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कोलेस्ट्राल को कंट्रोल रखने से अल्जाइमर का खतरा होता है कम

Updated at: Nov 13, 2018
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Written by: Rashmi UpadhyayPublished at: Nov 13, 2018
कोलेस्ट्राल को कंट्रोल रखने से अल्जाइमर का खतरा होता है कम

कोलेस्ट्राल की मात्रा शरीर में नियंत्रित रहने से अल्जाइमर रोग होने का खतरा कम रहता है। 

कोलेस्ट्राल की मात्रा शरीर में नियंत्रित रहने से अल्जाइमर रोग होने का खतरा कम रहता है। शोधकर्ताओं ने स्मरणशक्ति में ह्रास और हृदय रोग के बीच आनुवंशिक संबंधों का पता लगाया है। शोध में 15 लाख लोगों के डीएनए की जांच के बाद पता लगाया गया है कि हृदय रोग होने यानी ट्राइग्लिसराइड एवं कोलेस्ट्राल स्तर (एचडीएल, एलडीएल और कुल कोलेस्ट्राल) बढ़ने से अल्जाइमर का खतरा रहता है। हालांकि ऐसे जीन जो बॉडी मास इंडेक्स और टाइप-2 डायबिटीज का खतरा बढ़ाते हैं, उनका संबंध अल्जाइमर का खतरा बढ़ाने में नहीं पाया गया। वाशिंगटन यूनिवसिर्टी के स्कूल ऑफ मेडिसिन के सहायक प्रोफेसर सेलेस्टे एम. कार्च ने कहा, 'जो जीन लिपिड मेटाबालिज्म को प्रभावित करता है, उसका संबंध अल्जाइमर रोग बढ़ाने के कारक के रूप में पाया गया है।'

स्कूल ऑफ मेडिसिन के सहायक प्रोफेसर राहुल एस. देसिकन ने कहा कि इस तरह सही जीन और प्रोटीन को अगर लक्षित किया जाए और कोलेस्ट्राल एवं ट्राइग्लिसराइड को नियंत्रित रखा जाए तो कुछ लोगों में अल्जाइमर के खतरे को कम किया जा सकता है। शोध में यह पाया गया कि डीएनए का जो अंश हृदय रोग का खतरा बढ़ाता है, वह अल्जाइमर रोग का खतरा बढ़ाने के लिए जिम्मेदार है। यह शोध एक्टा न्यूरोपैथोलोजिका में प्रकाशित हुआ है।

अल्‍जाइमर के लक्षण

  • खुद ही चीजों को रखकर भूलना
  • एक ही बात को बार बार दोहराना
  • खुद से बात करना
  • जानी पहचानी जगहों या अपने ही घर में खो जाना
  • रोजाना के आसान कामों को करने में भी दिक्कत महसूस होना
  • देर रात को निकल कर घूमना
  • बात करते वक्त सामने वाले व्यक्ति को घूरना
  • काम ना करने पर भी ऐसा लगना कि वह काम हमने कर दिया है
  • छोटी छोटी बातों पर चौंक जाना, आदि।

अल्जाइमर के जोखिम को कम करने के लिए टिप्स

  • उचित वजन बनाए रखें, अपनी कमर की चैड़ाई जांचें। 
  • सोच समझ कर खाएं, विटामिन युक्त सब्जियों और फलों पर जोर दें। 
  • साबुत अनाज, मछली, लीन पोल्ट्री, टोफू और सेम व अन्य फलियां जैसे प्रोटीन स्रोतों से मिली स्वस्थ वसा पर ध्यान दें।
  • मिठाई, सोडा, सफेद ब्रेड या सफेद चावल, अस्वास्थ्यकर वसा, तले और फास्ट फूड, नासमझीपूर्ण स्नैकिंग जैसी अनावश्यक कैलोरी कम करें, अपनी थाली के साइज पर भी गौर करें, नियमित रूप से व्यायाम करें। 
  • तेज चलने के लिए हर सप्ताह ढाई से 5 घंटे का लक्ष्य रखें, जॉगिंग जैसे व्यायाम करने की कोशिश करें, अपने कोलेस्ट्रॉल, ट्रायग्लिसराइड्स, रक्तचाप और ब्लड शुगर के आंकड़ों पर भी नजर रखें।

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