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हायपरथायरायडिज्म में सावधानियां

हाइपरथायरायडिज्‍़म By Anubha Tripathi , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Nov 26, 2012
हायपरथायरायडिज्म में सावधानियां

हाइपरथायराइडिज्म से ग्रस्त व्यक्ति को कुछ विशेष सावधानियां बरतने की जरूरत होती है। इससे आप हाइपरथायराइड पर नियंत्रण पा सकते हैं। जानिए क्या है वे सावधानियां-

गले में सामने की ओर निचले हिस्से में तितली के आकार की ग्रंथि को थायराइड ग्रंथि कहते हैं। जब यह ग्रंथि ज्यादा मात्रा में थायराइड हार्मोन निर्मोण करने लगती है तो इस अवस्था को हाइपरथायराइडिज्म कहते हैं। हाइपरथायराइडिज्म की मुख्य वजह है ग्रेव्स रोग। जिन लोगों में आयोडीन की कमी होती है वे इस रोग की चपेट में जल्दी आते हैं। थायराइड ग्रंथिशरीर में हार्मोन का निर्माण करती है और यह मेटाबॉलिज्म ग्रंन्थि को कंट्रोल करती है।

जो भी भोजन हम खाते हैं,  थायराइड ग्रंथि उसे शरीर के लिए उपयोगी ऊर्जा में बदलती है। इसके लिए यह थायरायड ग्रन्थि से निकलने वाले हार्मोन शरीर की लगभग सभी क्रियाओं पर अपना प्रभाव डालते हैं। शरीर में थायराइड की कमी या अधिकता का पता ब्लड टेस्ट के जरिए लगाया जाता है।

 

थायराइड के प्रकार

 

यह दो प्रकार का होता है- हाइपरथायराइडिज्म और हाइपोथाराइडिज्म। थायराइड ग्रंन्थि से अधिक हार्मोन बनने लगे तो हाइपरथायराइडिज्म और कम बनने लगे तो हाइपरथायरॉइडिज्म और कम बनने हाइपोथायराइडिज्म हो जाता है।

 

[इसे भी पढ़ें: महिलाओं में थायराइड के लक्षण]

 

लक्षण

 

हाइपरथायराइडिज्म में शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं। अगर आप इन बदलावों पर ध्यान दें हाइपरथायराइडिज्म की पहचान जल्द से जल्द की जा सकती है। इसके लक्षण कुछ इस तरह के होते हैं- रक्त में कोलोस्ट्रोल की मात्रा का कम होना, हृदय की धड़कनें बढ़ जाना, चिड़-चिड़ापन, मांस-पेशियों में कमजोरी, मासिक-धर्म में अनियमितता, वजन घटना, अनिद्रा, आंख की समस्या या आंख में जलन, गर्मी के प्रति संवेदनशीलता।

 

सावधानियां

 

हाइपरथायराइडिज्म से ग्रस्त व्यक्ति को कुछ विशेष सावधानियां बरतने की जरूरत होती है। इससे आप हाइपरथायराइड पर नियंत्रण पा सकते हैं। जानिए क्या है वे सावधानियां-

  • विटामिन बी12 पदार्थों का सेवन रोगियों के लिए फायदेमंद हो सकता है। साथ विटामिन सी एक अच्छा एंटीऑक्सीडेंट है इसके नियमित सेवन से रोगी हाइपरथायराइड को नियंत्रित कर सकते हैं।  
  • हाइपरथायराडिज्म के रोगियों को एल्कोहल व सिगरेट से दूर रहना चाहिए। धूम्रपान करने वाले लोगों में ग्रेव्स रोग होने का खतरा ज्यादा होता है। इसके अलावा कैफीन, डिब्बाबंद खाने से बचना चाहिए।
  • लो कैलोरी फूड, कैल्शियम, मैगनीज व कॉपर युक्त खाद्य पदार्थों को खाने में शामिल करें।
  • हाइपरथाइराडिज्म में योग करना रोगी के लिए फायदेमंद हो सकता है। नियमित रुप से योग रोगी को इस बीमारी से बचा सकता है।
  • रोगियों को तनावपूर्ण जीवनशैली से दूर रहना चाहिए। तनाव थायराइड की मुख्य वजह है।

 

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Written by
Anubha Tripathi
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागNov 26, 2012

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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