इम्यूनिटी बढ़ाने वाला काढ़ा पीना कब होता है शरीर के लिए ज्यादा फायदेमंद?आयुर्वेद से जानें कब पीना चाहिए काढ़ा

Updated at: Jul 12, 2020
इम्यूनिटी बढ़ाने वाला काढ़ा पीना कब होता है शरीर के लिए ज्यादा फायदेमंद?आयुर्वेद से जानें कब पीना चाहिए काढ़ा

अगर आप भी सुबह-शाम काढ़ा पीते हैं तो जरा रुक जाइए क्योंकि आयुर्वेद बताता है काढ़ा पीने का सही समय और शरीर की जरूरत। 

Jitendra Gupta
आयुर्वेदWritten by: Jitendra GuptaPublished at: Jul 12, 2020

इन दिनों टीवी, मोबाइल रिंगटोन से लेकर तमाम जगह पर कोरोनावायरस से बचाव के लिए इम्यूनिटी बढ़ाने वाले काढ़ा छाया हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर स्वास्थ्य मंत्री, आयुष मंत्रालय और तमाम बड़े-बड़े चिकित्सक भी इस काढ़े को अपने डेली रूटीन में शामिल करने की बात कह चुके हैं। आयुष मंत्रालय ने भी कोरोनावायरस से बचने के लिए इम्यूनिटी बढ़ाने वाला काढ़ा रोज पीने की सलाह दी है। इन सबकी सलाह मानते हुए ज्यादातर लोग अपनी-अपनी इम्यूनिटी को मजबूत बनाने के लिए घर के बने काढ़े को पी भी रहे हैं। भले ही काढ़ा रोजाना पीना एक हेल्दी आदत हो लेकिन जरूरत से ज्यादा किसी भी चीज का सेवन हमारे लिए हानिकारक हो सकता है। और कई तरीकों से हमारे शरीर को नुकसान पहुंचाता है। 

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अगर आप अपनी इम्यूनिटी को मजबूत बनाने के लिए रोजाना सुबह-शाम काढ़ा पी रहे हैं तो जरा ठहर जाइए क्योंकि रोजाना काढ़ा पीने से भी हमारे स्वास्थ्य को कुछ स्थितियों में नुकसान भी पहुंच सकता है। हममें से ज्यादातर लोग इस बात से भलीभांति वाकिफ होंगे कि कोई भी चीज जरूरत से ज्यादा लेने पर उसके हमारे शरीर पर हानिकारक प्रभाव पड़ते हैं। आपके खान-पान से जुड़ी आदतें कभी-कभार आपके शरीर के लिए घातक साबित होती हैं। सामान्य मात्रा में ली गई कोई भी चीज हमारे शरीर के लिए बिल्कुल सही साबित होती है लेकिन जरा सी अधिकता आपके लिए उसी चीज को नुकसानदेह बना देती है। मौजूदा वक्त में कोरोनावायरस से बचाव के लिए यूं तो बाजार में कई प्रकार के काढ़े उपलब्ध हैं लेकिन ज्यादातर लोगों को ये बात पता ही नहीं है कि इसे कब पीना आपके शरीर के लिए फायदेमंद रहेगा। भारत सरकार भले ही लोगों से रोजाना काढ़ा पीने को कह रही हो लेकिन सही समय पर काढ़ा पीने से ही शरीर को फायदा मिलता है। 

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काढ़े में प्रयोग की जाने वाली आयुर्वेदिक औषधियां एक निश्चित समय पर ही अपना प्रभाव ज्यादा दिखाती हैं। लेकिन इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि ये आयुर्वेदिक औषधियां हमेशा मौसम, प्रकृति, उम्र और स्थिति देखकर ही दी जाती है। हालांकि काढ़ा कब पीना चाहिए,  किसे नहीं पीना चाहिए, शरीर में किन समस्याओं पर काढ़ा पीना हानिकारक हो सकता है ये बातें भी जानना बहुत ही जरूरी है तो आइए जानते हैं काढ़ा पीने का सही समय किया है।   

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कोरोनावायरस महामारी ने इम्यूनिटी बढ़ाने वाले इस काढ़े को हमारे दैनिक आहार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बना दिया है। कई लोग इसे सुबह सबसे पहले पीना पसंद करते हैं जबकि कुछ लोग इसे अपनी शाम की चाय के स्थान पर पीना ज्यादा पसंद करते हैं। लेकिन क्या एक निश्चित समय पर काढ़ा पीना अधिक फायदेमंद हो सकता है? या फिर काढ़ा पीने का भी कोई सही समय होता है? एक्सपर्ट मानते हैं काढ़ा पीने का सही समय जानने के लिए व्यक्ति को अपने शरीर के आयुर्वेदिक प्रकार को जानना होगा। जिसमें वात, पित्त और कफ प्रकार शामिल है। 

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वात - जिन लोगों के शरीर का प्रकार वात होता है, उन्हें शाम के समय काढ़ा पीना चाहिए और हमेशा इसको गुनगुना करके ही इसका सेवन करना चाहिए। वात प्रकार के शरीर वाले लोग काढ़े  में थोड़ा घी भी डाल सकते हैं ताकि यह उनके शरीर में सूखापन पैदा न करें।

पित्त - पित्त शरीर के प्रकार वाले लोगों को सुबह या शाम को काढ़े का सेवन करना चाहिए, दोपहर के समय नहीं। अगर आपका शरीर का प्रकार पित्त है, तो आपको कमरे के तापमान पर ही काढ़े का सेवन करना चाहिए।

कफ - प्रमुख कफ दोष वाले लोग दिन में किसी भी समय काढ़े का सेवन कर सकते हैं। ये लोग काढ़े को थोड़ा गर्म कर सकते हैं और इसमें शहद भी मिला सकते हैं।

इसके अलावा अगर आप अपने आयुर्वेदिक शरीर के प्रकार को नहीं जानते हैं या आपको समझ नहीं आ रहा है कि आयुर्वेद के अनुसार आपका शरीर किस प्रकार का है, तो आपको कमरे के तापमान पर काढ़े का सेवन करना चाहिए। एक्सपर्ट की मानें तो आपको काढ़े का सेवन करने से पहले अपने चिकित्सक से बात करनी चाहिए और ये पूछना चाहिए कि आपके लिए कौन सा मिश्रण सबसे अच्छा काढ़ा बनाने में मदद करेगा। एक्सपर्ट की मानें तो मुलेठी और गिलोय ऐसी दो सामग्रियां हैं जिन्हें कोई भी अपने काढ़े में डालकर सेवन कर सकता है। 

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