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कीड़े खाने से मिलेगी भुखमरी से निजात

Updated at: May 14, 2013
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Written by: अन्‍य Published at: May 14, 2013
कीड़े खाने से मिलेगी भुखमरी से निजात

यूएन का कहना है कीड़ों को अपने आहार में शामिल कर भुखमरी की समस्‍या का सामना किया जा सकता है। कीड़ों को खाद्य उद्योग में शामिल करने की वकालत भी की गई है।

keede khane se milegi bhukmari se nijat

दुनिया भर में करोड़ों लोग भुखमरी की समस्‍या से जूझ रहे हैं। इससे निपटने के लिए कृषि वैज्ञानिक ज्‍यादा अन्‍न उपजाने की तकनीकों पर विचार कर रहे हैं। लेकिन, संयुक्‍त राष्‍ट्र संघ (यूएनओ) एक नए विचार के साथ सामने आया है। यूएनओ का कहना है कि ज्‍यादा कीड़े खाकर इस भुखमरी और कुपोषण की समस्‍या से निपटा जा सकता है।

संयुक्त राष्ट्र की खाद्य और कृषि संस्था का कहना है कि कीड़े खाने से शरीर को पौष्टिक आहार मिल सकता है।और तो और इससे प्रदूषण कम करने में भी मदद मिल सकती है। रिपोर्ट में दिए आंकड़ों के अनुसार दुनियाभर में क़रीब दो अरब लोग पहले ही अपने भोजन में कीड़ों का इस्तेमाल शुरु कर चुके हैं।

संयुक्त राष्ट्र की संस्था के इस रिपोर्ट में माना गया है कि पश्चिमी देशों में कीड़ों से घिन एक बड़ी समस्या है। रिपोर्ट के मुताबिक ततैया, बर्रे और अन्य कीड़े लोगों और जानवरों के खाने के लिए क्षमता से कम उपयोग किए जाते है।

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि कीड़े सभी जगह मिल जाते हैं। इनकी पैदाइश भी तेजी से होती है और इनका पर्यावरण पर भी दुष्प्रभाव नहीं पड़ता। रिपोर्ट तैयार करने वाले वैज्ञानिकों का कहना है कि कीड़े पौष्टिक होते हैं, इनमें प्रोटीन, फैट और मिनरल भरपूर होते हैं। ये कुपोषित बच्चों के लिए पोषक तत्वों का काम करता है।

कीड़े दूसरे जानवरों के अनुपात में दूषित गैसों का बेहद कम उत्सर्जन करते हैं। दुनिया के कई देशों में कीड़ों का इस्तेमाल खाने के लिए किया जाता है लेकिन पश्चिमी देशों में इसे विचित्र माना जाता है। रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि अगर होटल और रेस्त्रा उद्योग के लोग कीड़ों को अपने मेन्यू में शामिल कर लें तो कीड़ों की खपत बढ़ेगी। कीड़ों को खाद्य उद्योग में शामिल करने की वकालत भी की गई है।

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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