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एक्सरसाइज का जूनून पैदा करने में मददगार है इंटरमिटेंट फास्टिंग: स्टडी

लेटेस्ट By शीतल बिष्‍ट , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Oct 21, 2019
एक्सरसाइज का जूनून पैदा करने में मददगार है इंटरमिटेंट फास्टिंग: स्टडी

क्या आप भी रोजाना एक्सरसाइज और फिट रहने के लिए संघर्ष करते हैं

इंटरमिटेंट फास्टिंग, यानि जब आप एक निश्चित समय तक कुछ नहीं खाते हैं। यह उपवास का एक तरीका है। जिसे कि कुद कारणो से बुरा माना जाता है। लेकिन वास्तव में इंटरमिटेंट फास्टिंग आपको व्यायाम जारी रखने के लिए प्रेरित रहने में मदद कर सकता है। इंटरमिटेंट फास्टिंग को सीमित करने से शरीर में हार्मोनल परिवर्तन होते हैं, जो आपके लिए बेहतर है।

एंडोक्रिनोलॉजी जर्नल में प्रकाशित हालिया शोध के अनुसार, भूख शरीर में घ्रलिन हार्मोन का उत्पादन बढ़ाती है, जो कि ऊर्जा के स्तर को बढ़ाने और व्यक्ति को व्यायाम के लिए प्रोत्साहित करने में मददगार पाया गया है। शोधकर्ताओं के अनुसार, यह हार्मोन सकारात्मक प्रेरणा से जुड़ा हुआ है, यही कारण है कि जो लोग इंटरमिटेंट फास्टिंग करते हैं, वे नियमित रूप से जिम में या फिर एक्सरसाइज करते हुए पाए जाते हैं।

मानव शरीर में दो हार्मोन भूख और संतृप्ति से जुड़े होते हैं। लेप्टिन हार्मोन जो खाने के बाद भूख को कम करता है और घ्रेलिन हार्मोन, जिसे भूख हार्मोन भी कहा जाता है। जब कोई कई घंटों तक भोजन नहीं करता है, तो उसके खून में ग्रेलिन हार्मोन बढ़ जाता है और जैसे ही वह खाना खाते हैं, स्तर कम हो जाता है। इस भूख हार्मोन का एक उच्च स्तर भूख के साथ प्रेरणा को बढ़ावा देने के लिए जाना जाता है।

कैसे किया गया अध्ययन

यह अध्ययन चूहों पर किया गया था, जहां चूहों के एक समूह को भोजन की असीमित सुविधा दी गई थी और अन्य समूहों को दिन में केवल दो बार खिलाया जा रहा था। पहले की तुलना में बाद में वृद्धि के साथ सहनशक्ति का उच्च स्तर दिखाया गया। हालांकि, दोनों समूहों को समान मात्रा में कैलोरी दी गई थी, केवल अंतर भोजन का था।

कुरम यूनिवर्सिटी, जापान के शोधकर्ता युजी ताजिरी ने कहा, "हमारे निष्कर्ष बताते हैं कि भूख, जो कि घ्रेलिन हार्मोन के उत्पादन को बढ़ावा देती है, स्वैच्छिक व्यायाम के लिए प्रेरणा बढ़ाने में भी शामिल हो सकती है।"

युजी ताजिरी ने कहा, "नियमित भोजन या उपवास के साथ एक स्वस्थ खाने की दिनचर्या को बनाए रखना, अधिक वजन वाले लोगों यानि मोटे लोगों में व्यायाम के लिए प्रेरणा को भी प्रोत्साहित कर सकता है,"।

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इस प्रकार, शोधकर्ताओं ने यह निष्कर्ष निकाला कि जो लोग नियमित रूप से जिम जाने या व्यायाम के लिए संघर्ष करते हैं और फिटनेस फ्रीक हैं, उन्हें अपने भोजन को सीमित करना चाहिए। इससे उन्हें व्यायाम करने की अपनी खोई प्रेरणा वापस पाने में मदद मिल सकती है। इतना ही नहीं, इस अभ्यास से उनकी भूख भी सुधरेगी।

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