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जीवनशैली का नतीजा है कैंसर

कैंसर By Nachiketa Sharma , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / May 10, 2012
जीवनशैली का नतीजा है कैंसर

जीवनशैली को नियमित करके कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी से बचाव किया जा सकता है।

jeewanshaili ka nateeja hai cancer

गलत और अनियमित जीवनशैली का नतीजा है कैंसर जैसी घातक बीमारी। अनियमित दिनचर्या होने का प्रभाव शरीर की रोग-प्रतिरोध क्षमता पर पडता है। शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने के कारण कई प्रकार के रोग शुरू होने लगते हैं। प्रदूषण और पोषक आहार की कमी के कारण कैंसर के ट्यूमर बढते हैं। कैंसर के 90 से 95 प्रतिशत मामले वातावरण और जीवन शैली के कारण होते हैं। कैंसर से जुडे जीवनशैली कारकों में एल्कोहल, धूप का प्रभाव, संक्रमण, तनाव, मोटापा और शारीरिक निष्क्रियता प्रमुख है।


क्या कहते हैं शोध -
हाल ही में ब्रिटेन में हुए एक शोध में पता चला है कि अगर लोग जीवनशैली को ठीक रखें तो कैंसर के 40 प्रतिशत मामलों को रोका जा सकता है। इस शोध के अनुसार कई मामलों में कैंसर होने की वजह खराब जीवनशैली है। खराब जीवनशैली से तात्पर्य धूम्रपान, शराब पीना, स्वास्‍थ्‍य को नुकसान पहुंचाने वाले भोजन और अधिक वजन से है।



जीवनशैली और कैंसर –


खान-पान का असर –
फास्ट फूड और जंक फूड का अधिक मात्रा में सेवन करने से शरीर को भरपूर मात्रा में पोषक तत्व नहीं मिल पाते हैं। समय की कमी के कारण लोग उचित तरीके सो लंच और डिनर नहीं कर पाते। लोग केवल पेट भरने के लिए खाना खाते हैं जिसके लिए फास्ट फूड से अच्छा विकल्प नहीं मिलता है। इसके अलावा तले-भुने और ज्यादा मसालेदार खाने से भी कैंसर होने की संभावना बढती है।


लंबे समय तक काम करना –
मल्टीनेशनल कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा का असर उसमें काम कर रहे कर्मचारियों पर पडता है। पैसा कमाने और आगे बढने की होड के कारण आदमी खाना-सोना भूलकर लगातार कई घंटो तक काम करता रहता है। जिससे कारण आदमी अपने स्वास्‍थ्‍य के प्रति लापरवाह हो जाता है और कैंसर होने की संभावना बढ जाती है।


देर रात तक पार्टी –
शहरी जीवन में लोग देर रात तक पार्टी करते हैं और फिर सुबह जल्दी उठकर काम पर चले जाते हैं। इससे शरीर को भरपूर नींद नहीं मिल पाती है और कम नींद लेने के कारण डायबिटीज और मोटापे की समस्या बढने लगती है। पर्याप्त नींद न लेने के कारण कैंसर होने का खतरा बढता है।


व्यायाम और योगा न करना –
एक्स‍रसाइज और योगासन न करने से भी कैंसर का खतरा बढता है। क्योंकि व्यायाम न करने से शरीर में रक्त संचार अच्छे से नहीं होता है। व्यायाम न करने से कई सामान्य रोग भी शुरू हो जाते हैं।


धूम्रपान और तंबाकू का सेवन –
तंबाकू और धूम्रपान का नियमित रूप से प्रयोग करने से कैंसर का खतरा कई गुना ज्यादा बढ जाता है। तंबाकू खाने से मुंह का कैंसर होता है और धूम्रपान से फेफडे का कैंसर होता है।



दूषित पानी पीने से –
पानी पीने के कई फायदे हैं। लेकिन, अगर पानी दूषित हो तो कैंसर होने का खतरा बढ जाता है।


भारत में कैसर के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। कैंसर के मरीजों में युवाओं की संख्या ज्यादा बढी है। युवाओं में कैंसर होने का प्रमुख कारण है अनियमित दिनचर्या। इसलिए जीवनशैली को नियमित करके कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी से बचाव किया जा सकता है।

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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