Subscribe to Onlymyhealth Newsletter
  • I have read the Privacy Policy and the Terms and Conditions. I provide my consent for my data to be processed for the purposes as described and receive communications for service related information.

बार-बार भूख लगने के पीछे हाइपोथैलेमस हॉर्मोन है जिम्मेदार, बढ़ाता है मोटापा

लेटेस्ट By ओन्लीमाईहैल्थ लेखक , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Jul 19, 2018
बार-बार भूख लगने के पीछे हाइपोथैलेमस हॉर्मोन है जिम्मेदार, बढ़ाता है मोटापा

बहुत ज्यादा खाने वाले मोटापाग्रस्त लोगों में हाइपोथैलेमस में दिमाग की कोशिकाओं का एक छोटा समूह खाने को नियंत्रित करने का एक आशाजनक लक्ष्य हो सकता है। 

बहुत ज्यादा खाने वाले मोटापाग्रस्त लोगों में हाइपोथैलेमस में दिमाग की कोशिकाओं का एक छोटा समूह खाने को नियंत्रित करने का एक आशाजनक लक्ष्य हो सकता है। शोधकतार्ओं ने कहा कि 'ओरेक्जिन' न्यूरॉन्स को पहले पाया गया है कि वह कोकीन सहित कई मादक पदाथोर्ं की लत के लिए जिम्मेदार है। ओरेक्जिन न्यूरॉन्स को रासायनिक संदेशवाहक के तौर पर नामित करते हैं, जिनका इस्तेमाल दिमाग की दूसरी कोशिकाओं के साथ संचार के लिए होता है।

अमेरिका के न्यूजर्सी विश्वविद्यालय के गैरी एस्टोन-जोंस ने कहा कि खाने के विकारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण लक्षण जैसे कि नियंत्रण खोने की भावना, यह मादक पदार्थों की लत की प्रेरक प्रवृत्ति से मेल खाती है। एस्टन-जोंस ने कहा कि चूंकि ओरेक्जिन तंत्र मादक पदार्थ की लत की तरफ इशारा करता है, हमने बार-बार खाने के कारण होने वाले बदलाव को समझने के लिए इसे लक्षित किया।

इसे भी पढ़ें : बचपन के संक्रमण से घिर बच्चों का मानसिक स्वास्थ्य होता है प्रभावित

मोटापे से बचने के उपाय

  • हर रोज सुबह-सुबह एक गिलास ठंडे पानी में दो चम्मच शहद घोलकर मिला लीजिए। इस घोल को पीने से शरीर से वसा की मात्रा कम होती है।
  • खाने में गेहूं के आटे की चपाती बंद करके जौ और चने के आटे की चपाती लेना शुरू करें। जौ और चने में कार्बोहाइड्रेट पदार्थ होते हैं जो आसानी से पच जाते हैं।
  • नीबूं का रस गुनगुने पानी में निचोड़कर पीयें, इससे भोजन अच्छे से पचता है और शरीर भी हल्का लगता है। शर्दियों में नींबू वाली चाय पिएं तो इससे पेट में गैस नहीं बनती।
  • मौसमी हरी सब्जियों का प्रयोग ज्‍यादा मात्रा में करें। मौसमी सब्जियां जैसे - मेथी, पालक, बथुआ, चौलाईसाग हैं। इनमें कैल्शियम अधिक मात्रा में होता है।
  • कम उर्जा वाले वयंजनों का सेवन करें। जैसे भूने चने, मूंग दाल, दलिया आदि का सेवन  करें। इनमें फैट कम होता है।
  • सुबह नाश्ते में अंकुरित अनाज लीजिए। मूंग, चना और सोयाबीन को अंकुरित करके खाने से से उनमें मौजूद पोषक तत्‍वों की मात्रा दोगुनी हो जाती है।
  • यदि आप मांसाहारी हैं तो तला हुआ मांस खाएं जिसमें तेल और घी जैसे चिकनाईयुक्‍त पदार्थ कम मात्रा में हो। रेड मीट बिलकुल न खायें।
  • अधिक चिकनाईयुक्त दूध, बटर तथा इससे बने पनीर का सेवन बंद कर दें। क्‍योंकि इनमें वसा ज्‍यादा मात्रा में होता है जो कि मोटापे का कारण बन सकता है।

ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

Read More Article on Health News in Hindi

Written by
ओन्लीमाईहैल्थ लेखक
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागJul 19, 2018

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

More For You
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK