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ज्यादा कोल्ड ड्रिंक पीने से दांत हो सकते है खराब

लेटेस्ट By एजेंसी , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / May 27, 2013
ज्यादा कोल्ड ड्रिंक पीने से दांत हो सकते है खराब

अधिक सॉफ्ट ड्रिंक्स पीने से किडनी, लीवर और दिल के साथ-साथ दांतों पर भी बुरा असर पड़ता है।

jayada cold drink peene se dant ho sakte hai kharab

ज्‍यादा सॉफ्ट ड्रिंक पीने से न केवल आपकी किडनी, लिवर और दिल पर बुरा असर पड़ता है बल्कि इससे आपके दांतों का भी सत्‍यानाश हो जाता है। और तो और दांत कुछ इस अंदाज से खराब होते है कि उन्‍हें डेंटिस्‍ट को दिखाने में भी शर्म आती है।

 

यानी ज्यादा सोडा ड्रिंक लेने से दांतों का ड्रग्स या मेथ (मेथाएमफिलेमाइन) लेने वालों की तरह भुरभुरे और गहरी दरारों वाले होने का खतरा रहता है।

 

अगर आप फिलिंग, बफ या टूथ पुलिंग से बचना चाहते हैं तो कोल्ड ड्रिंक्स पर कंट्रोल करें। एक ताजा शोध में खुलासा हुआ है कि सॉफ्ट ड्रिंक और यहां तक कि डाइट सोडा आप के दांतों का इस हद तक सत्यानाश कर देते हैं, जितना दुनिया के दो बदनाम नशे (ड्रग्स और मेथाएमफिलेमाइन) मिलकर नहीं करते।

 

फिलेडेल्फिया स्थित टेंपल यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ डेंटेस्ट्री में डॉ. मोहम्मद बसीओयूनी ने एक महिला की केस हिस्ट्री के हवाले से सॉफ्ट ड्रिंक्स के नुकसान को समझाने की कोशिश की है।

 

रिस्टोरेटिव डेंटिस्ट्री के प्रोफेसर डॉ. बसीओयूनी ने यूएस न्यूज एंड र्वल्ड रिपोर्ट को बताया कि उनके पास एक महिला लाई गई, जो पिछले पांच साल से प्रतिदिन दो लीटर सॉफ्ट ड्रिंक पी रही थी।

 

उसके दांतों की वही हालत थी, जो 29 साल से मेथ ले रहे या 51 वर्ष से ड्रग्स का इस्तेमाल करने वालों की होती है। उन्होंने बताया कि मेथाएमफिलेमाइन का इस्तेमाल करने वाले भी रोजाना दो या तीन कैन सोडा पीते हैं, क्योंकि मेथाएमफिलेमाइन के असर से उनका मुंह सूखने लगता है।

 

इसी तरह ड्रग्स लेने वाले भी जमकर सॉफ्ट ड्रिंक लेते हैं। डॉ. बसीओयूनी के मुताबिक उनकी टीम ने सॉफ्ट ड्रिंक्स से अपने दांत तबाह करने वालों की जांच की। उनका एक भी दांत ऐसा नहीं था, जिसे रिपेयर कर बचाया जा सके।

 

उन्हें बाद में अपने सभी दांत निकलवाने पड़े। अध्ययन के दौरान यह भी पाया गया कि शुगर फ्री सोडा भी सामान्य सोडे ड्रिंक की तरह दांतों के लिए नुकसानदेह है, अगर उसे अधिक मात्रा में लिया जाए।

 

दूसरी तरफ, सॉफ्ट ड्रिंक के हिमायती इस रिपोर्ट को त्रुटिपूर्ण मान रहे हैं। उनका कहना है कि रिपोर्ट में जिस महिला का हवाला दिया गया है, उसने बीस साल से डेंटिस्ट का मुंह नहीं देखा था।

 

अमेरिकन बेवरेज एसोसिएशन ने इस बारे में एक बयान जारी कर कहा है कि एक अकेली महिला के दांतों के सोडे की वजह से क्षतिग्रस्त होने से जोड़ना गलत है। उनका कहना है कि यह एक बात तो साफ है कि नियमित रूप से डेंटिस्ट के पास जाने और दांतों की देखभाल करने से दांतों के विकार से बचा जा सकता है।  


 

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