प्रेग्नेंसी में भी मुंह की सफाई है जरूरी, जानें आपके ओरल हेल्थ का गर्भ में पल रहे शिशु पर कैसा पड़ता है प्रभाव

Updated at: Jun 17, 2020
प्रेग्नेंसी में भी मुंह की सफाई है जरूरी, जानें आपके ओरल हेल्थ का गर्भ में पल रहे शिशु पर कैसा पड़ता है प्रभाव

गर्भवती मां के मुंह में बहुत सारे एसिड-लविंग बैक्टीरिया होते हैं, जो गर्भ में पल रहे शिशुओं को भी संक्रमित कर सकते हैं। 

Pallavi Kumari
महिला स्‍वास्थ्‍यWritten by: Pallavi KumariPublished at: Jun 17, 2020

जब आप गर्भवती होती हैं तो आपको अपना विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता होती है। यह एक स्वस्थ गर्भावस्था और प्रसव के लिए आवश्यक है। आपको अपने शरीर और दिमाग का पोषण करने की आवश्यकता है ताकि भ्रूण पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। ऐसे में शरीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के अलावा मुंह के स्वास्थ्य की देखभाल करना भी बेहद जरूरी है। दरअसल प्रग्नेंसी के दौरान गर्भवती मां में दांतों और मुंह (Tips For Oral Health During Pregnancy) से जुड़ी कोई भी परेशानी होना न केवल मां के लिए बुरा है, बल्कि बच्चे पर भी असर डाल सकता है। अगर आप अपना मुंह ठीक से साफ नहीं करते हैं, तो आप कई बीमारियों और संक्रमणों का जोखिम उठाते हैं। ये गर्भावस्था के जोखिमों को और बढ़ा सकता है।

insidepregnancyandoralhealth

गर्भावस्था में खराब मौखिक स्वास्थ्य का असर

एक मां के मुंह से बैक्टीरिया अजन्मे बच्चे को खून और एमनियोटिक द्रव के माध्यम से प्रेषित हो सकता है। यह समय से पहले प्रसव, समय से पहले संकुचन, या नवजात बच्चे के संक्रमण के जोखिम को बढ़ाता है। ये ऐसे होता है कि जब एक गर्भवती महिला के मुंह में अत्यधिक बैक्टीरिया का विकास होता है, तो यह उसके मसूड़ों से रक्तप्रवाह में प्रवेश कर सकती है और गर्भाशय की यात्रा कर सकती है। जो प्रोस्टाग्लैंडिंस नामक रसायनों के उत्पादन को ट्रिगर करती है, जो कि समय से पहले श्रम को प्रेरित करने के लिए संदिग्ध हैं। बच्चे के आने के बाद, मां संभावित रूप से अपने नवजात शिशु में अपने बैक्टीरिया को पास कर सकती है।

प्रेगनेंसी जिंजिवाइटिस से सावधान रहें

उपर्युक्त अध्ययन यह स्पष्ट करता है कि यह जरूरी है कि आप गर्भावस्था के दौरान अपना मुंह साफ रखें। यह न केवल गर्भवती मां को स्वस्थ रखता है बल्कि बच्चे को बीमारियों से बचाने में भी मदद करता है। गर्भावस्था के दौरान एक आम परेशानी की बात करें, तो ये मसूड़े की सूजन है। विशेषज्ञों का कहना है कि गर्भवती महिलाएं अपने मसूड़ों में सूजन और रक्तस्राव होने की शिकायत करती हैं। वास्तव में, 10 में से लगभग 8 महिलाएं मसूड़े की कमजोरी और अन्य मौखिक रोगों की शिकायत करती हैं। लेकिन अगर गर्भावस्था के दौरान मसूड़ों की बीमारियों का जल्द पता चल जाए, तो इसका आसानी से इलाज किया जा सकता है।

इसे भी पढ़ें : Pregnancy During COVID: इंफेक्शन के खतरों को रोकने और मां-बच्चे की सुरक्षा के लिए जरूरी है मैटरनल इम्यूनिटी

नियमित रूप से दो बार ब्रश न करना

गर्भावस्था में थकावट का एक नया स्तर होता है। नतीजतन, नियमित रूप से रात के समय ब्रश करना और फ्लॉसिंग करना कभी कभार छूट जाता है। इससे प्लाक और बैक्टीरिया का निर्माण हो सकता है और अंततः दांतों में सड़न हो सकती है।

इसे भी पढ़ें : प्रेगनेंसी में सुरक्षित और सेहतमंद रहने के नेचुरल तरीके, बता रही हैं आयुर्वेदिक एक्‍सपर्ट डॉक्‍टर प्रतिभा

हार्मोनल परिवर्तन से मां के मसूड़ों के स्वास्थ्य को खतरा होता है

गर्भावस्था के दौरान हार्मोनल परिवर्तन मां के मसूड़ों के स्वास्थ्य को खतरे में डाल सकते हैं और गर्भावस्था के मसूड़े की सूजन का कारण बन सकते हैं। मसूड़े की सूजन से पीरियडोंटाइटिस हो सकता है। मसूड़ों की बीमारी का एक और गंभीर रूप जिसमें हड्डियों का नुकसान भी शामिल है। शोध में पता चलता है कि ये बच्चे में भी मसूड़ों से जुड़ी परेशानी पैदा कर सकता है।

प्रेग्नेंसी के दौरान मुंह की सफाई के लिए टिप्स (Tips For Oral Health During Pregnancy)

  • -दिन में दो बार ब्रश करें, एक बार सुबह और एक बार बिस्तर पर जाने से पहले। इससे दांत की समस्याओं का खतरा लगभग 20 प्रतिशत कम हो जाएगा।
  • -एंटी-माइक्रोबियल माउथवॉश का इस्तेमाल करें। इससे आपके मसूड़े 100 फीसदी सुरक्षित रहेंगे। इससे मसूड़ों की बीमारियां भी लगभग 50 प्रतिशत कम हो जाती हैं।
  • -आपको अपने दांतों से नहीं लड़ना है। अपने मसूड़ों पर चोट से बचने के लिए हल्के से ब्रश करें।
  • -संतुलित और पौष्टिक आहार की योजना बनाएं, जिसमें बहुत सारे ताजे फल और सब्जियां शामिल हों। इससे आप अपने दांत स्वस्थ रहेंगे।
  • -तनाव से बचें, आराम करें और अपना ख्याल रखें। यह गर्भावस्था के दौरान मसूड़ों से खून बहने जैसी जटिलताओं से बचने में भी मदद करता है।

Read more articles on Women's Health in Hindi

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK