आई वी एफ के बाद रखें ये सावधानियां

Updated at: Feb 23, 2015
आई वी एफ के बाद रखें ये सावधानियां

आईवीएफ की प्रकिया के बाद कुछ सावधानियों की जरूरत होती है। जानें आईवीएफ क्या सावधानियां बरतनी चाहिए।

Aditi Singh
महिला स्‍वास्थ्‍यWritten by: Aditi Singh Published at: May 03, 2012

इनफर्टिलिटी की समस्या से निपटने के लिए इन विट्रो फर्टिलाइजेशन एक प्रभावी तरीका है। आईवीएफ के जरिए कई निसंतान दंपतियों की समस्या का समाधान हुआ है। लेकिन  के बाद कई सावधानियां रखने की जरूरत होती है। इस लेख में हम आपको बता रहे हैं आई वी एफ के बाद क्या रखें सावधानी।आईवीएफ प्रक्रिया में अंडे को निषेचित करने के बाद महिला के गर्भ में प्रत्यारोपित कर दिया जाता है। इस प्रक्रिया के बाद महिलाओं को कई तरह की सावधानी बरतनी चाहिए। आइए जानें उन सावधानियों के बारे में।

 

संभोग से बचे

IVF की प्रक्रिया के बाद पति पत्नी को संभोग से बचना चाहिए। संभोग से महिलाओं में वैजाइनल इंफेक्शन होने का खतरा रहता है जिससे यह प्रक्रिया सफल नहीं हो पाएगी।

 

भारी सामान नहीं उठाएं

आईवीएफ की प्रक्रिया के बाद महिलाओं को भारी सामान नहीं उठाना चाहिए। कई डॉक्टरों का कहना है कि महिलाओं को तब तक भारी सामान नहीं उठाना चाहिए जब तक यह सुनिश्चित नहीं हो जाए कि वे प्रेग्नेंट है। भारी सामान उठाने से पेट की मांसपेशियों पर दबाव पड़ता है जिससे आईवीएफ प्रक्रिया पर असर हो सकता है। इस दौरान महिलाओं को घर के कठिन कामों से दूर रहना चाहिए।

 

नहाएं नहीं

डॉक्टरों के मुताबिक आईवीएफ की प्रक्रिया के दो हफ्ते तक महिलाओं को नहाना नहीं चाहिए। नहाने से आईवीएफ की प्रक्रिया पर असर हो सकता है जिससे प्रत्यारोपित अंडा अपने स्थान से हट सकता है। इस अवस्था में मरीजों को शॉवर बाथ लेने की सलाह दी जाती है।

 

ज्यादा हिलने वाले व्यायाम नहीं करें

आईवीएफ प्रक्रिया के बाद महिलाओं को कोई भी भारी एक्सरसाइज व एरोबिक्स करने से मना किया जाता है। इस समय जॉगिंग करने की अपेक्षा , हल्के व्यायाम जैसे टहलना अच्छा रहता है । इसके अलावा महिलाएं मेडिटेशन भी कर सकती हैं।


प्रोजेस्टेरोन लें

ओव्यूलेशन के बाद यह बहुत जरूरी है कि गर्भावस्था बनाए रखने के लिए महिला के शरीर में प्रोजेस्ट्रोकन न की  पर्याप्त मात्रा हो। प्रोजेस्ट्रो न एक हार्मोंन है जिसका उत्पादन ओवरी के द्वारा होता है। आईवीएफ की प्रक्रिया के बाद पर्याप्त मात्रा बनाए रखने के लिए डॉक्टर इंजेक्शन द्वारा महिला के शरीर में कृत्रिम प्रोजेस्ट्रोन  देते हैं। यह इंजेक्शन गर्भावस्था के 12 वें सप्ताह तक दिए जाते हैं, जब तक महिला का शरीर खुद पर्याप्त हार्मोन का निर्माण नहीं करने लगता है।

IVF

 

ध्यान दें

इन सावधानियों के अलावा महिलाओं को कैफीन, एल्कोहल, ड्रग्स व धूम्रपान से दूर रहने की सलाह दी जाती है। साथ ही सनबाथ व स्वीमिंग से भी बचना चाहिए।

 

 

Read More Article on Getting Pregnant in hindi.

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK