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कैसे जानें कि आपको 'फेफड़ों का कैंसर' है या नहीं: पढ़ें श्‍वसन रोग विशेषज्ञ की सलाह

कैंसर By अतुल मोदी , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Nov 14, 2019
कैसे जानें कि आपको 'फेफड़ों का कैंसर' है या नहीं: पढ़ें श्‍वसन रोग विशेषज्ञ की सलाह

Early Signs and Symptoms of Lung Cancer: फेफड़े का कैंसर पुरुषों में दूसरा सबसे आम कैंसर है और पुरुषों और महिलाओं दोनों में पांचवां सबसे आम कैंसर है।

फेफड़े का कैंसर (Lung cancer) एक ऐसे कैंसर को कहा जाता है जो फेफड़ों में शुरू होता है, जो धीरे-धीरे शरीर के अन्‍य अंगों में फैल सकता है। फेफड़े मनुष्‍य के शरीर (सीने में) में दो स्पंजी अंग हैं जो सांस लेने पर ऑक्सीजन लेते हैं और जब सांस छोड़ते हैं तो कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ते हैं।

जो लोग धूम्रपान करते हैं उन्हें फेफड़े के कैंसर का सबसे बड़ा खतरा होता है, हालांकि फेफड़ों का कैंसर उन लोगों में भी हो सकता है जिन्होंने कभी धूम्रपान नहीं किया है। आपके द्वारा धूम्रपान किए गए सिगरेट की संख्या और समय के साथ फेफड़ों के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। यदि आप कई वर्षों तक धूम्रपान करने के बाद भी धूम्रपान छोड़ देते हैं, तो आप फेफड़ों के कैंसर के विकास की संभावना को काफी कम कर सकते हैं।

फेफड़ों का कैंसर के शुरुआती संकेत- Early Sign Of Lung Cancer

डॉक्‍टर मनोज के गोयल, निदेशक और प्रमुख, पल्मोनोलॉजी, क्रिटिकल केयर, स्लीप मेडिसिन- फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट, गुरूग्राम के मुताबिक, "फेफड़ों के कैंसर के 75 प्रतिशत मामले एडवांस स्‍टेज में सामने आते हैं। शुरू में इसके कोई लक्षण नहीं दिखाई देते हैं। यह काफी बढ़ने के बाद ही पकड़ में आते हैं। फेफड़े के कैंसर को पकड़ने के लिए जागरूक रहने के साथ समय-समय पर जांच जरूर करवाने चाहिए।"

फेफड़ों के कैंसर के कुछ सामान्‍य लक्षण- Symptoms Of Lung Cancer

  • अत्‍यधिक खांसी
  • अचानक वजन का कम होना
  • मुंह से खून आना
  • सांस फूलना
  • बलगम आना 
  • छाती में दर्द 
  • सांस लेने में समस्‍या 
  • हड्डियों में दर्द, आदि

फेफड़ों का कैंसर किन कारणों से होता है- Causes Of Lung Cancer

डॉक्‍टर मनोज ने बताया कि, फेफड़ों के कैंसर की सबसे बड़ी वजह स्‍मोकिंग यानी धूम्रपान है। लेकिन कई बार यह उन लोगों को भी हो सकता है जो लोग धूम्रपान नहीं करते हैं। फेफड़ों के कैंसर के अन्‍य कारण भी हैं जैसे- इनडोर और आउटडोर पॉल्‍यूशन, पैसिव स्‍मोकिंग, कोलमाइन और फैक्ट्रियों में काम करने वाले जो प्रदूषण के बीच में काम करते हैं। इसके अलावा कई मामलों जेनेटिक फैक्‍टर भी होता है, जिनके परिवार में कभी इस तरह की समस्‍या हुई होती है उन्‍हें भी फेफड़ों का कैंसर होने की संभावना अधिक होती है।

डॉक्‍टर मनोज आगे कहते हैं कि, फेफड़ों का कैंसर उन लोगों को भी हो सकता है, जिनमें पुरानी फेफड़ों से संबंधी बीमारी है, जैसे- अस्‍थमा, श्‍वसन नली में सिकुड़न आदि। जो लोग 60 साल के हैं और काफी समय से धूम्रपान करते रहे हैं उन्‍हें भी फेफड़ों का कैंसर हो सकता है।

फेफड़ों के कैंसर का पता कैसे लगाएं- How to Diagnose Lung Cancer

डॉक्‍टर मनोज के गोयल कहते हैं कि "जैसा कि पहले बताया गया कि, फेफड़ों के कैंसर का पता एडवांस स्‍टेज हो पाता है। ऐसे में इसके कुछ शुरूआती संकेत हैं, जो शरीर से मिलने पर डॉक्‍टर के पास जा सकते हैं। ऐसी स्थिति में डॉक्‍टर सीटी स्‍कैन, लो-डोज सीटी स्‍कैन, चेस्‍ट एक्‍सरे और दूरबीन विधि से इसका पता लगाया जा सकता है। 

फेफड़ों के कैंसर से बचाव- Prevention of Lung Cancer 

फेफड़ों के कैंसर से बचाव के लिए जरूरी है कि आप हेल्‍दी डाइट लीजिए, धूम्रपान से दूर रहें इसके अलावा अगर आप किसी प्रदूषित जगह में रहते हैं तो अपना स्‍थान परिवर्तित कीजिए।

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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