सड़कों के नजदीक रहने वाले बच्चों में देरी से होता है शारीरिक विकास, रिसर्च में हुआ खुलासा

Updated at: May 09, 2019
सड़कों के नजदीक रहने वाले बच्चों में देरी से होता है शारीरिक विकास, रिसर्च में हुआ खुलासा

राजमार्गों, चौराहों या बड़ी सड़कों के नजदीक रहने वाले बच्चे इस प्रकार की सड़कों से दूर रहने वाले बच्चों की तुलना में संचार कौशल परीक्षणों में करीब दोगुना तक कम अंक लाते हैं। इसके अलावा सामान्य स्तर से अधिक यातायात संबंधित प्रदूषकों के संपर्क में आ

Jitendra Gupta
लेटेस्टWritten by: Jitendra GuptaPublished at: Apr 22, 2019

वे बच्चे, जो राजमार्गों, चौराहों या बड़ी सड़कों के नजदीक रहते हैं वे इस प्रकार की सड़कों से दूर रहने वाले बच्चों की तुलना में संचार कौशल परीक्षणों में करीब दोगुना तक कम अंक लाते हैं। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (एनआईएच) और  यूनिवर्सिटी ऑफ कैलीफोर्निया के एक अध्ययन में इस बात का खुलासा हुआ है।

इनवायरमेंटल रिसर्च में प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक, इसके अलावा सामान्य स्तर से अधिक यातायात संबंधित प्रदूषकों के संपर्क में आईं गर्भवती महिलाओं से जन्में बच्चों में किशोरावस्था और बचपन के शुरुआती वर्षों के दौरान विकास में बाधा आने की अधिक संभावना होती है।

वायु प्रदूषण के जोखिम को कम करना जरूरी

एनआईएच केडिविजन ऑफ इंटरामुरल पॉपुलेशन हेल्थ रिसर्च में शोधकर्ता और अध्ययन के मुख्य लेखक पीएचडी पॉलिन मेंडोला ने कहा, "हमारे परिणाम बताते हैं कि मस्तिष्क के विकास के लिए सभी प्रमुख अवधियों जैसे गर्भावस्था, किशोरावस्था और बचपन के दौरान वायु प्रदूषण के जोखिम को कम करना विवेकपूर्ण हो सकता है।"

पिछले अध्ययनों ने गर्भावस्था में आम वायु प्रदूषकों के संपर्क में आने को नवजात के भार, अपरिपक्वता और मृत प्रसव से जोड़ा था। कुछ अध्ययनों में सड़कों के नजदीक रहने वाले बच्चों में ऑटिज्म और ज्ञान संबंधी कार्य कम करने के खतरों को दर्शाया गया था हालांकि प्रसव पूर्व और बचपन में वायु प्रदूषण के संपर्क में आने से क्या प्रभाव पड़ेगा इसको लेकर अध्ययन के नतीजे असंगत हो सकते हैं।

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5,825 प्रतिभागियों का किया गया विश्लेषण

शोधकर्ताओं ने  शहर से दूर के इलाकों में रहने वाले बच्चों से प्राप्त आंकड़ों का विश्लेषण किया। उन्होंने अध्ययन में शामिल किए गए 5,825 प्रतिभागियों के पतों का रोडवे डेटा सेट से मिलान किया, जिसमें उन्होंने प्रत्येक के पते से निकटतम प्रमुख सड़क मार्ग की दूरी की गणना की। उन्होंने प्रत्येक प्रतिभागी के घर के पते, गर्भावस्था के दौरान मां के कार्यस्थल के पते और बच्चे के देखभाल के स्थान का पता लगाया। अध्ययन में 8 महीने से लेकर 36 महीने तक की उम्र के बच्चों की प्रत्येक चार से छह महीने में प्रश्नावली को जांचा गया और

फाइन मोटर कौशल, विशाल मोटर कौशल, संचार, व्यक्तिगत सामाजिक गतिविधियों और समस्याओं को सुलझाने की क्षमता जैसी बाल विकास की पांच शैलियों का मूल्यांकन किया गया।

प्रमुख सड़क मार्ग से करीब आधे मील दूर रहने वाले बच्चों की तुलना में प्रमुख सड़क मार्ग से करीब 164 फीट से .3 मील की दूरी पर रहने वाले दोगुना बच्चे कम से कम एक संचार क्षेत्र को पास करने में विफल रहे। 

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पीएम2.5, ओजोन के संपर्क में आना हो सकता है खतरनाक

पीएम 2.5 के अधिक स्तर के संपर्क में आने वाले माताओं से जन्में बच्चों में विकास संबंधी बाधा का जोखिम 1.6 से 2.7 फीसदी अधिक रहता है, जबकि ओजोन के संपर्क में आने से .7 से 1.7 फीसदी  विकास संबंधी बाधा का जोखिम होता है। इसके विपरीत, जन्म के बाद और 8 महीने तक ओजोन के संपर्क में आने से बच्चों में विकास संबंधी बाधा का जोखिम 3.3 फीसदी, 24 महीनों की आयु तक 17.7 फीसदी और 30 महीने की आयु तक विकास संबंधी बाधा का जोखिम 7.6 फीसदी तक होता है। 

इन परिणामों से शोधकर्ताओं ने निष्कर्ष निकाला कि गर्भ की तुलना में बचपन में वायु प्रदूषकों के संपर्क में आने से बच्चों में विकास संबंधी बाधा का जोखिम अधिक जोखिम हो सकता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि अध्ययन के कारण और प्रभाव को साबित नहीं किया जा सका है और इन कड़ियों की पुष्टि के लिए बड़े अध्ययन की आवश्यकता है।

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