जब पेरेंट्स से दूरी हो जाए मजबूरी तो संबंध को ऐसे बनाएं मजबूत

Updated at: Sep 17, 2020
जब पेरेंट्स से दूरी हो जाए मजबूरी तो संबंध को ऐसे बनाएं मजबूत

माता-पिता से दूर रहकर भी आप अपने रिश्तों को मजबूत बना सकते हैं। बस आपको रखना होगा इन बातों का ख्याल

 

सम्‍पादकीय विभाग
विविधWritten by: सम्‍पादकीय विभागPublished at: Sep 17, 2020

पढ़ने के लिए या जॉब के लिए अकसर पेरेंट्स को छोड़कर बाहर शिफ्ट होना पड़ता है। ऐसे ही शादी के बाद कुछ परिस्थितियां ऐसी बन जाती हैं, जिसके कारण बेटे-बहू को अलग घर लेना पड़ता है। ये बेहद कठिन फैसला होता है। ऐसे में जरा सी चूक रिश्ते का समीकरण बदल सकती है। अगर जब कभी आपके सामने ऐसा मोड़ आए तो उसे कैसे संभालें, जानें यहां...

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धैर्य बनाएं रखें

शादी के बाद आदमी की दुनिया दो हिस्सों में बंट जाती है। उसके लिए जितना जरूरी माता-पिता का ध्यान रखना है उतना ही जरूरी पत्नी को अपना कीमती समय देना भी है। अगर आपके सामने इस समय पर घर छोड़ने की स्थिति बन जाए तो माता-पिता के सामने अचानक इस बात को न रखें, उन्हें इसके बारे में धीरे धीरे समझाएं। इसके लिए आप अपने परिवार के साथ डिनर डेट प्लैन कर सकते हैं या छुट्टी वाले दिन उनके पास जाकर उनसे इस विषय पर राय ले सकते हैं।    

माता-पिता को भरोसा दिलाना है जरूरी

सबसे ज्यादा जरूरी है माता-पिता को ये भरोसा दिलाना कि आप जहां जा रहे हैं वो जगह या घर आपके लिए सुरक्षित है, वरना उन्हें आपकी फिक्र होती रहेगी। इसके साथ ही उन्हें एहसास दिलाएं कि आपको उनकी कितनी जरूरत है और आप उनसे कितनी प्यार करते हैं।

बनें अपने माता-पिता का सपोर्ट सिस्टम

माता-पिता को इस उम्र में बच्चों की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। ऐसे में अगर बच्चे दूर हो जाएं तो मन में एक अधूरापन सा महसूस होता है। इसलिए बेटी-बेटे का फर्ज है कि वे अपने माता-पिता का सपोर्ट सिस्टम बनें। उनकी शारीरिक और आर्थिक हर तरीके से मदद करें। अगर वे बीमार हैं तो उनके साथ रहें।

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अपनाएं व्यवहारिक तरीक

हर हाल में अपने माता-पिता का सम्मान करें। अगर आप अपने माता-पिता की किसी बात पर सहमत नहीं हैं तब भी आप उनका आदर करना न छोड़ें। शादी के बाद अगर घर छोटा पड़ रहा है तब भी उन्हें ये महसूस न होने दें कि आपकी प्राइवेसी कम हो रही है। और अगर आप दूसरे घर में शिफ्ट हो रहे हैं तो उन्हें हर पहलू से रूबरू कराएं। जैसे- कहां घर ले रहे हैं? वे कितनी दूर है? क्या आप हमारे साथ कुछ दिन रहना चाहेंगे? त्यौहारों को एक साथ कैसे सेलिब्रेट करेंगे? इन सब बातों से पेरेंट्स को महसूस होगा कि आप उनके दिल के कितने करीब हैं।

समय के साथ छोटे घर को बनाएं बड़ा

बड़े-बड़े शहरों में फ्लैट्स बहुत महंगे होते हैं इसलिए लोग लेने में संकोच करते हैं। और अगर ले भी लेते हैं तो परिवार के बढ़ने पर घर छोटा लगने लगता है। ऐसे में लोग अपनी सुविधा के अनुसार एक अपार्टमेंट में दो या तीन फ्लैट्स ले लेते हैं। इससे माता-पिता, बच्चे, सभी साथ या आसपास रहते हैं।

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क्या करें और क्या नहीं

  • जब भी नए घर में शिफ्ट हों तो उसकी तुलना अपने पुराने घर से न करें। यह न कहें कि वहां क्या-क्या सुविधाएं हैं जो इस नए घर में नहीं हैं।
  • अपनी परेशानियों को माता-पिता के साथ बांटे जरूर लेकिन उन्हें यह महसूस न होने दें कि उनके साथ रहने से आपकी परेशानियां बढ़ रही हैं।
  • जरूरत का हर सामान अपने घर से न ले जाएं। हो सकता है जो सामान आप ले जा रहे हैं वो माता-पिता के लिए ज्यादा जरूरी हो। 
  • घर में कुछ प्रिय चीजों को छोड़कर जाएं। इससे माता पिता को महसूस होगा कि आपका जुड़ाव अब भी घर से है। 
  • रिश्ते बहुत नाजुक होते हैं इसलिए अपने माता-पिता से कुछ ऐसी बातें बोले, जो उन्हें आहत कर जाए।

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