हाइपरथायरायडिज्म के कारण अचानक घटने लगता है व्यक्ति का वजन, जानें इस रोग के सभी लक्षण, कारण और बचाव के टिप्स

Updated at: Dec 01, 2020
हाइपरथायरायडिज्म के कारण अचानक घटने लगता है व्यक्ति का वजन, जानें इस रोग के सभी लक्षण, कारण और बचाव के टिप्स

हाइपरथायरायडिज्म से ग्रसित मरीजों का वजन काफी तेजी से घटता है। आज हम आपको इस लेख के माध्यम से पूरी जानकारी देने जा रहे हैं।

Kishori Mishra
अन्य़ बीमारियांWritten by: Kishori MishraPublished at: Dec 01, 2020

हमारे शरीर में गले के पास एक तितली आकार की थायराइड ग्रंथि (Thyroid gland) होती है। यह ग्रंथि शरीर में हार्मोंस को संतुलित करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। आज के समय में ज्यादातर लोग थायराइड के शिकार हो रहे हैं। इसका प्रमुख कारण लाइफस्टाइल में बदलाव है। थायराइड (thyroid) को साइलेंट किलर के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि यह हमारे शरीर को धीरे-धीरे कमजोर कर देती है। थायराइड के कारण व्यक्ति कई अन्य समस्याओं का शिकार हो सकता है। थायराइड दो तरह के होते हैं। हाइपोथायराइडिज्म (Hypothyroidism) और हाइपरथायरायडिज्म (hyperthyroidism)।  दरअसल, थायराइड ग्रंथि टेट्रायोडोथायरोनिन (T4; Tetraiodothyronine) और ट्रीओडोथायरोनिन (T3; Triiodothyronine) नामक यह दो प्राथमिक हार्मोंन बनाती है। यह हार्मोंन हमारी कोशिकाओं को उर्जा इस्तेमाल करने में सहायता करती है। इन हार्मोंन के माध्यम से ही मेटाबॉलिज्म की क्रिया नियंत्रित होती है। T4 और T3 हार्मोंस के बढ़ने और घटने से ही थायराइड होता है। इस लेख में हम आपके साथ हायपरथायराइडिज्म (hyperthyroidism) पर चर्चा करने जा रहे हैं। हाइपरथायरायडिज्म आज के समय में बहुत ही आम बीमारी हो चुकी है। यह पुरुषों की तुलना में महिलाओं में यह बीमारी अधिक होती है। हाइपरथायरायडिज्म असाधरण रूप से चयापचय (Metbolism) की क्रिया को बढ़ा देता है, जिसकी वजह से अचानक से तेजी से वजन घटना, दिल की धड़कन तेज होना, पसीना आना, चिड़चिड़ापन इत्यादि लक्षण दिखने लगते हैं। 

सुमित्रा हॉस्पिटल के डॉक्टर अंकित गुप्ता का कहना है कि हाइपरथायरायडिज्म से पीड़ित मरीजों को अपना खास ख्याल रखना होता है। क्योंकि इस समस्या से ग्रसित मरीज का वजन काफी तेजी से घटता है। उनके शरीर में काफी कमजोरी होने की वजह से शरीर में कई अन्य समस्याएं हो सकती है। इसके अलावा मरीजों को कभी भी डॉक्टर के बताए दवाइयों को बीच में नहीं छोड़ना चाहिए। सुबह खाली पेट दी गई दवाइयों को बिना डॉक्टर की सलाह के कभी भी स्किप ना करें। ऐसा करने से थायराइड हार्मोंस संतुलित होकर आपकी समस्याओं को बढ़ा सकता है। 

हाइपरथायरायडिज्म के प्रमुख लक्षण (Symptoms of Hyperthyrodism in Hindi)

  • घबराहट और बेचैनी होना
  • अधिक पसीना आना
  • थकान और दिल की धड़कने तेज होना
  • आंखों में जलन होना
  • वजन तेजी से घटना
  • गर्मी ज्यादा लगना 
  • लगातार मल त्याग या दस्त होना
  • नींद आने में कठिनाई 
  • बाल कमजोर होना
  • खुजली होना
  • पुरुषों का स्तन बढ़ना
  • ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई
  • भूख काफी ज्यादा लगना
  • कैल्शियम की कमी
  • मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द
  • हाथ-पैरों का कांपना

इन लक्षणों के साथ-साथ अगर आपको चक्कर आना या फिर सांस लेने में कठिनाई हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। 

किन कारणों से होता है हाइपरथायरायडिज्म (Causes of Hyperthyrodism in Hindi)

हाइपरथायरायडिज्म कई कारणों से हो सकता है। 

हैशीमोटो डिजीज (Hashimoto’s disease) – हैशीमीटो डिजीज थायराइड ग्रंथि के किसी एक हिस्से को पूरी तरह से निष्क्रिय कर देता है। इस वजह से व्यक्ति को हाइपरथायरायडिज्म होने का खतरा काफी ज्यादा रहता है। 

आयोडीन की कमी - खाने में आयोडीन की कमी होने से भी व्यक्ति को थायराइड होने का खतरा रहता है। इसलिए अधिकतर डॉक्टर्स आपको आयोडीनयुक्त नमक खाने की सलाह देते हैं। आयोडीन की कमी के कारण घेंघा रोग होता है। घेंघा रोग से ग्रसित मरीजो को भी हाइपरथायरायडिज्म हो सकता है।

थायरोडिटिस (Thyroiditis)– थायराइड ग्रंथि में सूजन की वजह से थायरोडिटिस होता है। इस समस्या के शुरुआती दिनों में थाइराइड हार्मोन का अधिक उत्पादन होने लगता है और बाद में इसमें कमी आने लगती है। इन कारणों से भी व्यक्ति को हाइपरथायरायडिज्म (Hyperthyrodism) होने का खतरा बढ़जाता है। महिलाओं में गर्भावस्था के बाद यह समस्या काफी ज्यादा देखी गई है।

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ग्रेव्स डिजीज (Graves-disease)–युवाओं में  ग्रेव्स डिजीज हाइपरथायरायडिज्म का प्रमुख कारण बताया गया है। इस समस्या से ग्रसित मरीज का इम्यून सिस्टम ऐसे एंटीबॉडीज का उत्पादन करता है, जिससे शरीर में टीएसएच लेवल बढ़ता है। यह एक अनुवांशिक बीमारी होती है, जो पीढ़ी दर पीढ़ी होती रहती है।

विटामिन बी12(Vitamin B12)- शरीर में विटामिन बी‌12 की कमी के कारण भी हाइपरथायरायडिज्म (Hyperthyrodism) हो सकता है।

इन कारणों के अलावा लाइफस्टाइल में बदलाव, गर्भावस्था के दौरान और भोजन में सोया उत्पादन के अधिक इस्तेमाल से भी हायपरथायराइडिज्म होने का खतरा बढ़ जाता है।

हाइपरथायरायडिज्म की जांच  (hyperthyroidism Diagnosis in Hindi

शारीरिक परीक्षण- डॉक्टर अंकित बताते हैं कि शारीरिक परीक्षण के जरिए भी डॉक्टर्स हाइपरथायरायडिज्म की जांच करते हैं। इस परीक्षण के दौरान डॉक्टर आपकी उंगलियों, आंखों के रंग में बदलाव, स्किन की नमी इत्यादि की जांच करते हैं। इसके अलावा आपकी नब्ज चेक करते हैं।

थायराइड स्कैन - थायराइड की जांच के लिए डॉक्टर्स थायराइड स्कैन करवाने की सलाह देता है, जिसमें डॉक्टर यह पता लगाने की कोशिश करते हैं कि आपका थायराइड किता सक्रिया है।

कोलेस्ट्रॉल परीक्षण - इस परीक्षण में डॉक्टर कोलेस्ट्रॉल लेवल की जांच करते हैं। शरीर में कम कोलेस्ट्रॉल की मात्रा भी चयापचय दर (Metabolism Rate) का संकेत हो सकता है।

अल्ट्रासाउंड - अल्ट्रासाउंड के माध्यम से डॉक्टर थायराइड ग्लैंड की जांच करने की सलाह देता है। इस जांच में डॉक्टर गले के आकार को मापता है। इसके साथ ही डॉक्टर यह पता लगाने की कोशिश करता है कि ग्रंथि के आसपास कोई जमाव हो नहीं है।  

टीएसएच, टी 4, फ्री टी 4, टी 3 जांच- ब्लड टेस्ट के माध्यम से डॉक्टर टीएसएच, T3, T4 इत्यादि की जांच करते हैं।

इन जांच के अलावा डॉक्टर कभी-कभी मरीज को सीटी स्कैन करने की भी सलाह देते हैं। इन जांच के माध्यम से हाइपरथायरायडिज्म का पता लगाया जा सकता है। 

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हाइपरथॉयराइडिज्म से बचने के उपाय (Prevention of Hyperthyroidism in Hindi)

जीवनशैली में बदलाव और असंतुलित आहार की वजह से हाइपरथायरायडिज्म की समस्या (hyperthyroidism problem) होती है। ऐसे में आप अपनी जीवनशैली में बदलाव करके हाइपरथायरायडिज्म से बचाव कर सकते हैं। 

  • थायराइड से ग्रसित होने के बाद वसायुक्त आहार के सेवन से बचें।
  • भोजन में ज्यादा से ज्यादा फल और सब्जियों का इस्तेमाल करें। खासतौर पर हरी पत्तेदार सब्जियां और आयरनयुक्त आहार
  • डाइट में संपूर्ण भोजन तत्व जैसे-विटामिंस मिनरल्सयुक्त आहार को शामिल करके आप थायराइड को कंट्रोल कर सकते हैं। 
  • धूम्रपान और शराब का सेवन ना करें।
  • हमेशा आयोडीनयुक्त नमक का इस्तेमाल करें। 
  • जंक फूस्ड और पैक्ड फूड्स से दूर रहें।
  • खाने में साबुत अनाज अधिक से अधिक शामिल करें।
  • नियमित रूप से एक्सरसाइज करें।
  • नट्स, अखरोट, बादाम काजू और सूरजमुखी के बीजों का सेवन करें। डाइट में कॉपर की पर्याप्ता थायराइड को कंट्रोल कर सकती है।
  • दूध और दही का इस्तेमाल करें। 
  • विटामिन ए से भरपूर आहार का सेवन करें।
  • स्ट्रेस फ्री होने की कोशिश करें। 
  • मुलेठी थायराइड ग्रन्थि को कंट्रोल करने में आपकी मदद करता है। ऐसे में इसका इस्तेमाल करके आप थायराइड में होने वाले कैंसर को रोक सकते हैं। 

 
 
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