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    किशोर गर्भावस्‍था के दौरान डिप्रेशन का शिकार हो सकती है युव‍ती

    गर्भावस्‍था By Pooja Sinha , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Sep 09, 2013
    किशोर गर्भावस्‍था के दौरान डिप्रेशन का शिकार हो सकती है युव‍ती

    कम उम्र में गर्भधारण किशोर गर्भावस्‍था कहलाता है, ऐसे में युवती पर कई बार भावानात्‍क असर हो जाते हैं। जो कि किशोरी और नवजात दोनों के लिए खतरनाक हो सकते हैं।

    किशोर अवस्‍था में गर्भधारण करने से किशोरियों को अनेक प्रकार की समस्‍याएं हो सकती हैं। इन समस्‍याओं में अवसाद, जन्‍म संबंधी जटिलताएं और रक्‍त की कमी प्रमुख हैं। कई लड़की की जान पर भी बन आती है।

    effect of early pregnancy


    कम उम्र में गर्भवती किशोरी बच्‍चे को जन्‍म देने के लिए न केवल शारीरिक बल्कि भावनात्‍मक रूप से भी तैयार नही होती। इस कारण किशोरी चिंता ग्रस्‍त रहती है और डिप्रेशन का भी शिकार हो सकती है। ऐसे में वह असफलता और असंतोष की भावना से भी घिर जाती है। इस लेख के जरिए हम आपको बताते है कि किशोर गर्भावस्‍था के क्‍या-क्‍या भावनात्‍मक प्रभाव हो सकते हैं।


    किशोर गर्भावस्‍था के भावनात्‍क प्रभाव


    व्‍यक्तिगत विकास में बाधा

    किशोरी एवं नवजात दोनों के लिए घातक होती है किशोर गर्भावस्था। छोटी उम्र में मां बनने से जीवन की योजनाएं फकप प्रभावित होती हैं, फिर वो चाहे शिक्षा संबंधी हो या रोजगार से जुड़ी हुई या फिर जीवन यापन के सुअवसर के मौके हो। बच्‍चे के लालन पालन की बढ़ी हुई जिम्‍मेदारी बढ़ जाती है, जिससे कई चीजें प्रभावित होती हैं।

     

    सामाजिक उपेक्षा

    भारतीय समाज में अभी विवाह के पहले यौन सक्रियता की सामाजिक अनुमति नहीं है। इस हालात में यदि किसी किशोरी का गर्भ ठहर जाता है तो उसे समाज गिरी हुई नजरों से देखता है, जिससे वह उपेक्षित महसूस करती है। ऐसे में ऐसी किशोरियों को सामाजिक, आर्थिक व मानसिक समस्याओं का सामना करना पडता है। कई बार किशोरियों को शिक्षा व संसाधनों के अभाव में अपने तथा बच्चों की जीविका के लिए अनैतिक कार्यों तक का सहारा लेना पड़ जाता है।

     

    गरीबी का पीढ़ी दर पीढ़ी चक्र

    छोटी उम्र में बच्चों को जन्म देना आगे आने वाली पीढी के विकास पर विपरीत असर डालता है। कम उम्र में गर्भवती होने से भविष्य की योजनाएं प्रभावित होती हैं। इससे आर्थिक स्तर पर भी प्रतिकूल प्रभाव पडता है। कम उम्र में अनुभव की कमी होती है, जिससे बच्‍चे का उचित पालन पोषण नहीं हो पाता।


    डिप्रेशन

    ऐसी कुछ ही किशाेरी होती हैं जो कम उम्र में गर्भवती होना चाहती है। गर्भधारण के लिए एक योजना होती है। कम उम्र में शारीरिक संबंध बनाते समय किशोरियों के उसके दुष्‍परिणों के बारे में जानकारी नहीं होती। जब तक किशोरी को यह अहसास होता है कि वह गर्भवती है, तब तक देर हो जाती है। इस बारे में बार- बार सोचकर कई बार किशोरियां डिप्रेशन का शिकार हो जाती हैं। असलियत तो यह है कि अधिकतर किशोरी किशोर गर्भावस्था से अनजान होती हैं। ऐसे में खुद का भी ख्याल नहीं रखती और डिप्रेशन के कारण धूम्रपान जैसी बुरी आदतों में लिप्त हो जाती है।

     

     

     

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    Disclaimer

    इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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