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करीना कपूर की खूबसूरती का राज है सूर्य नमस्कार! जानें किस तरह ये सिंपल योगासन त्वचा के लिए है फायदेमंद

एक्सरसाइज और फिटनेस By पल्‍लवी कुमारी , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Dec 12, 2019
करीना कपूर की खूबसूरती का राज है सूर्य नमस्कार! जानें किस तरह ये सिंपल योगासन त्वचा के लिए है फायदेमंद

जिन लोगों के पास विस्तृत व्यायाम को करने का समय या संसाधन नहीं है, उनके लिए दैनिक रूप से सूर्य नमस्कार करना फिट रहने का एक आसान तरीका है।

अगर आपको लगता है कि फिटनेस केवल जिम जाने और वजन को कम करने के बारे में ही है, ऐसा बिलकुल भी नहीं है। योग किसी भी व्यक्ति के संपर्ण स्वास्थ्य के लिए बेहद  सफल और संपूर्ण व्यायाम है। वहीं अगर कोई अपने दिन की शुरूआत सूर्य नमस्कार से करें, तो वो पूरे दिन तरोताजा महसूस कर सकता है। यहां तक हमारे प्रधानमंत्री से लेकर बॉलीवुड सेलिब्रिटी तक इसे करना पसंद करते हैं। हाल ही अभिनेत्री करीना कपूर खान भी इसे करते हुए नजर आईं। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट पर सूर्य नमस्कार करते हुए अपनी कुछ तस्वीरों को शेयर किया। बता दें कि लोग सूर्य नमस्कार को सूर्य की ओर मुंह करके 12 तरह से नमस्कार करते हैं। इस तरह सूर्य नमस्कार में आने वाले 12 व्यायाम शरीर के लिए एक प्रभावी व्यायाम माना जाता है। ये न केवल पीठ और मांसपेशियों को मजबूत करने में मदद करता है, बल्कि पूरी शरीर की कसरत है। इसके हर मोड़ के साथ शरीर के सभी प्रमुख मांसपेशी समूहों और अंग प्रणालियों का व्यायाम हो जाता है। आइए जानते हैं कि ये आपकी खूबसूरती के लिए कैसे फायदेमंद है।

Inside_kareena surya namaskar

वजन कम करने में मदद करता है

सामान्य से तेज गति से सूर्य नमस्कार करना एक अच्छा कार्डियो व्यायाम है, जो वजन कम करने में मदद कर सकता है। आसन आपके पेट की मांसपेशियों को खिंचाव में मदद करते हैं, जिससे आप पेट के चारों ओर पाउंड बहा सकते हैं। यह शरीर के चयापचय को बेहतर बनाने में भी मदद करता है।

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एंटीएजिंग को कम करता है 

सूर्य नमस्कार आपके रक्त परिसंचरण को बढ़ाता है, जिससे आपकी त्वचा और आपका चेहरा चमकता है। यह झुर्रियों को रोकने में भी मदद करता है और एजिंग को कम करने में मदद करता है। बेहतर परिणाम पाने के लिए इस आसन को दैनिक रूप से तरने से कई फायदे दिख सकते हैं।

पीरिएड्स साइकल को सही रखता है

यह मासिक धर्म चक्र यानी कि पीरिएड्स साइकल को नियमित करने में मदद करता है। पेट की मांसपेशियों को मजबूत करने और कम-दर्दनाक पीरिएड्स के लिए आसन आपको मदद कर सकता है। इसके अलावा इसकी मदद से ब्लड सर्कुलेशन भी सही रहता है, जो शरीर को सही से काम करने में मदद करता है।

Inside_surya namskar kareena

स्ट्रेस कम करता है

अगर आप नियमित रूप से सूर्य नमस्कार करते हैं, तो आप न केवल अपने शारीरिक आत्म बल्कि अपने मानसिक स्वास्थ्य में भी अंतर देखेंगे। यह स्मृति और तंत्रिका तंत्र के कामकाज में सुधार करने में मदद करने के लिए एक प्रभावी व्यायाम माना जाता है। यह आपको शांत करने और चिंता से छुटकारा पाने में भी मदद करता है। ये हमारी शरीर की ग्रंथियों की गतिविधि को सामान्य करता है और थायराइड की समस्या वाले लोगों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद होता है।

नींद को बेहतर बनाकर खूबसूरती बढ़ाता है

सूर्य नमस्कार नींद के पैटर्न को बेहतर बनाने के लिए जाना जाता है। यह रात को बेहतर और अधिक शांतिपूर्ण नींद देने से, मन को शांत करने में मदद करता है। इसका मतलब यह भी है अगर हम अच्छी नींद सोएंगे तो आने वाले पूरे दिन अधिक ऊर्जा के साथ काम करेंगे और चहरे पर खूबसूरती बनी रहेगी।

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सूर्य नमस्कार के अलावा अन्य प्राणायाम, जो आपकी खूबसूरती को बढ़ा सकते हैं

ऐसे तो सूर्य नमस्कार दिन के किसी भी समय किया जा सकता है, लेकिन सूर्योदय के समय सबसे उपयुक्त और लाभदायक समय है, जब सूर्य की किरणें आपके शरीर को पुनर्जीवित करती हैं और आपके दिमाग को तरोताजा करती हैं। इसके साथ आप अन्य प्राणायाम भी कर सकते हैं। जैसे कि

  • -उत्तानासन (हस्तपादासन): इसमें छाती और पेट में खिंचाव होता है, जिससे शरीर को ऊर्जावान महसूस करने में मदद मिलती है। ये फेफड़ों की क्षमता का बढ़ाने में मदद करता है।
  • -पादहस्तासन: पेट के अंगों की मालिश, पाचन में सुधार, रीढ़ को फैलाता है और मस्तिष्क में रक्त के प्रवाह को बढ़ाता है। साथ ही ये रीढ़ की हड्डी को बेहतर बनाने में मदद करता है, जिससे रीढ़ लचीली, सीधी और लचीली होती है।
  • -अश्व संचलाना: चतुर्भुज, कूल्हे की मांसपेशियों और रीढ़ की हड्डी में खिंचाव, पेट के अंगों को उत्तेजित करता है और मानसिक शक्ति को बढ़ाता है। ये अपच और कब्ज के लिए भी फायदेमंद है।
  • -पर्वतासन: पैरों और बाहों को मजबूत करता है और मांसपेशियों को फैलाता कर नसों को राहत देता है। साथ ही ये अस्थमा जैसे श्वसन विकारों के से राहत देने में मदद करता है।
  • -दंडासन: येशुरुआती स्थिति तक पहुंचने के लिए रिवर्स मुद्रा में प्राणायाम करने की विधि है।
  • -अष्टांग नमस्कार: ये हाथों और पैरों को मजबूत करता है और मसल्स की संतुलित टोनिंग करके खूबसूरत दिखने में मदद करता है। 

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