• shareIcon

भावी पिता से मिलने वाली संभावित बीमारियों का पहले ही चल जाएगा पता

लेटेस्ट By एजेंसी , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Oct 08, 2013
भावी पिता से मिलने वाली संभावित बीमारियों का पहले ही चल जाएगा पता

कृत्रिम गर्भाधान से जन्‍म लेने वाले बच्‍चों को पिता की तरफ से कोई गंभीर बीमारी तो नहीं मिल रही है, इस बात का पता लगाया जा सकता है कैसे जानें इस शोध में।

know diseases of newborn before hand कृत्रिम गर्भाधान से जन्‍म लेने वाले बच्‍चों को पिता की तरफ से कोई गंभीर बीमारी तो नहीं मिल रही है, इसका पता लगाना अब संभव हो सकेगा। दिसंबर माह में अमे‍रिका की 'जीनपीक्‍स' नामक कंपनी यह तकनीक शुरू करने जा रही है।

 

दरअसल, 30 फीसदी बच्‍चे दुर्लभ आनुवांशिक बीमारियों के कारण पांच साल की उम्र पार नहीं कर पाते। ऐसे मामलों से निपटने में यह तकनीक कारगर साबित हो सकती है। न्‍यूयॉर्क स्थित यह कंपनी अपनी महिला क्‍लाइंट के लिए भावी पिता के शु्क्राणुओं से मिले डीएनए के आधार पर डिजिटल शिशु वि‍कसित करेगी।

 

कंपनी का कहना हे कि इस तकनीक के दो लाभ है। पहला तो यह कि शुक्राणु दान के जरिये गर्भधारण करने वाली महिलाएं अपने होने वाले बच्‍चे के स्‍वास्‍थ्‍य को लेकर आश्‍वस्‍त हो सकेंगी। इसका दूसरा फायदा यह होगा कि कंपनी अपनी महिला क्‍लाइंट को एक कैटेलॉग के जरिये संभावित पिता के चुनाव में मदद करेगी।

 

इस तकनीक से संभावित पिता के डीएनए से संबंधित तकनीकी ब्‍योरा पहले ही मिल जाएगा। यह तकनीक ऐसे डोनर पर प्रयोग की जाएगी जिनकी उर्वरता तो सर्वोतम है लेकिन जिनसे वंशानुगत बीमारियों के एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में पहुंचने का खतरा भी अधिक है।


 

Read More Health News In Hindi

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK