Subscribe to Onlymyhealth Newsletter

हाइपरथायराइडिज्म की पहचान कैसे करें

हाइपरथायरायडिज्‍़म
By Anubha Tripathi , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Dec 03, 2015
हाइपरथायराइडिज्म की पहचान कैसे करें

हाइपरथायराडिज्म को थाइरोटॉक्सीकोसिस के नाम से भी जानते हैं। कई बार लोगों को थायराइड के लक्षण नहीं पता होने से वे सही समय पर इस बारे में नहीं जान पाते ।

Quick Bites
  • हाइपरथायराडिज्म को थाइरोटॉक्सीकोसिस भी कहते है।
  • धीरे-धीरे नजर आते है हाइपरथायराइडिज्म के लक्षण।
  • पुरुषों से ज्यादा महिलाओं को होती है ये शिकायत।
  • समय-समय पर कराते रहना चाहिए थायराइड की जांच।

हाइपरथायराडिज्म में थायराइड ग्रंथि शरीर की जरूरत से ज्यादा थायराइड हार्मोन की निर्माण करने लगती है। हाइपरथायराडिज्म को थाइरोटॉक्सीकोसिस के नाम से भी जानते हैं। कई बार लोगों को थायराइड के लक्षण नहीं पता होने से वे सही समय पर इस बारे में नहीं जान पाते । थायराइड के लक्षण कई आम बीमारियों की तरह ही होते हैं इसलिए इनकी पहचान करना मुश्किल हो जाता है। जानिए कुछ ऐसे लक्षणों के बारे में जिनसे हाइपरथायराइडिज्म की पहचान की जा सकती है।

कैसे करें हाइपरथायराइडिज्म की पहचान

  • सोने के ढंग में परिवर्तन होना, जल्दी-जल्दी थकान महसूस होना लेकिन नींद आने में परेशानी होना।
  • बार-बार भूख लगना लेकिन वजन में गिरावट होना।
  • आम दिनों की अपेक्षा चिंतित रहना, हाथों में कंपन, पसीना आना, सीने में दर्द व सांस लेने में समस्या होना।
  • एकाग्रता में कमी होना।
  • दिल की धड़कन तेज होना व मांसपेशियों में कमजोरी महसूस होना।  
  • जब आपको हाइपरथायराइडिज्म की शिकायत होगी तो आपको गर्मी ज्यादा लगेगी।
  • गले के सामने व निचले हिस्से में थायराइड ग्रंथि का बड़ा होना।
  • आंखों में उभार आना।
  • थकान, बालों का झड़ना व डायरिया होना।
  • हाइपरथायराइडिज्म के लक्षणों के बारे में एक निश्चित अवधि के बाद धीरे-धीरे पता चलता है। 
  • याद रहे हाइपरथायराडिज्म के लक्षण अन्य बीमारियों से मिलते-जुलते भी हो सकते हैं।

 

[इसे भी पढ़ें: हाइपरथायराइडिज्म में व्यायाम]



सावधानियां

 

  •     अगर आपको लगता है कि आपको हाइपरथायराडिज्म की समस्या है तो डॉक्टर से  संपर्क करें और जांच करवाएं।
  •     याद रहें हाइपरथायराडिज्म की समस्या पुरुषों से ज्यादा महिलाओं को होती है।
  •     हायपरथाराइडिज्म की मुख्य वजह ग्रेव्स रोग है, इसमें शरीर की प्रतिरोधक क्षमता ग्रंथि पर हमला करती है जिसकी वजह से थायराइड हार्मोन का निर्माण बढ़ जाता है।  
  •     अगर हाइपरथायराडिज्म को इलाज ना करवाएं तो यह गंभीर रुप ले सकता है जिसमें रोगी की जान भी जा सकती है।
  •     अगर आपको हाइपरथायराडिज्म के लक्षण महसूस हो तो डॉक्टर से मिलें और इस बारे में बताएं। साथ ही समय-समय पर थायराइड की जांच करवाते रहना चाहिए।

 

[इसे भी पढ़ें: हाइपरथायराइडिज्म क्या है]

    

 

हाइपरथायराइडिज्म में इलाज

  •     रोगी में दिखाई दिए जाने वालों लक्षणों का इलाज करना।  
  •     एंटीथायराइड दवाओं के जरिए थायराइड पर काबू किया जाता है।     
  •     रेडिएक्टिव आयोडीन गोली व द्रव्य के रुप में रोगी को दिया जाता है।
  •     सर्जरी के जरिए थायराइड ग्रंथि को निकाल दिया जाता है।

 

Read More Articles On Hyperthyroidism In Hindi

Written by
Anubha Tripathi
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागDec 03, 2015

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

More For You
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK