• shareIcon

बच्चों के लिए खतरनाक है आयरन की कमी, पीडियाट्रिक ब्लड सेल डिस्ऑर्डर का खतरा

बच्‍चे का स्‍वास्‍थ्‍य By अनुराग अनुभव , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Nov 27, 2018
बच्चों के लिए खतरनाक है आयरन की कमी, पीडियाट्रिक ब्लड सेल डिस्ऑर्डर का खतरा

आयरन हम सभी के शरीर के लिए बहुत जरूरी होता है। आयरन हीमोग्लोबिन का एक मुख्य हिस्सा है। हीमोग्लोबिन का दो-तिहाई हिस्सा आयरन होता है। ये आयरन ही हमारे फेफड़ों से ताजा ऑक्सीजन को पूरे शरीर तक पहुंचाता है।

आयरन हम सभी के शरीर के लिए बहुत जरूरी होता है। आयरन हीमोग्लोबिन का एक मुख्य हिस्सा है। हीमोग्लोबिन का दो-तिहाई हिस्सा आयरन होता है। ये आयरन ही हमारे फेफड़ों से ताजा ऑक्सीजन को पूरे शरीर तक पहुंचाता है। अगर शरीर में आयरन की कमी हो जाए, तो शरीर को ठीक से आयरन नहीं मिल पाता है और शरीर कमजोर हो जाता है। इसके अलावा आयरन की कमी से शरीर को कई तरह की समस्याएं भी हो सकती हैं। बच्चों में आयरन की कमी के कारण पीडियाट्रिक ब्लड सेल डिस्ऑर्डर का खतरा होता है।

क्या है पीडियाट्रिक ब्लड सेल डिस्ऑर्डर

पीडीयाट्रिक ब्‍लड सेल डिसऑर्डर बच्चों में ब्लड सेल्स संबंधी समस्या है। ये सफेद रक्‍त कोशिकाओं संबंधित समस्‍या, जो सफेद रक्‍त कोशिकाओं यानी व्हाइट ब्लड सेल्स को ही प्रभावित करती है। व्हाइट ब्लड सेल हमारी इम्यूनिटी यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए जरूरी है। यह विकार तभी होता है जब अस्थि मज्‍जा यानी बोन मैरो बहुत अधिक या बहुत कम मात्रा में सफेद रक्‍त कोशिकाओं का निर्माण करता है। जब शरीर में सफेद रक्‍त कोशिकाओं की कमी हो जाती है तब वह सामान्‍य संक्रमण से भी शरीर को नहीं बचा पाता। जबकि सामान्‍य से अधिक सफेद रक्‍त कोशिकाओं के कारण ल्‍यूकीमिया और कुछ अन्य प्रकार के संक्रमण होने की संभावना हो सकती है।

इसे भी पढ़ें:- कई प्रकार के होते हैं बच्चों पेट में पाए जाने वाले कीड़े, जानें किन लक्षणों से पहचानें इन्हें

क्यों जरूरी हैं प्लेटलेट्स

हमारे शरीर में मौजूद प्‍लेटलेट किसी चोट के कारण बहने वाले खून को थक्‍का बनाकर बहने से रोकते हैं। रक्‍त कोशिकाओं में विकार होने के कारण सही तरीके से प्‍लेटलेट थक्‍का नहीं बना पाते हैं और चोट लगने के बाद अधिक खून बह जाता है। खून संबंधी विकार लाल रक्‍त कणिकाओं और सफेद रक्‍त कणिकाओं को समान रूप से प्रभावित करता है, इसके अलावा यह प्‍लेटलेट्स पर भी असर डालता है। बोन मैरो, ऊतकों के अंदर मौजूद रक्‍त को भी प्रभावित करता है। लाल रक्‍त कणिकायें हमारे शरीर के अंगों और ऊतकों को ऑक्‍सीजन प्रदान करती हैं। जबकि सफेद रक्‍त कणिकायें शरीर को सभी प्रकार के संक्रमण से बचाती हैं। प्‍लेटलेट्स खून के थक्‍के बनने में मदद करते हैं। इसलिए अगर शरीर में रक्‍त कोशिका संबंधी विकार हो जाये तो पूरा शरीर प्रभावित होता है।

क्यों होती है ये समस्या

रक्‍त कोशिका संबंधी विकार के लिए सबसे अधिक पारिवारिक कारण जिम्‍मेदार होते हैं। ज्‍यादातर यह समस्‍या मां-बाप से बच्‍चे को होती है। अगर गर्भ के दौरान किसी मां को आयरन की कमी है, तो उसके अंदर लाल और सफेद रक्‍त कोशिकाओं की कमी हो जाती है, इसके कारण आनुवांशिक समस्‍या जैसे कि पॉलीसिथीमिया वीरा (polycythemia vera) हो जाता है। अगर बच्चे को कोई ऑटोइम्‍यून बीमारी (जैसे - ल्‍यूपस) है तो यह ब्‍लड प्‍लेटलेट को समाप्‍त करने लगती है। यह खून के थक्‍के बनने की क्षमता को कम कर देता है, जिससे चोट लगने पर अधिक खून बहता है। इसके अलावा कई अन्‍य बीमारियां हैं जो सफेद रक्‍त कोशिकाओं को तेजी से खत्‍म करती हैं। ऐसे में बोन मैरो उतनी तेजी से व्हाइट ब्लड सेल्स का निर्माण नहीं कर पाता है, जितनी तेज वो नष्ट होती हैं और समस्या बढ़ने लगती है।

इसे भी पढ़ें:- बच्चों में ये 5 आदतें दिखने पर जरूर कराएं आंखों की जांच

ब्लड सेल डिस्ऑर्डर से रोग

अगर आपकी रक्‍त कोशिकाओं में किसी भी प्रकार का विकार हो जाये तो इसके कारण - एनीमिया, सिकल सेल एनीमिया जैसी समस्‍या हो सकती है। एनीमिया खून की कमी से होने वाली समस्‍या है। जब शरीर में खून की कमी हो जाती है तब एनीमिया हो जाता है। जबकि सिकल सेल एनीमिया एनीमिया का ही एक प्रकार है जो ज्‍यादातार आनुवांशिक कारणों से होता है। यह बीमारी लाल रक्‍त कोशिकाओं को प्रभावित करती है।

ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

Read More Articles On Children Health in Hindi

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK