Subscribe to Onlymyhealth Newsletter
  • I have read the Privacy Policy and the Terms and Conditions. I provide my consent for my data to be processed for the purposes as described and receive communications for service related information.

बचपन में सुने खाने से जुड़े मिथ क्या वाकई में सच होते हैं, जानें...

स्वस्थ आहार By Khushboo Vishnoi , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Aug 02, 2017
बचपन में सुने खाने से जुड़े मिथ क्या वाकई में सच होते हैं, जानें...

बचपन से मैंने अपनी दादी-नानी के मुहं से कई ऐसे भारतीय खाने को लेकर बातें सुनी हैं, जो शायद सच हैं भी और नहीं भी। जैसे दिन ढल जाने के बाद नाखुन नहीं काटने चाहिए, मीठा कम खाने से डायबिटीज़ नहीं होती, दूध पीने से गोरे होते हैं, चाय या कॉफी पीने से का

Quick Bites
  • दिन ढल जाने के बाद नाखुन नहीं काटने चाहिए
  • मीठा कम खाने से डायबिटीज़ नहीं होती
  • दूध पीने से गोरे होते हैं

बचपन से मैंने अपनी दादी-नानी के मुहं से कई ऐसे भारतीय खाने को लेकर बातें सुनी हैं, जो शायद सच हैं भी और नहीं भी। जैसे दिन ढल जाने के बाद नाखुन नहीं काटने चाहिए, मीठा कम खाने से डायबिटीज़ नहीं होती, दूध पीने से गोरे होते हैं, चाय या कॉफी पीने से काले होते हैं आदि।
एक समय पर तो ऐसा लगता था कि ये कहीं हमारी जिंदगी के छोटे-छोटे लाइफहैक्स तो नहीं, जिन्हें इस्तेमाल करके हम अपनी सभी परेशानियां या फिर समस्याएं चुटकियों में हल कर सकते हैं। लेकिन वहीं, दूसरी ओर खाने से जुड़े कुछ ऐसे मिथक या फैक्ट हमें हेल्दी रहना भी सिखाते हैं।
लेकिन एक बात बता दें कि ये अंधविश्वासी बातों का कोई मोल नहीं है और न ही इनके पीछे छिपा कोई साइंटिफिक फैक्ट है। आइए जानते हैं जैगो के मैनेजिंग पार्टनर श्रीधर वरदराज से इन्हीं कुछ फूड मिथ्स के बारे में...

food myths

चीनी न खाने से हमें डायबिटीज़ नहीं होगी

चीनी न खाने से हमारे शरीर में कैलोरी तो कम जाती ही हैं, लेकिन वहीं अगर डायबिटीज़ की बात आए, तो ये समस्या कार्बोहाइड्रेट मेटाबॉलिज्म की वजह से होती है। ये जेनेटिक और लाइफस्टाइल से भी हो सकती है।

इसे भी पढ़ेंः यह 1 चमत्कारिक नुस्खा अपनाएं, केवल 2 दिन में पेट के कीड़ों से छुटकारा पाएं

चीनी से ज्यादा अच्छा शहद और मोलासिस है

शहद और मोलासिस अनरिफाइंड मिठास है, लेकिन इनका ग्लाइसिमिक इंडेक्स सफेद रिफाइंड शुगर जितना ही होता है।

चाय और कॉफी पीने से काले हो जाते हैं

हमारी त्वचा का रंग मेलानिन से बनता है। चाय या कॉफी पीने से हमारी त्वचा काली नहीं होती है। मेलानिन हमारे जीन्स और सूरज की रोशनी पर निर्भर करता है। चाय और कॉफी में मौजूद कैफीन स्ट्रेस को कम करने में प्रभावी होती है।

इसे भी पढ़ेंः व्रत में खाया जाने वाला साबूदाना मांसाहारी है? जानिए सच

इमली और नींबू खाने के बाद दूध वाले पदार्थों को न खाएं

त्वचा पर सफेद दाग की परेशानी शरीर में मेलानोसाइट्स के मर जाने के बाद उत्पन्न होती है। इससे खट्टे और दूध वाले पदार्थों का कोई लेना-देना नहीं होता है।

खराब गले पर गोलगप्पे का पानी पीएं

खट्टा पानी या फल में मौजूद सिट्रिक एसिड आपके गले को ठीक नहीं करता है और न ही उसमें मौजूद जर्म्स को मारता है। विटामिन सी आपकी इम्यूनिटी को बढ़ावा देने के लिए बेहतर विकल्प माना जाता है।

ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

Read More Healthy Eating Related Articles In Hindi

Written by
Khushboo Vishnoi
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागAug 02, 2017

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

More For You
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK