सो कर उठने के बाद होती है गैस और बदहजमी? जानें इस एसिड रिफ्लक्स को कम करने के लिए सोने का सही तरीका

Updated at: Nov 02, 2020
सो कर उठने के बाद होती है गैस और बदहजमी? जानें इस एसिड रिफ्लक्स को कम करने के लिए सोने का सही तरीका

आपके सोने का गलत तरीका गैस और बदहजमी की परेशानी को बढ़ा सकता है। आइए जानते हैं गैस की परेशानी से बचने का तरीका।

Pallavi Kumari
अन्य़ बीमारियांWritten by: Pallavi KumariPublished at: Oct 22, 2020

सोने के बाद कई लोगों को गैस और बदहजमी की परेशानी होती है। कई बार तो सुबह उठने के बाद भी लोगों को महसूस होता है कि वो जो खा कर सोए थे, वो अभी तक पचा नहीं। दरअसल इस परेशानी के पीछे एक बड़ा कारण आपका गलत तरीके से सोना हो सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि गलत पोजिशन में सोना एसिड रिफ्लक्स (acid reflux) को बढ़ावा देता है। वहीं अगर इस परेशानी को लंबे समत तक अनदेखा किया जाए, तो ये एसिड रिफ्लक्स सांस लेने में परेशानी पैदा कर, स्लीप एपनिया सहित अन्य नींद से जुड़ी बीमारियों का कारण बन सकता है।

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सोने का सही तरीका और एसिड रिफ्लक्स के बारे में जानने के लिए 'ऑनली माई हेल्थ' ने डॉ. कपिल शर्मा से बात की, जो कि गैस्ट्रो स्पेशलिस्ट हैं और दिल्ली के बत्रा हॉस्पिटल और मेडिकल रिसर्च सेंटर में कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि एसिड रिफ्लक्स के लक्षण आपके लेटने के बाद और अधिक तेज महसूस हो सकते हैं क्योंकि पेट के एसिड वापिस ऊपर की ओर चढ़ने लगते हैं। अगर आप भोजन करने के तुरंत बाद सो जाते हैं, या कुछ पाचन संबंधी विकारों से पीड़ित होते हैं, तो आप सोने के बाद सीने में जलन या गले में खट्टा स्वाद महसूस कर सकते हैं। यह तब होता है, जब पेट का एसिड एसोफेगस में जलन पैदा करता है। ऐसे में सबसे जरूरी ये है कि आप जानें कि आपको कैसे सोना चाहिए और कैसे नहीं (How to reduce stomach acid reflux during night)

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बैक स्लीपिंग से बचें 

बैक स्लीपिंग कई लोगों को पसंद होता है पर असल में ये जीईआरडी के लक्षणों को बढ़ा देता है। दरअसल रात में एसिड रिफ्लक्स से पीड़ित लोगों के लिए बैक स्लीपिंग सबसे खराब है। जब एसिड आपके पेट से निकल जाता है और आप अपनी पीठ के बल सपाट हो कर सो रहे होते हैं, तो यह आपके एसोफेगस से बाहर आता है और जलन पैदा करता है। इस स्थिति में, बदहजमी और गैस अक्सर अधिक महसूस होता है और लंबे समय तक सकता है। वहीं मोटे लोगों में इन लक्षणों की गंभीरता और भी बढ़ सकती है, जिसके कारण उनका पेट बाहर निकल सकता है। इन सबसे बचने के लिए कभी भी रात में बैक स्लीपिंग से बचें।

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राइट साइड सोना एसिड रिफ्लक्स के लिए सही नहीं है

कई लोगों को राइट साइड यानी कि दाहिनी ओर फ्लैट होकर सोने की आदत होती है। जब आप दाहिनी ओर सपाट हो कर सोते हैं, तो उस वक्त आपका पेट ऊपर की ओर यानी कि आपके अन्नप्रणाली के ऊपर होता है, जिसके कारण गैस बनना पर पेट से एसिड एसोफेगस के रास्ते ऊपर मुंह की ओर आ जाता है। इससे एसोफेगस भर जाता है और आपको खट्टी डकारें आती हैं। इस तरह आपको सोते-सोते ही गैस की परेशानी होती है और जब आप सो कर उठ जाते हैं, तब भी ये आपको खट्टी डकारें और सीने में जलन महसूस कराता है।

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लेफ्ट साइड सोना एसिड रिफ्लक्स को कम करता है 

एसिड रिफ्लक्स को कम करने के लिए सबसे सही सोने का पोजिशन है लेफ्ट साइड हो कर सोना। यानी कि अपनी बाईं ओर सोएं। इस तरह सोने गुरुत्वाकर्षण आपके बाईं ओर आपके पक्ष में काम करेगा क्योंकि आपका पेट अब आपके  एसोफेगस के नीचे होगा, जो एसिड रिफ्लक्स को ऊपर मुंह की ओरआने नहीं देगा। इस तरह आप लेफ्ट साइड सो कर गैस और बदहजमी की परेशानी से बच सकते हैं।

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ये सारी बाते अलग हैं, पर सबसे पहली कोशिश आपकी यही होनी चाहिए कि आप सोने से पहले खाने से बचें या तुरंत खा कर सोने से बचें। कभी भी खाना सोने से 2 से 4 घंटा पहले खाएं ताकि जब आप सोने जाएं, तो पच चुका हो आपको गैस या एसिड  रिफ्लक्स की परेशानी बिलकुल भी न हो। वहीं कोशिश करें कि रात का खाना हल्का ही रखें और खाने के बाद वॉक पर जाएं।

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