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थुलथुला या सख्त, किस तरह का मोटापा होता है ज्यादा खतरनाक? जानें मोटापा और वजन घटाने से जुड़ी जरूरी बातें

Updated at: Nov 07, 2019
वज़न प्रबंधन
Written by: अनुराग अनुभवPublished at: Nov 07, 2019
थुलथुला या सख्त, किस तरह का मोटापा होता है ज्यादा खतरनाक? जानें मोटापा और वजन घटाने से जुड़ी जरूरी बातें

शरीर में जमा चर्बी (Fat) दो तरह की होती है, जिसके कारण कुछ लोगों का मोटापा सख्त (Hard Belly Fat) होता है, तो कुछ लोगों का थुलथुला (Soft Belly Fat)। जानें इन दोनों में अंतर, स्वास्थ्य से जुड़े इनके खतरे और इन्हें घटाने के लिए कुछ जरूरी टिप्स।

क्या आपके शरीर में भी बहुत सारा फैट जमा हो गया है, जिसे आप घटाना चाहते हैं? शरीर में जमा होने वाली अतिरिक्त चर्बी धीरे-धीरे आपको मोटापे का शिकार बना देती है। मगर क्या आप जानते हैं कि मोटापा भी कई प्रकार का होता है? आपने देखा होगा कि कुछ लोगों का पेट मोटापे के बाद बहुत सख्त हो जाता है, जबकि कुछ लोगों का पेट थुलथुला होता है, जो चलने या काम करने के दौरान बहुत अधिक हिलता-डुलता है। दोनों को ही मोटापा माना जाता है, मगर इनके प्रकार में अंतर होता है। मोटापे के ये 2 प्रकार अलग-अलग तरह के फैट के जमा होने के कारण होते हैं।

सख्त और थुलथुले मोटापे में अतंर

हम दिनभर जो भी खाना-पीना लेते हैं, उसमें अलग-अलग प्रकार के फैट होते हैं। हर तरह के फैट की प्रॉसेसिंग शरीर अलग तरह से करता है। एक जटिल प्रक्रिया के तहत आपका खाया हुआ खाना ग्लाइसेरॉल (Gycerol) और फैटी एसिड (fatty Acids) में बदलता है। इन दोनों तत्वों का इस्तेमाल शरीर ऊर्जा (Energy) के लिए करता है। इसी ऊर्जा से आपके शरीर के अंग अपना-अपना फंक्शन करते हैं और आप भी दिनभर काम कर पाते हैं। इस पूरी प्रक्रिया के बाद आपके शरीर में जो एनर्जी बची रह जाती है, उसे शरीर भविष्य में इस्तेमाल के लिए शरीर में फैट के रूप में जमा कर लेता है।

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अगर आप रोजाना अपने शरीर की जरूरत से ज्यादा खाना खाते हैं, तो आपके शरीर में अतिरिक्त फैट जमा होता चला जाता है और आप मोटे होते चले जाते हैं। अगर मोटापे के बाद आपकी त्वचा मुलायम है, तो इसका अर्थ है कि ये सबकटेनियस फैट (subcutaneous fat) है। वहीं अगर मोटापे के बाद आपकी त्वचा सख्त है, तो ये विसरल फैट (visceral fat) है।

कौन सा फैट है ज्यादा खतरनाक, सख्त या मुलायम?

subcutaneous fat आपकी त्वचा के निचले हिस्से में जमा होता है। इस फैट को आप आसानी से देख पाते हैं और यही वो फैट है, जो आपके शरीर के आकार को बिगाड़ता है, जैसे- पेट, जांघों, बांहों, गले के आसपास जमा चर्बी। जबकि visceral fat  वो है, जो आपके पेट के अंदरूनी हिस्से में गहराई तक जमा होती है। ये फैट आपके अंदरूनी अंगों के आसपास भी जमा हो जाता है और बॉडी फंक्शन में बाधा पैदा करने लगता है। इसलिए visceral fat  को ज्यादा खतरनाक माना जाता है। ये फैट आपके शरीर में कोलेस्ट्रॉल के उत्पादन को बढ़ा देता है और कई गंभीर बीमारियों को बढ़ावा देता है, जिनमें डायबिटीज, कैंसर, हाई ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारियां शामिल हैं। इसलिए जिन लोगों का मोटापा सख्त होता है, उनको सेहत से जुड़े खतरों और बीमारियों का खतरा ज्यादा होता है।

थोड़ा सा बॉडी फैट भी है जरूरी

अगर आप मोटापे के डर से कैलकुलेशन करके खाना-पीना शुरू करने की सोच रहे हैं, तो रुक जाएं। अगर आप रोजाना उतना ही फैट लेंगे, जितना आप खर्च करते हैं, तो ये भी आपके शरीर के लिए अच्छा नहीं है। दरअसल थोड़ी मात्रा में अतिरिक्त फैट आपके शरीर के लिए जरूरी है। ये फैट आपके शरीर के अंदरूनी अंगों की रक्षा करता है और बीमारी, थकान या उपवास आदि स्थितियों में शरीर इसी फैट का इस्तेमाल एनर्जी के स्रोत के रूप में करता है। ये फैट कितना होना चाहिए, इसका कोई निश्चित पैमाना नहीं है। आपको इतना करने की जरूरत है कि शरीर के किसी भी अंग, खासकर पेट के आसपास इतना फैट न जमा होने दें कि बेल्ट लगाने के बाद आपका पेट अलग से बाहर नजर आए। इसके अलावा स्वस्थ रखने के लिए अपने शरीर को दिनभर एक्टिव रखना भी बेहद जरूरी है।

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कैसे घटाएं शरीर में जमा चर्बी?

आपके शरीर में किसी भी तरह का फैट जमा हो, इसे घटाने का एक ही तरीका है, और वो ये है कि आप अपनी लाइफस्टाइल और खानपान को सही रखें। इसे आप कैसे सही करेंगे, इसके लिए हेल्थ एक्सपर्ट्स कुछ नियम बताते हैं-

  • सबसे पहले तो अपने सोने-जागने, खाने-पीने और काम के समय को निर्धारित करें और रोजमर्रा के कामों के लिए एक तय नियम बनाएं।
  • मोटापा घटाने के लिए एक्सरसाइज बहुत जरूरी है। रोजाना कम से कम 30-40 मिनट एक्सरसाइज जरूर करें।
  • तेल, घी, मक्खन, मांसाहारी आहारों का सेवन कम करें।
  • किसी एक चीज को ज्यादा खाने के बजाय, बैलेंस डाइट को फॉलो करें। रोज के खाने में ताजी सब्जियां, फलों और मोटे अनाजों को अपनी डाइट में शामिल करें।
  • अगर मोटापा बहुत ज्यादा है और आपको इसके कारण किसी तरह की शारीरिक या मानसिक परेशानी हो रही है, तो ट्रेन्ड हेल्थ एक्सपर्ट/डायटीशियन/फिटनेस एक्सपर्ट की सलाह लें और अपनी बॉडी के अनुसार इसे कम करने का सही तरीका खोजें।

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