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इस दिवाली तिल के तेल से करें स्नान, शरीर को होंगे ये 4 गजब के फायदे

विविध By पल्‍लवी कुमारी , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Oct 23, 2019
इस दिवाली तिल के तेल से करें स्नान, शरीर को होंगे ये 4 गजब के फायदे

शरद ऋतु में प्रकृति एक नई करवट लेने को तैयार होती है। गर्मियां और बरसात के जाने के बाद शरद ऋतु के दहलीज पर सर्दियां आने का खड़ी रहती हैं। ऐसे में दक्षिण भारत के लोगों की मान्यता है कि तेल स्‍नान शरीर को आने वाली सर्दियों के लिए तैयार करता है।

भारत में हर त्योहार के अपने अलग मायने और रीति-रिवाज हैं। भारत में जितने राज्य हैं, उतने ही त्योहारों को मनाने के अलग तरीके। ऐसे में दिवाली एक बड़ा त्योहार है। बात अगर दक्षिण भारत की करें, तो यहां दिवाली के दिन निभाएं जाने वाले रीति- रिवाजों के कई स्वास्थ्य लाभ है। दक्षिण भारत का एक रिवाज है, दिवाली के दिन तेल स्नान का। यूं तो हम सभी जानते हैं कि नहाने से पहले तेल लगाने और तेल से शरीर की मालिश के कई फायदे हैं पर दक्षिण भारत का यह तेल स्नान सबसे अलग है। दरअसल दक्षिण भारत में दिवाली के दिन सूर्योदय से पहले तेल स्नान करने की परंपरा है। इसके लिए यहां खास तौर से तिल के तेल का इस्तेमाल किया जाता है। इस तेल की खास बात यह होती है कि इसे लोग अपने घरों में ही तैयार करते हैं। फिर दिवाली वाले दिन परिवार का हर व्यक्ति सूर्योदय से पहले इस तेल से स्नान करता है।

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क्यों और कैसे करते हैं तेल स्नान-

दिवाली का वक्त यानी कि शरद ऋतु के बाद मौसम बदलने लगता है। मौसम ठंडा होने लगता है जिसके कारण त्वचा रूखी पड़ जाती है। तेल स्नान इस बात का सूचक होता है कि आने वाले मौसम में आपको सर्दी की नजर न लगे। आपकी त्वचा में नरमी बनी रहे और गर्मी के आने तक आप स्वस्थ रहें। इन्हीं सब बातों को ध्यान में रख कर यहां इस तरह की परंपरा बनाई गई है। यहां दिवाली के दिन परिवार का कोई वरिष्‍ठ सदस्‍य या परिवार की स्‍त्री सुबह सूर्योदय से पहले बारी बारी से परिवार के सभी सदस्‍यों के सिर में तिल के तेल की तीन बूंदें डालती हैं और फि‍र उसके बाद सभी खुद तेल की मालिश करते हैं। इसी को तेल स्‍नान कहा जाता है। परिवार का वरिष्‍ठ सदस्‍य अथवा स्‍त्री सबसे पहले स्‍वयं तेल स्‍नान करती हैं, बाद में अन्‍य सदस्‍यों को तेल स्‍नान करवाती है। इस तरह आने वाले वर्ष के लिए लोग स्वस्थ शरीर की मंगलकामना करते हैं।

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तेल स्‍नान के फायदे-

सर्दियों के लिए ये बॉडी टेंप्रेचर को संतुलित करता है

यह तेल स्नान भले ही एक रीवाज है पर इसके कई स्वास्थय लाभ भी हैं। दरअसल तिल के तेल की मालिश करने से शरीर के भीतर की गर्मी समाप्‍त होती है। बदलते मौसम में अकसर लोगों को गर्म-सर्द की समस्‍या होती है। गर्म-सर्द की समस्‍या अक्सर तभी होता है जब आपके बॉडी का टेंप्रेचर बाहर के वातावरण के साथ संतुलन नहीं बिठा पाता। ऐसे में तिल का तेल काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। तिल का तेल शरीर की गर्मी को ठंडा कर देटा है। तिल के तेल की मालिश से आपका बॉडी टेंप्रेचर बाहर के टेंप्रेचर से सामंजस्‍य बैठाने के लिए तैयार हो जाता है। इस तरह आपको सर्दी-गर्मी की परेशानी नहीं होती और आप बीमारियों से बचे रहते हैं।

दूर होती है खुश्‍की

सर्दियों की शुरुआत से ही त्‍वचा पर खुश्‍की की हल्‍की परत जमने लगती है। ज्यादा हो जाने पर यह रैशेज का रूप भी ले सकती है। ऐसे में मान्यता है कि तिल के तेल की मालिश करने से त्‍वचा पर से खुश्‍की दूर होती है। साथ ही पूरी सर्दी आपकी त्वचा नरम और मॉश्चराइज रहती है।

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दूर होता है हेयर फॉल और डैंड्रफ 

अधिकांश लोग के सर्दियों में बाल बहुत झड़ते हैं। कुछ लोगों को सर्दियों के दौरान बालों में डैंड्रफ की परेशानी भी हो जाती है। ऐसे में इससे बचने के लिए तिल के तेल का इस्‍तेमाल करना एक अच्छा उपाय हो सकता है। इससे आपके बालों में डैंड्रफ की परेशानी कम होने लगती है। साथ ही इससे सिर की खुश्‍की दूर होती है और बाल काले रहते हैं। वहीं अगर परिवार में जल्‍दी बाल सफेद होने की समस्‍या है, तो बच्‍चों के बालों में तिल के तेल की मालिश करनी चाहिए। इससे उनके बाल जल्‍दी सफेद नहीं होंगे। 

मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य के लिए फायदेमंद

आज के इसभाग-दौड़ भरे जीवन में जब हम तनाव में रहते हैं तो इस तरह की तेल- मालिश हमें तनाव मुक्त बना सकती है। इसके अलावा अगर आपकी आंखें ज्यादा थकी हुईं हैं, तो तिल के तेल को हल्का गुनगुना करके दो उंगलियों से आप अपनी आईब्रो और पलकों की मसाज कर सकते हैं। साथ ही सिर में दर्द है तो आपको तिल के तेल से सिर की मालिश करनी चाहिए। यह आपको तनाव मुक्त करने में मदद करेगा।

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