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ठीक से नहीं पचता है आपका भोजन तो हो सकती हैं ये 5 बीमारियां

विविध By Anurag Gupta , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Oct 08, 2018
ठीक से नहीं पचता है आपका भोजन तो हो सकती हैं ये 5 बीमारियां

यदि लिवर में मौजूद सभी एंजाइम्स अपना काम ठीक से नहीं करते, तो अपच की समस्या हो जाती है, जो बहुत ही तकलीफदेह होती है। गैस बनना, पेट में जलन, एसिडिटी ये सभी अपच के लक्षण होते हैं।

Quick Bites
  • अपच के कारण कई और बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
  • भोजन में फाइबर की मात्रा कम होने से नहीं पचता भोजन।
  • लिवर ठीक से काम न करे, तो हो सकता है अपच।

भोजन ठीक से न पचने (अपच) की समस्या बहुत आम है। कई बार ज्यादा खा लेने, भारी और तेल-मसाले वाला भोजन करने, गलत तरीके से खाने या अन्य कारणों से आपका पाचन तंत्र भोजन को ठीक से पचा नहीं पाता है। इसके अलावा यदि लिवर में मौजूद सभी एंजाइम्स अपना काम ठीक से नहीं करते, तो अपच की समस्या हो जाती है, जो बहुत ही तकलीफदेह होती है। गैस बनना, पेट में जलन, एसिडिटी ये सभी अपच के लक्षण होते हैं। अगर आप अपच की समस्या को आम समस्या समझते हैं, तो ये आपकी भूल हो सकती है क्योंकि अपच के कारण कई और बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

अपच के कारण हो सकती हैं ये बीमारियां

  • एलर्जी
  • अर्थराइटिस
  • ऑटोइ्म्यून डिजीज
  • त्वचा का इंफेक्शन और मुंहासे
  • थकान और मूड डिस्आर्डर

पेट की समस्या का कारण

आपका पाचन तंत्र ही इस बात का निर्धारण करता है कि आखिर अपने भोजन से आप कौन से पोषक तत्‍व प्राप्‍त करते हैं और कौन से विषैले तत्‍वों को शरीर से बाहर निकाल पाते हैं। यानी हमारे संपूर्ण स्‍वास्‍थ्‍य का नियंत्रण कहीं न कहीं हमारी पाचन क्रिया पर निर्भर करता है। हमारे अंदरूनी स्‍वास्‍थ्‍य में सही पाचन, सही अवशोषण और भोजन का सही प्रकार से विखंडन शामिल होता है। हमारा लिवर मेटाबॉलिज्‍म के बायप्रोडक्‍ट के रूप में कई विषैले तत्‍वों को पित्‍त में छोड़ देता है। और अगर यह चीज उलटा असर दिखाये तो आप कब्‍ज के शिकार हो सकते हैं, और कब्‍ज के कारण आपके शरीर में विषैले तत्‍व बढ़ जाते हैं।

इन कारणों से भी हो सकता है अपच

  • अगर आपके भोजन में फाइबर की मात्रा कम है और शर्करा की मात्रा अधिक तो आपको पाचन संबंधी समस्‍यायें हो सकती हैं। पोषक तत्‍वों की कमी और उच्‍च कैलोरी युक्‍त आहार के कारण आपके शरीर में बुरे बैक्‍टीरिया का स्‍तर बढ़ सकता है जिससे आंत्रों का पारिस्थितिक तंत्र बिगड़ सकता है।
  • अगर आप ऐसी दवाओं का अधिक उपयोग करते हैं जो सामान्‍य पाचन तंत्र में बाधक बन सकती हैं, तो  यह अच्‍छा नहीं है। एस्प्रिन और प्रिलोसेक आदि दवाओं का अधिक सेवन पाचन तंत्र को बिगाड़ सकता है।
  • पारा और मोल्‍ड टॉक्सिन के स्‍तर में इजाफा आपकी पाचन क्रिया को बिगाड़ सकता है।
  • तनाव के कारण भी आपका नर्वस सिस्‍टम बिगड़ सकता है, इससे पाचन क्रिया खराब हो सकती है और साथ ही आंत में बैक्‍टीरिया का संतुलन बिगड़ सकता है।

पाचन क्रिया में बैक्‍टीरिया

हमारे पेट में बैक्‍टीरिया की पांच सौ प्रजातियां मौजूद होती हैं, जो भोजन को पचाने में मदद करती हैं। इसके साथ ही ये बैक्‍टीरिया हार्मोंस को संतुलित रखने, टॉक्‍सिन को बाहर निकालने तथा विटामिन व अन्‍य हीलिंग तत्‍वों के निर्माण में भी सहायक होती हैं, इससे आपकी पाचन क्रिया और शरीर स्‍वस्‍थ रहता है। अच्‍छे स्‍वास्‍थ्‍य के लिए जरूरी है कि यह पारिस्थितिक तंत्र भी संतुलन में रहे।

अगर आपके शरीर में पैरासाइट्स या यीस्‍ट जैसे बुरे बैक्‍टीरिया का स्‍तर बढ़ जाये या फिर लैक्‍टोबासिलस अथवा बिफिडोबैक्‍टीरिया जैसे अच्‍छे बैक्‍टीरिया कम हो जाएं तो आपकी सेहत बिगड़ सकती है। तो सही पाचन क्रिया और अच्‍छे स्‍वास्‍थ्‍य के लिए बैक्‍टीरिया का सही संतुलन बेहद जरूरी होता है।

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Written by
Anurag Gupta
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागOct 08, 2018

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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