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जब सोना हो कांटैक्ट लेंस के साथ

आंखों के विकार By Anubha Tripathi , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Feb 24, 2014
जब सोना हो कांटैक्ट लेंस के साथ

कई बार जब आपको नींद आती हैं तो आप भूल जाते हैं कि आपने कांटैक्ट लेंस पहन रखे हैं। कांटैक्ट लेंस के साथ सोने से आंखों में खुजली, ड्राइनेस जैसी समस्या हो सकती है। इसलिए हमेशा कांटैक्स लेंस उतार कर ही सोने की सलाह दी जाती है।

कई बार जब आपको नींद आती हैं तो आप भूल जाते हैं कि आपने कांटैक्ट लेंस पहन रखे हैं। कांटैक्ट लेंस के साथ सोने से आंखों में खुजली, ड्राइनेस जैसी समस्या हो सकती है। इसलिए हमेशा कांटैक्स लेंस उतार कर ही सोने की सलाह दी जाती है।

कांटैक्ट लेंस के इस्तेमाल में बहुत ज्यादा सावधानी बरतनी पड़ती है और इसे हमेशा साफ रखना पड़ता है। अगर आप इसमें जरा भी लापरवाही करते हैं, तो इससे आपके आंख को नुकसान पहुंच सकता है। साथ ही अगर कांटैक्ट लेंस गंदा हो या बैक्टीरिया से बचाने के लिए उसे अच्छे से साफ न किया गया हो तो आंखों को नुकसान पहुंचने के साथ-साथ कई मामलों में रोशनी भी जा सकती है। सोते हुए आंखों में लेंस के लगे होने से कार्निया से जरूरी ऑक्सीजन नहीं मिल पाता है जिससे संक्रमण होने का खतरा हो सकता है। लेकिन कुछ जरूरी सावधानी बरत कर आप लेंस के साथ सो सकते हैं। जानें क्या हैं वें सावधानियां।

sleep with lense

केराटाइटिस का खतरा

अगर आपको नींद आ रही है और आपके समय है तो कांटैक्ट लैंस उतार लें या थोड़ी देर बाद पहनें। यूनिवर्सिटी ऑफ मैनेचेस्टर द्वारा कराए गए शोध में सामने आया कि लेंस लगाकर सोने वाले लोंगों में केराटाइटिस का संक्रमण होने का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा जो लोग सिलिकन हाइड्रोजेल लेंस के साथ सोते हैं उनमें केराटाइटिस जैसे संक्रमण के होने की आशंका कम होती है। कुछ सिलिकन हाइड्रोजेल लेंस पूरी रात भी पहने जा सकते हैं।


निश्चित समय के बाद लेंस बदल दें

अपने लेंस को समय- समय पर बदलते रहें। एक ही लेंस को काफी दिनों तक प्रयोग नहीं करना चाहिए। ऑल एबाउट विजन के मुताबिक सिलिकन हाइड्रोजेल लेंस को भी एक निश्चित समय के बाद बदल देना चाहिए। लेंस का बदलने का समय भी इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस तरह का लेंस प्रयोग कर रहे हैं। हो सकता है कि उसे एक हफ्ते या उससे अगले हफ्ते या महीने में बदलने की जरूरत पड़ें। अपने लेंस को समय-समय पर बदलने पर ही आपकी आंखे स्वस्थ रहेंगी। अगर आप लेंस पहन कर सोते हैं तो उसे समय पर बदलना और भी जरूरी है।


स्मोकिंग और स्वीमिंग के दौरान

अगर आप लेंस के साथ स्मोकिंग और स्वीमिंग करते हैं तो आपके लेंस के जल्द खराब होने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में उसी लेंस का बार-बार प्रयोग करना या सोते समय उन्हीं लेंस का प्रयोग आंखों में संक्रमण पैदा कर सकता है। इसलिए ध्यान रखें अगर आप इस तरह के क्रियाकलापों में भाग लेते हैं तो लेंस को समय-समय पर बदलते रहें नहीं तो यह आंखों के लिए नुकसानदेह हो सकता है।

cleanliness of lense

 

आंखों की गतिविधि पर नजर रखें

अगर आप लेंस के साथ सोते हैं तो अपनी आंखों की गतिविधि पर नजर रखें। इससे आप आंखों में होने वाले संक्रमण को जल्दी महसूस कर पाएंगे। अगर आपकों आंखों की रोशनी या गतिविधि में किसी तरह का बदलाव जैसे डबल दिखना, खुजली होना या लेंस लगाने में परेशानी महसूस होना। ये सब इशारे हैं कि आप अपने लेंस को बदल दें। अगर इसके बाद भी आराम ना मिलें तो डॉक्टर से मिलें और समस्या के बारे में बताएं।



लेंस की सफाई के समय ध्यान रखें

  • लेंस की सफाई के दौरान साल्यूशन अच्छे से लगाएं।
  • सफाई करते समय हाथ को एक सीध में आगे-पीछे करें।
  • लेंस रखने वाले डिब्बे को भी साफ रखें।  
  • अपने स्टोरिंग साल्यूशन को रोज बदलें।
  • लेंस लगाते समय आंखों को आराम महसूस होना जरूरी है।

 

 

कांटैक्ट लेंस का प्रयोग करने वाले लोगों को अगर लेंस के साथ सोन है तो ऊपर दिए गए स्वस्थ नुस्खों की मदद से वे आराम से सो सकते हैं।

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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