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आइसोमेट्रिक्‍स से बिना मूव किये शरीर को बनायें मजबूत

एक्सरसाइज और फिटनेस By Gayatree Verma , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / May 17, 2017
आइसोमेट्रिक्‍स से बिना मूव किये शरीर को बनायें मजबूत

आइसोमेट्रिक्स एक्सरसाइज के जरिये आप अपने शरीर को बिना मूव किए मजबूत बना सकते हैं, इसे कैसे करें और इसका क्‍या फायदा होता है जानने के लिए यह लेख पढ़ें।

Quick Bites
  • आइसोमेट्रिक्स में ज्वाइंट्स और मशल्स पर प्रेशर दिया जाता है।
  • मशल्स पर प्रेशर बनने पर पैदा ऊर्जा शरीर को मजबूत बनाती है।
  • 4-5 मिनट की आइसोमेट्रिक्स एक्सरसाइज 20 डम्बल उठाने के बराबर।

एक्सरसाइज शब्द सुनते ही हर कोई अनुमान लगाने लगता है कि बहुत मेहनत करनी पड़ेगी और पसीना बहाना पड़ेगा। लेकिन क्‍या आप जानते हैं आइसोमेट्रिक्स एक्सरसाइज बिल्कुल अलग है। इससे आप अभी इस लेख को पढ़ते हुए बैठे-बैठे कर सकते हैं। उदाहरण के तौर पर, नमस्कार करने की मुद्रा में आइए और दोनों हाथों को से प्रेशर दीजिए। 10 सकेंड्स तक इस मुद्रा में रहिए। आप अपने छाती औऱ बांहों में प्रेशर महसूस करेंगे। ऐसा करने के दौरान आपके शरीर में बैठे-बैठे ही टहलने के बराबर ऊर्जा का संचार हो गया है। देखा कितना आसान है, यही है आइसोमेट्रिक्स एक्सरसाइज। आइसोमेट्रिक्स में ज्वाइंट्स और मशल्स पर प्रेशर दिया जाता है जिससे मशल्स पर प्रेशर बनने पर शरीर में ऊर्जा पैदा होती है। 4-5 मिनट की आइसोमेट्रिक्स एक्सरसाइज 20 डम्बल उठाने के बराबर है।

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Isometric chest press

मशल्स फाइबर हो जाते हैं एक्टिवेट

आइसोमेट्रिक्स एक्सरसाइज के विभिन्न मुद्राओं में शरीर के मशल्स फाइबर के एक्टिवेट होने के कारण काफी ऊर्जा का संचार होता है। लेकिन ध्यान रखें कि इस मुद्रा में शरीर बिलकुल न हिले। आइसोमेट्रिक्स एक्सरसाइज करने के बाद आपको रस्सी कूदना, वेट लिफ्टिंग, क्रंचेस, दौड़ना आदि ऐसी कई एक्सरसाइज से छुटकारा मिल जाएगा जिसमें पसीना बहाना पड़ता है। साथ ही सबसे अच्छी बात है कि आइसोमैट्रिक्स एकसरसाइज के जरिए आप अपनी कमर को एक इंच तक कम कर सकते हैं। यहां तक की ये ब्लड प्रेशर की समस्या को भी संतुलित करने में मदद करता है।


कोई इक्विपमेंट जरूरी नहीं

इस एक्सरसाइज को करने के लिए किसी भी तरह के कोई इक्विपमेंट की जरूरत नहीं है। हाफ चेयर में दीवाल के विपरीत दिशा में बैठ जाइए। अब दोनों हाथों से दीवाल को धक्का दीजिए। इससे पैर और हाथ दोनों के मशल्स फाइबर एक्टिवेट होंगे। रोजाना की दो से तीन मिनट की एक्सरसाइज का असर आपको एक हफ्ते में देखने को मिल जाएगा। इसी तरह किसी और मुद्रा को भी अपना सकते हैं। पैर से दीवाल को धक्का दे सकते हैं। हाथ औऱ पैर दोनों से जमीन को धक्का दे सकते हैं। इन एक्सरसाइज में आप कोई भी मुद्रा अपना सकते हैं। आपको केवल ये ध्यान रखना है कि इन मुद्राओं में आपके शरीर में प्रेशर बनें जिससे शरीर में ऊर्जा का संचार हो।

 

सौ प्रतिशत प्रयास की भी जरूरत नहीं

इस एक्सरसाइज में जरूरी नहीं कि आप हमेशा अपना सौ प्रतिशत दें। रिसर्च के अनुसार आपके शरीर की 60 से 80 प्रतिशत तक की एफर्ट शरीर में ऊर्जा का संचार करने के लिए काफी है। ये एक्सरसाइज तनाव भी दूर करता है।

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ध्यान रखें-

एक्सरसाइज शुरू करने से पहले दो से तीन बार गहरी सांस लें। सांस लेने के बाद पांच तक की गिनती करें और सांस छोड़ने के दौरान पांच तक की गिनती करें।
इस एक्सरसाइज में मु्द्राएं काफी मायने रखती हैं। अलग-अलग मुद्राओं की आइसोमेट्रिक्स एक्सरसाइज मशल्स स्ट्रेंथ को बढ़ाने में मदद करती है।

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Written by
Gayatree Verma
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागMay 17, 2017

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