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जेटलैग के असर से बचाएगा चश्‍मा

Updated at: Nov 23, 2012
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Written by: ओन्लीमाईहैल्थ लेखकPublished at: Nov 23, 2012
जेटलैग के असर से बचाएगा चश्‍मा

एक नए शोध के मुताबिक अब विदेश यात्रा पर जाने वाले लोगों को जेटलैग का सामना नहीं करना पडेगा क्योंकि इससे बचने के लिए विशेष चशमे की खोज की गई है।

jet lag ke asar se bachayega chasma

विदेश में विमान यात्रा करने वालों को सफर के बाद 'जेटलैग' परेशान करता है। इसके चलते उनकी नींद और बाकी दिनचर्या पर उसका असर पड़ता है। अनुसंधानकर्ताओं ने ऐसे लोगों के लिए ‘समय नियंत्रित’ करने वाला चश्मा बनाया है। यह चश्‍मा व्‍यक्ति के शरीर की जैविक घड़ी को रीसेट करता रहेगा जिससे जेटलैग और अनिद्रा की बीमारी से निपटना आसान हो जाएगा। 

 

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उच्च-प्रौद्योगिकी की मदद से निर्मित यह चश्मा हल्के हरे रंग की रोशनी उत्सर्जित करता है। इस रोशनी का असर मानव की जैविक घड़ी पर पड़ता है यह हमारे सोने के पैटर्न को बदलता है।

इस बनाने वाले अनुसंधानकर्ता का कहना है कि ‘री-टाइमर’ नामक इस उपकरण का उपयोग करके लंबी दूरी तक यात्रा करने वाले यात्री भी विमान से बिल्कुल तरोताजा महसूस करते हुए उतरेंगे।




खबर के अनुसार, चश्मे का विकास करने वाले प्रोफेसर लिओन लैक का कहना है कि यह चश्मे अनिद्रा की बीमारी से ग्रस्त लोगों की भी मदद कर सकते हैं। यह शिफ्ट में काम करने वाले कर्मचारियों को ज्यादा सजग रखेगा और किशोरों को सुबह वक्त पर उठने में भी मदद करेगा।

उनके अनुसार, ‘री-टाइमर से निकलने वाली रोशनी हमारे शरीर की 24 घंटे वाली जैविक घड़ी को नियंत्रित करने वाले मस्तिष्क के हिस्से को प्रभावित करती है।’


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