्वार की अच्छी तरह से सफाई करें।
  • जेट से मलद्वार को साफ करना हानिकारक है।
  • डाइट में भरपूर फाइबर-युक्त आहार शामिल करें।
  • पपीता, सेब, जामु, अमरूद और नाशपाती का सेवन नियमित रूप से करें।

इलाज (Treatment)

बवासीर का इलाज अक्सर लोग इसलिए भी नहीं कराते क्योंकि उन्हें लगता है इसमें सर्जरी और ऑपरेशन के दौरान कटने का खतरा रहता है। जबकि आजकल बवासीर का इलाज आसानी से एक दिन में किया जा सकता है। डॉक्टर बृज.बी अग्रवाल ने बताया कि आजकल बवासीर का इलाज बहुत ही आसानी और बिना किसी ऑपरेशन या सर्जरी के साथ किया जा सकता है जिसमें आपको कहीं भी कटने और फटने का खतरा नहीं रहता। बृज बी अग्रवाह ने बताया कि हम सुबह मरीज को बुलाते हैं और आसानी से इलाज कर उन्हें शाम तक वापस भेज देते हैं जिसमें उन्हें किसी के साथ और किसी तरह की देखभाल की जरूरत नहीं होती। इसकी मदद से कई लोग अपने इलाज से संतुष्ट हैं और अपने डर को दूर कर चुके हैं। डॉक्टर अग्रवाल ने आगे बताया कि किसी को भी बवासीर की शिकायत हो तो उन्हें बिना डरे अपने डॉक्टर से बात करनी चाहिए और इलाज में सहयोग करना चाहिए। 

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जरूरी जानकारी

डॉक्टर अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने एक प्रकाशन जारी किया है, जिसमें ए से एफ तक के लिए बचाव बताए गए हैं। 

  • ए (A)- एक्टिविटी।
  • बी (B)- बाथ।
  • सी (C)- कमिटमेंट।
  • डी (D)- डाइट।
  • ई (E)- एक्सरसाइज।
  • एफ (F)- फेमिली लाइफ (जिसमें आप अपने परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताएं)

इन तरीकों की मदद से आप आसानी से बवासीर जैसे रोग को अपने से दूर रख सकते हैं और खुद को स्वस्थ रख सकते हैं। इन चीजों का पालन कर आप अपनी जीवनशैली को भी मजेदार बना सकते हैं ये आपकी एक बेहतर जीवनशैली का रूप है। डॉक्टर अग्रवाल का कहना है कि आप अपने जीवनशैली को बेहतर बनाने के बाद खुद को स्वस्थ महसूस कर सकते हैं, इसके लिए आप आप ए,बी,सी,डी,ई और एफ का पालन करना जरूरी है। 

इस लेख में दी गई सभी जानकारी सर गंगाराम अस्पताल में लैप्रोस्कोपिक और सामान्य सर्जरी के उपाध्यक्ष और इंडियन जर्नल ऑफ कोलो रेक्टल सर्जरी के मुख्या संपादक डॉक्टर बृज.बी अग्रवाल (Prof.(Dr) Brij B. Agarwal, Vice Chairman, Laparoscopic & General surgery, Sir Gangaram Hospital AND Editor in Chief In Indian Journal of Colo Rectal Surgery) से बातचीत पर निर्भर है।

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