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Dengue Fever Prevention: डेंगू बुखार में फायदेमंद हैं नीम के पत्‍ते का बना काढ़ा, जानें सेवन का तरीका

आयुर्वेद
By Atul Modi , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Jun 30, 2017
Dengue Fever Prevention: डेंगू बुखार में फायदेमंद हैं नीम के पत्‍ते का बना काढ़ा, जानें सेवन का तरीका

डेंगू की चपेट में आने से बचने और अगर गलती से आप इसकी चपेट में आ भी गए है तो एक प्राकृतिक उपाय को अपना जा सकते है, आइए जानें कौन सा है ये उपाय।

Quick Bites
  • मच्छर के काटने से डेंगू वायरस फैलता है।
  • डेंगू की जानकारी ब्लड टेस्ट से होती है।
  • नीम के पत्ते इम्युनिटी बढ़ाते हैं।

बरसात का मौसम वैसे तो बहुत सुहावना होता है और हमें गर्मी से राहत देता है। लेकिन इस मौसम के दौरान एक डर सबके मन को सताने लगता है, वह डेंगू बुखार। जी हां बरसात में डेंगू होने की आशंका काफी बढ़ जाती है़। डेंगू का इलाज सही समय पर नहीं होने पर परेशानी काफी बढ़ जाती है़। पिछले कुछ सालों में डेंगू के मामले बढ़ते जा रहे हैं।

डेंगू बुखार मच्छरों द्वारा फैलाई जाने वाली बीमारी है। एडीज मच्छर के काटने से डेंगू वायरस फैलता है। बुखार के दौरान प्लेटलेट्स कम होना इसका मुख्य लक्षण हैं। यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता। बुखार के साथ सबसे सामान्य लक्षणों में सिरदर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द और त्वचा पर रैशेज भी शामिल है। कई मामलों में आपको थकान भी हो सकती है। कभी-कभी, यह लक्षण फ्लू के साथ मिलकर कंफ्यूज भी कर देते हैं।

डेंगू से जुड़ी जानकारी 

डेंगू बुखार का पता ब्लड टेस्ट के द्वारा लगाया जाता है। इससे बचने के लिए कोई स्पेशल दवाई नहीं है, लेकिन डेंगू से बचने के लिए आपको कई सावधानियां बरतनी होती हैं। इस दौरान आपको आराम और बहुत सारे पेय पदार्थ पीने की सलाह दी जाती है। डेंगू की चपेट में आने से बचने और अगर गलती से आप इसकी चपेट में आ भी गए है तो कुछ प्राकृतिक उपाय अपनाएं जा सकते है। जी हां आप इसके लिए नीम के पत्तों का इस्तेमाल कर सकते हैं। 

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डेंगू बुखार के लिए नीम

आयुर्वेद में नीम का इस्‍तेमाल सदियों से कई रोगों के इलाज में किया जाता है। हालांकि नीम के पत्ते इम्युनिटी बढ़ाते हैं, लेकिन नीम के लगभग हर हिस्से में कई औषधीय लाभ हैं। आइए जानें कि डेंगू से लड़ने के लिए नीम का इस्‍तेमाल कैसे किया जा सकता है।

  • नीम के पत्‍तों में एंटी-माइक्रोबियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाये जाते हैं। इसलिए नीम के पत्तों और उसके अर्क को पीने से ब्लड प्लेटलेट और सफेद रक्त कोशिकाओं दोनों की संख्या में वृद्धि होती है। उचित रूप से पिसे हुए नीम के पत्ते प्रतिरक्षा प्रणाली में सुधार कर सकते हैं और कई अन्य घरेलू उपचारों की तुलना में आपकी ताकत बहुत तेजी से लौटा सकते हैं। इसके अलावा रोजाना नीम के पत्ते चबाने से इम्युनिटी बढ़ती है, खून साफ होता है और बॉडी से टोक्सिन निकलते हैं।
  • नीम के बारे में ये तो आप जानते ही होंगे कि जहां भी नीम का पेड़ होता है, वहां कीड़े-मकोड़े भटकते भी नहीं है। इसलिए नीम को कपूर के साथ रख कर जलाने पर घर में बसे मच्छरों का भी खात्मा हो जाता है।
  • बचाव इलाज से बेहतर होता है। इसलिए डेंगू को रोकने के लिए मच्छरों से बचाव करना सबसे अच्छा उपाय है। मच्छरों से राहत पाने के लिए सूखे नीम के पत्तों को जलाकर इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा नीम का तेल मच्छरों से राहत पाने का बेहतर उपाय है। अगर हम नीम का तेल अपनी त्वचा पर लगायेंगे तो डेंगू का मच्छर हमें काटेगा ही नहीं। डेंगू के उपचार में बहुत प्रभावी है बकरी का दूध
  • नीम के पत्तों का रस पपीते के पत्तों के रस के साथ मिलाकर पीना डेंगू के इलाज के लिए बेहतर उपाय है। नीम की तरह पपीते की ताजी और छोटी पत्तियां शरीर से डेंगू के विषैले जहर को निकालने में मदद करती है। जी हां पपीते की ताजी पत्तियों को पीसकर उसके रस को रोगी को पिलाने से प्‍लेटलेट्स बढ़ने शुरु हो जाते हैं! 

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Written by
Atul Modi
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागJun 30, 2017

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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