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जमीं पर न रखें ये नाजुक पांव

फैशन और सौंदर्य By Nachiketa Sharma , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Aug 16, 2013
जमीं पर न रखें ये नाजुक पांव

यह सच है कि चेहरा, बाल, पोशाक आदि पर पूरा ध्यान रखने वाली महिलायें भी अपने पैरों को अनदेखा कर जाती हैं, जिसके कारण पैरों में संक्रमण होता है।

Quick Bites

शरीर के अन्‍य हिस्‍सों की तुलना में पैरों का ज्‍यादा खयाल रखना चाहिए। क्‍योंकि पैर भी खूबसूरती में चार चांद लगाते हैं। इसलिए पैरों की देखभाल बहुत जरूरी है।

  • एक सर्वेक्षण से ज्ञात हुआ है कि 60 प्रतिशत स्त्री-पुरुषों के पैरों में तकलीफ के लक्षण पाए जाते हैं। 
  • पैरों में सूजन, त्वचा का कठोर होना, खुजली और उंगलियों का लाल होना, सुन्न होना, एडि़यों का तड़कना और रक्‍तस्राव जैसी समस्‍यायें होती हैं। 
  • दुखती एडि़यों को आराम देने के लिए गुनगुने पानी में दो चम्मच नमक डालकर 15-20 मिनट पैरों को सेंकें। 
  • नियमित रूप से पैरों और एड़ी को प्यूमिक स्टोन से साफ कीजिए।

 

शरीर के अन्‍य हिस्‍सों की तुलना में पैरों का ज्‍यादा खयाल रखना चाहिए। लेकिन लोग चेहरे का ज्‍यादा खयाल रखतें हैं और पैरों को अनदेखा करते हैं। जबकि हकीकत यह है कि पैर भी खूबसूरती में चार चांद लगाते हैं।

महिला के पैर सही मायने में आपकी खूबसूरती व आकर्षक व्यक्तित्व में सुंदर, सुडौल पैरों की मुख्य भूमिका होती है। कोमल, साफ पांव, चिकनी त्वचा वाली एडि़यां, तराशे-संवरे नेलपॉलिश से सजे नाखून बरबस ही आपके पैरों की ओर दूसरे का ध्यान आकर्षित कर लेते हैं। इसलिए इनको स्वस्थ रखने की पूरी कोशिश की जानी चाहिए, ताकि घुटने, टखने एडि़यां या तलवों के दर्द, कॉर्न, बिवाई आदि से बचा जा सके।

एक सर्वेक्षण से ज्ञात हुआ है कि 60 प्रतिशत स्त्री-पुरुषों के पैरों में तकलीफ के लक्षण पाए जाते हैं जैसे - पैरों में सूजन, त्वचा का कठोर होना, खुजली और उंगलियों का लाल होना, सुन्न होना, एडि़यों का तड़कना और रक्‍तस्राव होना। आइए हम आपको पैरों की कुछ समस्‍याओं के बारे में बताते हैं।

 

फटी एडि़यां  

व्‍यस्‍त होने के कारण महिलायें पैरों और एड़ी को नियमित रूप से प्यूमिक स्टोन से साफ नहीं कर पातीं। जिनकी त्वचा बहुत शुष्क होती है उनकी एडि़यां फटी रहती हैं। इससे बचने के लिए पैरों की नियमित सफाई करनी चाहिए। हफ्ते में एक बार गुनगुने पानी में नींबू का रस व ऑलिव ऑयल डालकर 15 मिनट तक पैरों को डुबो कर रखने के बाद उन्हें प्यूमिक स्टोन या स्क्रबर से रगड़ें। फिर पोंछ कर क्रीम लगाएं।

 

दें एडि़यों को आराम 

दुखती एडि़यों को आराम देने के लिए गुनगुने पानी में दो चम्मच नमक डालकर 15-20 मिनट पैरों को सेंकें, फिर अच्छी तरह पोंछकर क्रीम या तेल लगाकर कुछ देर मालिश करें। ऐसा करने से एडि़यों को आरा‍म मिलेगा।

 

पेडीक्योर 

महीने में दो बार पेडीक्योर करा सकती हैं। इस प्रक्रिया से पैरों का मसाज और टोनिंग होती है, रक्तसंचार बढ़ता है और पैर स्वस्थ एवं मजबूत होते हैं। पेडीक्योर प्रक्रिया में नाखूनों के आसपास के क्यूटिकल्स को त्वचा के पीछे पुश कराएं, उन्हें कटवाएं नहीं। कई बार तेज कटर या ब्लेड से क्यूटिकल्स के कट जाने से संक्रमण हो सकता है। क्यूटिकल्स के हटने से नाखूनों का सौंदर्य निखर कर आता है। नाखूनों को शेप देते समय ध्यान रखें कि वो अधिक गहराई तक या टेढ़े-मेढ़े न कटें। अंत में क्रीम या तेल द्वारा मसाज करायें।

 

 

एडि़यों पर बैठें 

टेबल के एक तरफ खड़े हो जाएं और अपना एक हाथ सहारा लेने के लिए टेबल पर सीधा रखें। फिर हाथ के सहारे नीचे बैठने की कोशिश करें। ध्यान रखें, आपका हाथ टेबल पर एकदम सीधा रहे फिर हाथ के सहारे ऊपर उठने और खड़ी होने की कोशिश करें। यह भी ध्यान रखें कि बैठते समय आपके शरीर का पूरा भार आपकी एडि़यों पर हो। इस स्थिति में पांच सेकेंड तक रुकें। ऊपर उठते समय अपनी एडि़यों पर दबाव डालें और उठने की कोशिश करें।

 

पैरों को स्ट्रेच करें  

अपनी डेस्क पर बैठे-बैठे अपने एक पैर को उठाते हुए डेस्क के समानान्तर लाएं फिर पेशियों को खींचते हुए पैर के पंजों को आगे-पीछे घुमाएं। पांच सेकेंड रुकने के बाद पहली स्थिति में आएं। इसी प्रकार दूसरे पैर से भी यही करें। ऐसा करने से पैरों की थकान दूर होती है और उनकी टोनिंग भी होती है।

 

फुटवेयर का चुनाव

मनोवैज्ञानिकों के अनुसार आजकल हील पहनने वालों का जुनून इतना बढ़ा है कि पैरों और कमर को नुकसान पहुंचना आम बात हो रही है। ऐसी महिलायें जो लगातार ऊंची हील पहनती हैं, उनकी पीठ के निचले भाग में खिंचाव और दर्द महसूस होने लगता है और टखनों में दर्द रहता है। 

 

पैरों का पसीना 

कुछ लोगों को ठंडे मौसम में भी पैरों में पसीना आता है। अधिक देर तक जूते, चप्पल और मोजे पहनने से पैरों की उंगलियों की त्वचा स़फेद पड़ जाती है, गलने लगती है और उस हिस्‍से पर खुजली होने लगती है। इससे बचने के लिए कॉटन के मोजों का प्रयोग करें और कुछ घंटे बाद जूते उतार दें। जूते-चप्पल पहनने से पूर्व बोरिक पाउडर मिले टेल्कम-पाउडर को पैरों और उंगलियों में डालने से फायदा होता है।

 

 

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Written by
Nachiketa Sharma
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागAug 16, 2013

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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